
Noida News : नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में रीयल स्टेट कारोबार से जुड़े छोटे बड़े बिल्डरों पर UP RERA (उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण) एक बड़ा काम करने जा रहा है। UP RERA रीयल स्टेट का काम करने वाले तमाम बिल्डरों के बैंक खातों पर भी अपनी पैनी नजर रखेगा। अब अगर बिल्डर प्रोजेक्ट के बैंक खाते से देनदारी में गड़बड़ी करता है तो यूपी रेरा उसका ऑडिट कराएगा और गड़बड़ी मिलने पर बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
आपको बता दें कि UP RERA बिल्डर प्रोजेक्टों के तीन बैंक खाते जरूरी कर दिए थे। अब बैंक खातों के संचालन के संबंध में भी यूपी रेरा ने नियम जारी किए हैं। नियमों के तहत बैंक खाता खोलने, उनका संचालन, परिवर्तन और बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। बिल्डरों को प्रोजेक्ट के बैंक खातों का हर वर्ष ऑडिट कराना होगा। वित्तीय वर्ष बीतने के बाद छह माह के अंदर यूपी रेरा की वेबसाइट पर ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। अगर बैंक खातों में अनियमितता की गंभीर शिकायत मिलेगी तो किसी नामी फर्म से बैंक खातों का ऑडिट कराया जाएगा। उस पर आने वाला खर्च संबंधित बिल्डर से वसूला जाएगा। अगर अनियमितता मिलती है तो संबंधित बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
UP RERA के अफसरों ने बताया कि अगर बिल्डर को बैंक खाते में संशोधन करना है तो उसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिस पर यूपी रेरा विभिन्न परिस्थितियों में ही स्वीकृति प्रदान करेगा। अगर पंजीकरण के समय बैंक खाता नहीं है, एक बैंक खाते का प्रयोग कई प्रोजेक्ट में होने पर, प्रोजेक्ट व बैंक खाता अलग-अलग जिले में होने पर और अन्य बैंक के संबंधित बैंक का अधिग्रहण करने की दिशा में परिवर्तन की अनुमति दी जा सकती है। इसी तरह बैंक खाते को बंद करने की अनुमति भी नियमों के तहत दी जाएगी।
यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि यूपी रेरा संतुष्ट होने के बाद ही प्रोजेक्ट के सेपरेट अकाउंट को बंद करने व शेष धनराशि को निकालने की अनुमति देगा। अगर बिल्डर देनदारी के संबंध में गलत जानकारी देकर खाता बंद कराता है तो उस दिशा में भी बिल्डर अपनी देनदारी से मुक्त नहीं होगा।