
नोएडा के बिजली विभाग ने एक अनोखा फरमान जारी किया है। यह फरमान किसी आम व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि हजारों मरीजों की जान बचाने वाले सरकारी अस्पताल के खिलाफ है। नोएडा शहर के सेक्टर-39 में स्थित सरकारी विभाग के अधिकारियों को नोएडा के बिजली विभाग ने साढ़े चार करोड़ रूपए जमा करने का फरमान सुनाया है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन (UPPCL) की तरफ से नोएडा के सेक्टर-39 में स्थित अस्पताल में बिजली सप्लाई को सुचारू व्यवस्था के लिए सैपरेट लाइन डालने का काम चल रहा था। इस काम को नोएडा में तैनात बिजली विभाग के अधिकारियों ने बीच में ही बंद कर दिया है। बिजली विभाग ने सरकारी अस्पताल के अधिकारियों से कहा है कि वे कम से कम साढ़े चार करोड़ रूपए बिजली विभाग के खाते में जमा कराएं। पैसा जमा न कराने की स्थिति में बिजली की सैपरेट लाइन नहीं डाली जा सकती है।
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-39 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। इस अस्पताल को भी पूरे शहर की तरह UPPCL बिजली की आपूर्ति करता है। आरोप है कि लाइनों में खराबी व टूट-फूट के कारण अस्पताल की बिजली आपूर्ति आए दिन ठप्प रहती है। इस कारण नोएडा के सरकारी अस्पताल में सीएमएस ने बिजली विभाग से कहा था कि सरकारी अस्पताल के लिए अंडर ग्राउंड सैपरेट बिजली की लाइन डाल दी जाए।
इस मांग के आधार पर नोएडा में तैनात बिजली विभाग के अधिकारियों ने अंडर ग्राउंड लाइन सैपरेट लाइन डालने के लिए 10 करोड़ रूपए का टेंडर जारी किया था। इस टेंडर के आधार पर पांच किमी लम्बी बिजली की लाइन डालने का काम भी शुरू हो गया था। अब अचानक नोएडा में तैनात बिजली विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल की लाइन डालने का काम बंद कर दिया है। साथ ही नोएडा के जिला अस्पताल के सीएमएस को फरमान सुना दिया है कि बिजली विभाग के खाते में साढ़े चार करोड़ रूपए जमा करें तो ही अलग लाइन से बिजली मिलेगी।
नोएडा में तैनात बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने इस फरमान की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को बता दिया गया है कि साढ़े चार करोड़ रूपए जमा करने के बाद ही बिजली की अलग लाइन डालने का काम शुरू किया जा सकेगा। यह मामला पूरे नोएडा, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।