Noida News : 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं हो रहीं इनफर्टिलिटी की शिकार
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:05 AM
Noida: नोएडा।अध्य्यन में यह चौंकाने वाले परिणाम सामने आये हैं।2018 से 2022 तक पांच सालों के भीतर 2000 जोड़ों पर किये गए शोध में पाया गया कि 35 साल से अधिक उम्र की महिलाएं गर्भ धारण की समस्या के चलते इनफर्टिलिटी के उपचार का विकल्प अपना रही हैं। ज़ीवा फर्टिलिटी की निदेशक डॉ श्वेता गोस्वामी के नेतृत्व में अध्ययन करने वाली टीम ने पाया कि 2018 में सिर्फ 6 प्रतिशत महिलाएं 35 वर्ष से ऊपर थीं, जिन्होंने इनफर्टिलिटी के उपचार का विकल्प चुना। 2022 में ये संख्या 18 प्रतिशत से भी अधिक हो गई थी। उन्होंने कहा कि हमने पाया कि 35 साल से अधिक उम्र की महिलाएं इस विकल्प को चुन रही हैं बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है, हालांकि आजकल इसका इलाज पहले से और ज्यादा बेहतर हो गया है।
अध्ययन कर रही टीम ने महिलाओं और पुरुषों दोनों पर रिसर्च किया और पाया कि महिलाओं में ये समस्या हार्मोंनल बदलाव, कम एंटी मुलेरियन हार्मोन (AMH) ) और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और ट्यूबल ब्लॉकेज के कारण महिलाओं के हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है और प्रजनन संबंधी समस्या बढ़ जाती है। वहीं पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी के कारण ये समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
डॉ श्वेता गोस्वामी ने बताया कि रिसर्च के दौरान सन 2018 में 948 महिलाओं में 64 महिलाएं ऐसी थी, जिनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक थी और उन्होंने अपने बांझपन के इलाज का विकल्प चुना। जबकि 2022 के दौरान बांझपन से संबंधित समस्याओं के लिए 1248 जोड़ों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2018 से लेकर 2022 इसके आंकड़े में 235 फीसदी तक वृद्धि देखी गई।
उन्होंने बताया कि इस तरह की समस्याएं शहरी महिलाओं में ज्यादा आ रही है जिसका कारण हार्मोन का असंतुलित बदलाव, उनका तनावपूर्ण जीवन शैली का होना, अस्वास्थ्यकर भोजन, कम व्यायाम, तंबाकू और शराब का सेवन और वजन का अधिक होना है। डॉ श्वेता ने बताया कि जहां महिलाओं में ये समस्या अधिक उम्र होने के कारण हार्मोनल बदलाव के कारण होता है, वहीं पुरुषों में शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता और इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण ये समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।