
Noida News : नोएडा में एक ऐसी कंपनी का शुभारंभ हुआ है, जिसमें हर महीने दो लाख स्मार्ट मोबाइल फोन तैयार किए जाएंगे। इतनी भारी तादाद में मोबाइल फोन का निर्माण करने वाली यह कंपनी अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी देगी। यदि आप भी नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो आप इस कंपनी में नौकरी के लिए अवश्य ट्राई कर सकते हैं। केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिक मंत्री अश्वनी वैष्णव ने गुरुवार को नोएडा के सेक्टर 68 में डिक्सन टेक्नोलॉजी प्रा. लि. की नई इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकाई का विद्युत विधिवत उद्घाटन किया।
नई मैन्युफैक्चरिंग इकाई इलेक्ट्रानिक उत्पादों के साथ साथ स्मार्ट फोन का उत्पादन करती है। इस इकाई की शुरूआत होने से नोएडा में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा कि आज भारत में इस्तेमाल किए जाने वाले स्मार्ट फोन 99 प्रतिशत से ज्यादा स्थानीय स्तर पर निर्मित हो रहे हैं। मोबाइल विनिर्माण उद्योग 44 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि अब नोएडा में सबसे ज्यादा मोबाइल फोन बनेंगे।
आपको बता दें कि नोएडा में आज से शुरु हुई इस नई इकाई की उत्पादन क्षमता 25 मिलियन वार्षिक मोबाइल उत्पादन करने की है। यह यूनिट 2.7 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बनाई गई है। इसको विकसित करने में 256 करोड रुपये का निवेश किया गया है। इस मौके पर अध्यक्ष और निदेशक, डिक्शन टेक्नोलॉजी सुनील वाचानी तथा प्रबंध निदेशक एवं वाइस चेयरमैन अतुल लाल समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
मीडियाकर्मियों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम पूरी तरह सफल बताया है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के जमाने में बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की हालत खराब थी। भ्रष्टाचार की वजह से विदेशों में साख खराब थी। जिससे निवेश नहीं आ रहा था। जबकि पिछले 10 साल में भाजपा सरकार में हालात बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल या ऑटोमोबाइल फैक्ट्री में प्रोडक्शन लाइन पर छोटे-छोटे पुर्जों को जोड़कर जब उत्पाद बनता है। वह असेंबलिंग नहीं मैन्युफैक्चरिंग है। आज देश में भारत में बने 99 फीसदी फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना से मोबाइल उत्पादन की दिशा बदल गई है। आज भारत में बने फोन की आपूर्ति यूरोप और अमेरिका तक की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस (AI) के डीपफेक जैसे दुरुपयोग को रोकने के लिए गंभीरता से काम हो रहा है। पिछले दिनों इंटरनेट के जरिये ऐसी कंपनियों के लिए कंटेंट के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने वाली कंपनियों की बैठक बुलाई गई थी। ऐसे फेक कंटेंट को हटाया जा रहा है। आगे भी ऐसे कंटेंट न उपलब्ध हों इसके लिए सभी कंपनियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। दुरुपयोग को रोकने के लिए भविष्य में जरूरत होने पर विस्तृत नीति भी सरकार लेकर आएगी। आर्थिक ठगी व अन्य साइबर क्राइम भी काफी कम हो गया है।