Noida News : देश के तीनों पद्म पुरस्कार पाने वाले डॉक्टर पर आयकर विभाग का शिकंजा क्यों ?
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:19 PM
Noida : नोएडा। पद्मश्री, पदम विभूषण तथा पदम भूषण जैसे पद्म सम्मानों से नवाजे गये मेट्रो अस्पताल समूह के प्रबंध निदेशक तथा देश के नामचीन कॉर्डियोलॉजिस्ट डा. पुरूषोत्तम लाल इन दिनों आयकर छापे को लेकर खासे सुर्खियों में है। कभी सरकार तथा व्यवस्था के आंखों के तारे रहे डा. लाल अब उनकी आंखों की किरकिरी क्यों बन गए हैं। इसको लेकर न सिर्फ मेडिकल जगत में बल्कि चहुंओर खासी चर्चा है।
कल और परसों डा. लाल के सेक्टर-11 स्थित मेट्रो स्पेशलिटी हॉस्पीटल तथा सेक्टर-12 स्थित मेट्रो हॉस्पीटल एवं हार्ट इंस्टीटयूट नोएडा के सेक्टर-56 तथा गुरूग्राम व दिल्ली स्थित उनके कई ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने दो दिनो तक सघन छापेमारी की। बताया जाता है कि इस दौरान आयकर की टीम ने आय-व्यय की अनियमितताओं व करापवंचन के तरह यह छापेमारी की।
आरोप है कि आयकर विभाग की टीम को डा. पुरूषोत्तम लाल व उनके सहयोगियों के पास से करोड़ों रूपए की नकदी व कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। नोएडा के अलावा फरीदाबाद, गुरूग्राम व दिल्ली समेत कई ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने छापेमारी की।
सर्वविदित है कि डा. लाल के पास देश की नामचीन राजनीतिक हस्तियां दिल का इलाज करवाने नोएडा आती थीं। जिसमें कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, माकपा के राष्ट्रीय महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार आदि विभिन्न दलों के बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं। इसके अलावा केन्द्र व प्रदेश सरकार के कई वरिष्इ नौकरशाहों के भी डा. लाल से काफी नजदीकी संबंध रहे हैं।
उनको केन्द्र सरकार द्वारा पदम भूषण, पदम विभूषण तथा पदमश्री जैसे सम्मानों से भी अलंकृत किया जा चुका है। लेकिन ऐसी क्या वजह हुई कि वे अब सरकार की आंखों की किरकिरी बन गए हैं।
कुछ सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे सत्तासीन कुछ मेडिकल व्यवसाय से जुड़े नेताओं का हाथ है। तो कुछ इसे फरीदाबाद के सर्वोदल अस्पताल समूह से जुड़ा विवाद बता रहे हैं। बताया जाता है कि फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के मालिक की भाजपा के एक प्रदेश महामंत्री (संगठन) से रिश्तेदारी है। इस छापे को इस संबंध से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ इसकी अन्य वजह भी बता रहे हैं। बहरहाल इस छापेमारी के पीछे क्या कारण है। यह तो स्पष्ट नहीं है। लेकिन यह तय है कि डा. लाल अब सरकार की आंखों की किरकिरी जरूर बन गए हैं।