
Noida News / पिछले दिनों प्रयागराज में हुए राजू पाल हत्याकांड के बाद यूपी सरकार और पुलिस माफियाओं के खिलाफ खिलाफ अभियान चलाए हुए है। कुख्यात डॉन अतीक अहमद गिरोह के कई सदस्यों, वेस्ट यूपी के कुख्यात अनिल दुजाना समेत कई गैंगस्टरों को मिट्टी में मिलाया जा चुका है, लेकिन हम आपको बताते हैं कि यूपी की सत्ता में योगी बाबा के आने से पहले एक सुपर कॉप थे। इन सुपर कॉप का नाम सुनते ही बड़े से बड़े माफिया थर थर कांपने लगते थे। सुपर कॉप के आने की खबर मात्र से ही माफिया इलाका छोड़कर भाग जाते थे। ये सुपर कॉप एक बार फिर से चर्चाओं में आ गए हैं। आखिर ये सुपर कॉप हैं कौन और फिर से क्यों चर्चाओं में आ गए, आइए जानते हैं...
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद के अविनाश मिश्रा 1982 में बतौर सब-इंस्पेक्टर यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। पुलिस में भर्ती होने के बाद अविनाश मिश्रा को पहली पोस्टिंग मेरठ मिली थी।
अविनाश मिश्रा ने अपनी पोस्टिंग के पहले साल ही तीन एनकाउंटर कर दिए थे। 1990 के दशक में अविनाश मिश्रा ने कई ऐसे कारनामे किए, जिसके चलते उनके नाम से ही अपराधियों में खौफ रहता था। जिसके बाद वें सुपर कॉप के नाम मशहूर हो गए।
सुपर कॉप के नाम से मशहूर अविनाश मिश्रा ने पुलिस में सेवा देते हुए कुल 150 के करीब एनकाउंटर किए। लेकिन उनके द्वारा किया गया श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर आज भी लोगों के जहन में है। दरअसल 1990 के दशक में यूपी में नामी बदमाश श्रीप्रकाश शुक्ला का काफी आतंक था। यहां तक कि उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह तक की हत्या की सुपारी ले ली थी।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में श्रीप्रकाश शुक्ला का आतंक खत्म करने के लिए एसटीएफ का गठन किया गया। अविनाश मिश्रा यूपी एसटीएफ के फाउंडिंग मेंबर हैं। यूपी पुलिस की इसी टीम ने 22 सितंबर 1998 को एक एनकाउंटर में श्रीप्रकाश शुक्ला को मार गिराया था। जिसके लिए इस टीम को प्रेसिडेंट मेडल भी मिला था। अविनाश मिश्रा के एनकाउंटर की लिस्ट काफी लंबी है।
अविनाश मिश्र ने श्रीप्रकाश शुक्ला के अलावा कलकत्ता में एनकाउंटर, सत्तू पांडेय, सचिन पहाड़ी, अवधेश शुक्ला, अशोक सिंह, महेंद्र फौजी, निर्भय गुर्जर, हसन पुड़िया जैसे अपराधियों का भी एनकाउंटर किया। अविनाश मिश्रा की माफ़िया डॉन मुन्ना बजरंगी से मुठभेड़ हुई थी। 1998 को दिल्ली का समयपुर बादली इलाके में स्पेशल टास्क फोर्स और दिल्ली पुलिस ने मुन्ना बजरंगी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थी। लेकिन 11 गोली लगने के बाद भी वो जिंदा बच गया था।
अविनाश मिश्रा ने एसटीएफ के गठन के बाद 2009 तक एसटीएफ में कार्यरत रहे। उसके बाद 2018-19 तक एटीएस में अपनी सेवाएं दी। अविनाश बताते हैं कि, मैंने फिजिकल एजुकेशन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। अविनाश मिश्रा के फ्रीडम फाइटर पिता को पसंद नहीं था कि वे पुलिस में जाएं, लेकिन वह जिद करके पुलिस में भर्ती हुए।
दरअसल, जियो सिनेमा ओटीटी पर एक्टर रणदीप हुड्डा की नई वेब सीरीज फिल्म 'इंस्पेक्टर अविनाश' आई है। जो इन दिनों लगातार सुर्खियों बटोर रही है। यह सीरीज रियल लाइफ सुपर कॉप अविनाश मिश्रा के जीवन पर आधारित है। सीरीज में रणदीप ने पूर्व पुलिस अधिकारी अविनाश मिश्रा का किरदार निभाया है। इस वेब सीरीज का निर्देशन नीरज पाठक ने किया है। उर्वशी रौतेला अविनाश मिश्रा की पत्नी का रोल अदा कर रही है। इस सीरीज को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। Noida News