Noida News : उत्तर प्रदेश का नोएडा शहर अनेक मामलों में प्रसिद्ध शहर है। नोएडा शहर को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी भी कहा जाता है। नोएडा शहर एशिया का प्रसिद्ध औद्योगिक नगर है। लेकिन क्या आपको पता है कि जहां आज नोएडा शहर बसा हुआ है उसी धरती पर 221 वर्ष पूर्व एक भयंकर युद्ध लड़ा गया था। यह युद्ध मराठा सैनिकों व अंग्रेजों के बीच लड़ा गया था। उस युद्ध की याद में नोएडा शहर में आज भी एक विशाल स्तंभ स्थापित है।
आज जिस धरती पर UP का नोएडा शहर बसा हुआ है। उस धरती का एक लम्बा और शानदार इतिहास है। नोएडा तथा इसके आसपास रहने वाले गुर्जर समाज का अंग्रेजों के साथ अनेक बार मुकाबला हुआ था। लम्बे समय तक गुर्जर योद्धाओं ने अंग्रेजों को दिल्ली व नोएडा के बीच स्थित यमुना नदी को पार नहीं करने दिया था। अंग्रेज शासक गुर्जरों के युद्ध कौशल तथा उनकी युद्ध नीति से घबराते थे। यही कारण है कि अंग्रेजों ने दुश्मनी के कारण गुर्जर समाज को अपराधिक जाति (क्रिमनल ट्राईब) घोषित कर दिया था। यह इतिहास तो काफी लोगों का पता है किन्तु अब से ठीक 221 वर्ष पहले 1803 में भी नोएडा की धरती पर एक युद्ध लड़ा गया था। उस युद्ध के विषय में बहुत कम लोगों को पता है। भयंकर युद्ध लड़ा गया था नोएडा की धरती पर
यह वर्ष-1803 के सितंबर महीने की बात है। उस समय दिल्ली पर शाहआलम का कब्जा था। बादशाह शाहआलम ने अपनी तथा अपने राज्य की रक्षा के लिए दुनिया के उस समय के सबसे बहादुर योद्धा माने जाने वाले मराठा सरदार दौलत राव सिंधिया को अपना सेनापति बना रखा था। इन्हीं दौलत राव सिंधिया की अगुवाई में वर्ष-1803 में अंग्रेजों की फौज तथा मराठाओं के बीच भीषण युद्ध हुआ था। यह युद्ध नोएडा में ठीक उस स्थान पर हुआ था जहां आज नोएडा का प्रसिद्ध मनोरंजन व खेल स्थल गोल्फ कोर्स स्थापित है। नोएडा के सेक्टर-38 में स्थित इसी गोल्फ कोर्स की जमीन पर अंग्रेजों तथा मराठाओं के बीच भयंकर युद्ध हुआ था। अंग्रेजों की छल-कपट वाली नीति के कारण उस युद्ध में मराठा हार गए थे।
आपको बता दें कि नोएडा शहर के सेक्टर-38 में स्थित नोएडा गोल्फ कोर्स में एक ऊंचा सा युद्ध स्तम्भ आज भी मौजूद है। नोएडा के इस स्तंभ के अभिलेख में लिखा है कि इस स्थान के पास सितंबर 1803 को दिल्ली की सल्तनत के लिए भीषण युद्ध हुआ था, जिसमें मराठों की सेना ने ब्रिटिश सेना का जमकर मुकाबला किया था। इस युद्ध में जनरल जेरार्ड लेक की ब्रिटिश सेना को जीत मिली थी। भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेस्ली को लिखे एक पत्र में विजयी ब्रिटिश जनरल लेक ने कहा है कि युद्ध के लिए मराठों ने यमुना नदी को पार कर लिया था। उन्होंने ब्रिटिश सेना पर इतना जोरदार हमला बोला कि सेना के अधिकारियों और सैनिकों को काफी नुकसान हुआ। इतिहासकारों के अनुसार, मराठा सेनाएं अंग्रेजों की छल-कपट नीति के कारण हार गई थी।
नोएडा का गोल्फ कोर्स निर्णायक युद्ध के स्मारक स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां पर 1803 में हुए ब्रिटिश-मराठों के बीच भीषण युद्ध को इतिहास का निर्णायक युद्ध कहा जाता है। गोल्फ कोर्स में इससे जुड़ा स्मारक स्थल बना हुआ है। यह युद्ध 200 साल से भी पहले हुआ था।
नोएडा शहर की जिस धरती पर गोल्फ कोर्स स्थापित है। यह धरती नोएडा में स्थित बरौला तथा निठारी गांव की हुआ करती थी। शायद अब आपको पता चल गया होगा कि आज दुनिया भर में प्रसिद्ध नोएडा शहर की धरती सदियों से प्रसिद्ध धरती रही है।