नोएडा के इस अस्पताल में 1 रुपये में इलाज : गरीबों का 'संजीवनी केंद्र', ऐसे उठाएं लाभ
Noida News :
नोएडा
RP Raghuvanshi
03 Aug 2025 12:59 AM
नोएडा जैसे महानगर में, जहां निजी अस्पतालों की मोटी फीस आम आदमी की कमर तोड़ देती है, वहीं सेक्टर-39 स्थित नोएडा जिला अस्पताल एक अलग ही उदाहरण पेश कर रहा है। यहां मात्र 1 रुपये के शुल्क पर गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। वह भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में। इस पहल ने इस अस्पताल को वास्तव में गरीबों के लिए संजीवनी केंद्र बना दिया है।
महज एक रुपये में इलाज की सुविधा ने न केवल नोएडा बल्कि एनसीआर क्षेत्र के हजारों जरूरतमंद मरीजों को राहत दी है। बदलते मौसम में जहां डायरिया, वायरल, टाइफाइड जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, वहां यह अस्पताल मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए वरदान बनकर उभरा है। Noida News :
इलाज की आधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ सेवा
अस्पताल में रोजाना करीब 3,500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। त्वचा रोग, ईएनटी, बाल रोग, दंत चिकित्सा, जैसे कई विभागों में नियमित रूप से इलाज हो रहा है। कम खर्च में सर्जरी भी की जा रही है, जिससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता घटी है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय राणा के अनुसार, सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने अब शासन से हृदय रोग, मस्तिष्क रोग जैसे जटिल क्षेत्रों के लिए सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की मांग की है। इसका उद्देश्य यह है कि गंभीर रोगों का इलाज भी कम लागत पर, उसी भरोसे और दक्षता के साथ किया जा सके।
भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम
रोजाना बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है। रोजाना 100 ओपीडी मरीजों को टोकन दिया जाता है।
60 टोकन भर्ती और आपातकालीन मरीजों के लिए आरक्षित होते हैं। हर दिन टोकन का रंग बदला जाता है। पहले दिन हरा, दूसरे दिन नारंगी ताकि व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे। पर्ची बनवाने का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक। चिकित्सा परामर्श दोपहर 2 बजे तक डॉक्टर मरीजों की जांच करते हैं। टोकन प्राप्त करने के लिए सुबह समय से पहुंचना जरूरी है। नोएडा जिला अस्पताल अब केवल एक सरकारी संस्थान नहीं रहा, बल्कि यह जरूरतमंदों के लिए आशा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जहां स्वास्थ्य सेवा को वास्तव में 'सुलभ और सर्वसुलभ' बनाया जा सके।