
Noida News : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह कहते थे कि हिन्दुस्तान में दो देश बसते हैं। भारत यानि गांव और दूसरा है इंडिया यानि शहर। ऐसा ही कुछ नजारा आजकल भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों की आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उनके गांव की बगल में स्थित शहर में तो घरों में पानी की भरपूर सप्लाई है किंतु गांव वाले पानी के लिए तरस रहे हैं।
आपको बता दें कि सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफार्म ट्विटर पर अनेकों ट्विट में गांव व शहर के बीच भेदभाव का आरोप लगाया है। आरोप जीने के लिए जरुरी तत्व पानी को लेकर है। आरोप है कि गांव से सटे शहर मे तो सामान्य पानी के साथ गंगा जल तक की आपूर्ति की जा रही है किंतु गांव में पानी की एक बूंद तक नहीं है।
गांव व शहर में यह भेदभाव के आरोप रोज लगते हैं। ताजा मामला यूपी के नोएडा शहर से जुड़ा हुआ है। नोएडा शहर के बीचोबीच स्थित बरौला गांव के रहने वाले सामाजिक काय्रकर्ता नरेंद्र सिंह बसौया ने ट्विट करके यह मामला उठाया है। अपने ट्विट में नरेंद्र ने लिखा है कि बरौला गांव में एक सप्ताह से सप्लाई का पानी नहीं आ रहा है। नरेंद्र के ट्विट को अनेक लोगों ने रिट्विट करते हुए टिपपणियां लिखी हैं।
https://twitter.com/KVSGURJAR/status/1689823572846399489?t=IweMJR-ptpaJ5EUTK2O0Sg&s=08दूसरे सामाजिक कार्यकर्ता कर्मवीर गुर्जर लिखते हैं कि गांव से सटे हुए शहरी सेक्टर में गंगा जल की भरपूर आपूर्ति हो रही है। गांव के लिए गंगा जल तो दूर की बात है। साधारण पानी के एि भी गांव वाले तरस गए हैं। समाचार लिखे जाने तक यह समस्या बनी हुई थी। लगातार ट्विट करने पर भी नोएडा प्राधिरण की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। Noida News