
Noida News / नोएडा। पिछले कुछ समय से अपनी बेतुकी बातों को लेकर सुर्खियों में आए आजतक के पत्रकार सुधीर चौधरी की केंद्रीय मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री स्मृति ईरानी ने लाइव इंटरव्यू के दौरान बेइज्जती कर दी। बेइज्जती भी ऐसी कि सुधीर चौधरी देखते ही रहे गए।
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले देशभर में टमाटर की कीमतें आसमान छू रही थीं। तो इसी दौरान आज तक जी20 शिखर सम्मेलन में बातचीत के दौरान, चौधरी ने ईरानी से पूछा, "क्या आपके घर में तब चर्चा हुई थी जब टमाटर 250-300 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहे थे?" इतने में ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आपा खो दिया और पत्रकार सुधीर चौधरी को जेल की याद दिला दी।
इसके जवाब में स्मृति ईरानी ने कहा कि चौधरी इस मुद्दे को महत्वहीन बना रहे हैं। इसके बाद आज तक के पत्रकार एवं एंकर सुधीर चौधरी ने केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया को 'व्हाटअबाउटरी करार दिया। नाराज ईरानी ने सुधीर चौधरी से सवाल किया कि, मैं सुधीर जी से भी पूछ सकती हूं कि जब आप जेल में थे तो क्या हुआ था?' सुधीर चौधरी और स्मृति इरानी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर यूजर सुधीर चौधरी को खरी खोटी सुना रहे हैं।
https://twitter.com/Vinaysheel_cg/status/1692929107108266361?t=UEOjOfoU5ofMAvGqH3i9Hg&s=08शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को स्मृति ईरानी के इंटरव्यू पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट लिखा कि "टमाटर की कीमत के बारे में पूछे जाने पर मैडम मंत्री ने एक सुस्थापित भाजपा समर्थक एंकर पर व्यक्तिगत हमला क्यों किया ? हमें संसद के अंदर मणिपुर के बारे में उनकी एक प्रतिक्रिया याद दिलाती है, जवाबदेही के बारे में कम लेकिन अन्य राज्यों को नुकसान पहुंचाने के बारे में अधिक बात की। लेकिन हां, घर में कलेश देखना मजेदार है।...साबुन युग कभी खत्म नहीं होता है.. बस मनोरंजन से समाचार मनोरंजन की ओर बढ़ गया है।
एक यूजर @HansrajMeena लिखते हैं, ''आज तक के एंकर सुधीर चौधरी ने जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से टमाटर पर सवाल पूछा, तो स्मृति ईरानी ने सुधीर चौधरी को तिहाड़ जेल की याद दिला दी। इतने साल की भक्ति का यह परिणाम? क्या आगे सुधीर का जमीर जागेगा??''
एक अन्य यूजर जान मोहम्मद लिखते हैं कि इतना कठिन तो सवाल नहीं पूछा था, फिर भी कैमरे के सामने इतनी बेज्जती कर दी।
ट्विटर यूजर @DevenderYadav_ लिखते हैं कि गोदी मीडिया अपना सम्मान खो चुका हैं। आज अहंकारी स्मृति आंटी ने सुधीर चौधरी को उसकी औकात दिखा दी। अब भी समय हैं, सुधर जाओ गोदी मीडिया वालों, वरना ये अहंकारी सरकार किसी को नहीं छोड़ेगी।
एडवोकेट विपिन नागर ने ट्विट करते हुए लिखा है कि, "भाजपा के सरकारी प्रवक्ता और तिहाड़ के मूलनिवासी मेरे बड़े भाई सुधीर चौधरी के साथ कल लाइव इंटरव्यू मे जो घटना घटी वो लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है, एक तरफ हम कल परसो में विश्व गुरु बनने वाले है वहीं दूसरी तरफ एक सरकारी प्रवक्ता जिसने तिहाड़ जैसी दुर्लभ ईमारतों में जाकर रिपोर्टिंग की हो कल उसी सरकारी प्रवक्ता के साथ लगभग पूरी तरह अनपढ़ और घमंडी मंत्री के द्वारा सरेआम शाब्दिक मा" रपीट करना मेरी स्वयं की नजर मे सही नहीं!!
सुबह के 5:21 पे मैंने अपनी फेसबुक / ट्विटर /एक्स की ज़िन्दगी मे शायद ही कोई पोस्ट लिखी हो लेकिन आज लिखनी पड़ रही है वो इसलिए नहीं कि मुझे इस सरकारी पत्रकार की इस छि" ताई से अत्यंत खुशी हो रही बल्कि इसलिए कि भाजपा राज मे 24 मे से पुरे 24,25 घंटे बिजली आ रही है और इन्वर्टर ज्यादा चार्ज होने की वजह से एयर कंडीशनर ठंडी हवा की जगह बर्फ की सिल्ली फेंकने लगा है अतः मजबूरी वश मुझे छत पर आकर टेम्परेचर को मैनेज़ करना पड़ा और ये पोस्ट लिखनी पड़ी!!
धन्यवाद आदरणीय योगी जी हर गली मोहल्ले के बाहर सबके लिए न्यारे न्यारे पावर प्लांट लगाने के लिए!!
मैं सुबह कभी जल्दी नहीं उठता लेकिन योगी राज की शानदार बिजली व्यवस्था के कारण ये सब सम्भव हो पाया है मैं आज सुबह जल्दी उठ पाया इसके लिए मैं आपका आजीवन ऋणी रहूंगा योगी जी!!"
आपको बता दें कि नवंबर 2012 में सुधीर चौधरी और उनके सहयोगी समीर अहलूवालिया को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। ऐसा तब हुआ जब बड़े कारोबारी नवीन जिंदल ने दावा किया कि दोनों पत्रकारों ने उनकी कंपनी से 100 करोड़ के विज्ञापनों की उगाही करने का प्रयास किया था। बदले में, वे कथित तौर पर जिंदल समूह को कोलगेट घोटाले से जोड़ने वाली कहानियों को दबाने के इच्छुक थे।परिणामस्वरूप, जमानत पर रिहा होने से पहले पत्रकारों को तिहाड़ जेल में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया। Noida News