
Noida News : सुपर ठग के नाम से कुख्यात सुपरटेक बिल्डर के मालिक आर.के. अरोड़ा द्वारा बनाया गया ट्विन टॉवर आज ही के दिन धूल में मिला था। ट्विन टॉवर को RDX लगाकर एक साल पहले आज ही के दिन जमीन पर गिरा दिया गया था। भ्रष्टाचार की इस इमारत को बनवाने में मदद करने वाले तमाम सरकारी अफसर अभी आजाद हैं और भ्रष्टाचार की कमाई से खूब मौज-मस्ती कर रहे हैं।
आपको बता दें कि आज ही के दिन 28 अगस्त 2022 को नोएडा शहर के सेक्टर-93ए में ट्विन टॉवर को बम लगाकर तोड़ दिया गया था। 800 करोड़ रूपए की कीमत से बने ट्विन टॉवर को तोड़े जाने की आज पहली बरसी है। आज ही के दिन भारत की सबसे बड़ी अदालत सुुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्विन टॉवर को उड़ा दिया गया था।
28 अगस्त 2022 को नोएडा के सेक्टर-93ए व उसके आसपास सन्नाटा था। हर कोई यह जानना चाहता था कि भ्रष्टाचार करके बनाई गई 800 करोड रूपए कीमत वाली 100 मीटर की इमारत कैसे टूटेगी। दोपहर ठीक 2.30 बजे विशेषज्ञों ने RDX का रिमोट दबाया। मात्र 9 सेकेण्ड में दुनिया भर में चर्चित रहा ट्विन टॉवर मलबे में बदल गया। यह भारत में पहली घटना हुई जब किसी इमारत को विस्फोट लगाकर चंद सेकेण्ड में धूल में बदल दिया गया। ट्विन टॉवर को तोडऩे के लिए "जल प्रपात विस्फोट" का सहारा लिया गया था।
नोएडा शहर के सबसे महंगे सेक्टर-93ए में बना हुआ ट्विन टॉवर तो टूट गया। इस टॉवर को बनाने वाला "सुपरठग" नाम से कुख्यात सुपरटेक बिल्डर कंपनी का मालिक आर.के. अरोड़ा भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद है। इसके ठीक विपरीत जिन अफसरों ने ट्विन टॉवर के लिए जमीन आवंटित की थी। जिन अफसरों ने ट्विन टॉवर का नक्शा पास किया था, जिनकी देखरेख में भ्रष्टाचार की यह इमारत खड़ी हुई थी वह सब आजाद घूम रहे हैं। देश का 800 करोड़ रूपये, हजारों श्रमिकों का श्रम व देश की ढ़ेर सारी संपदा मिट्टी बन गयी, किन्तु ट्विन टॉवर को बनवाने वाले अफसरों का आज तक बाल भी बांका नहीं हुआ है।
Read Also - क्या है नोएडा, दिल्ली में लॉकडाउन का असली सच ? 10 प्वाइंट में आपके हर सवाल का जवाबसब जानते हैं कि भ्रष्टाचार की इस इमारत को बनवाने में सबसे बड़ा योगदान नोएडा प्राधिकरण के उस समय के CEO सरदार मोहिंदर सिंह का था। यूपी कैडर के IAS अधिकारी रहे मोहिंदर सिंह अब रिटायर हो चुके हैं। रिटायर होने के बाद यह शख्स फिर कभी नोएडा में कभी नजर नहीं आया। उसे पता था कि उसने नोएडा में इतने बड़े-बड़े "खेल" किए हैं कि जितना कोई सोच भी नहीं सकता है। भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी इमारत ट्विन टॉवर के लिए सस्ते दामों पर जमीन आवंटित करने से लेकर उसे बनाने की मंजूरी देने के लिए यदि कोई सरकारी अधिकारी सबसे बड़ा जिम्मेदार है तो उस शख्स का नाम है रिटायर IAS अफसर मोहिंदर सिंह।
https://www.youtube.com/watch?v=MBl3Gqdkm_Eट्विन टॉवर के मामले की जांच के लिए नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन CEO रितु माहेश्वरी ने एक जांच कमेटी बनाई थी। उस जांच कमेटी का इंचार्ज नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन OSD सौम्य श्रीवास्तव को दिया गया था। सौम्य श्रीवास्तव बहुत अर्सा पूर्व नोएडा प्राधिकरण से स्थानांतरित होकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में जा चुके हैं। भ्रष्टाचार के सबसे बड़े "खेल" की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है।
जानकार लोगों का कहना है कि जांच के नाम पर केवल लीपा-पोती की गई है। लोगों का यह भी कहना है कि नोएडा के तत्कालीन CEO मोहिंदर सिंह ने हजारों करोड़ रूपये के घपले-घोटाले किए थे। आज तक एक भी मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मोहिंदर सिंह को उस समय जिन राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त था। उन नेताओं ने आज देश व प्रदेश में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी का संरक्षण प्राप्त कर लिया है। ये ही राजनेता ट्विन टॉवर की जांच को दबवा कर बैठे हैं। जांच के नाम पर एक और "खेल" चला रहा है। Noida News
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