
Noida News: ग्रेटर नोएडा। ग्रामीण क्षेत्रों की हालात बदलने के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण ने पहल की है। यमुना प्राधिकरण ने गौतमबुद्धनगर जनपद के 27 गांवों की दिशा और दशा बदलने के कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। इन 27 गांवों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसके बाद इन गांवों में अस्पताल से लेकर अन्य तमाम मूलभूत सुविधाएं उपलबध कराई जाएगी। कुल गांव के विकास के लिए 20 बिंदुओं पर काम किया जाएगा। जून माह के प्रथम सप्ताह में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा और इसके बाद कार्य शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा। कार्यों पर प्राधिकरण 2.34 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने अपने अधिसूचित क्षेत्र के 27 गांवों में विकास के लिए क्या जरूरी है। इसके लिए प्राधिकरण व्हील ग्लोबल फाउंडेशन संस्था से सर्वे करा रहा है। सर्वे मोहम्मदपुर जादौन, चौकी, सलारपुर, दुबली, ठसराना, अच्छेजा बुजुर्ग, डूंगरपुर रीलखा, आच्छेपुर, रुस्तमपुर, मुतैना आदि गांव का किया गया है। पहले चरण में 9 तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और वहां पर तालाबों की साफ-सफाई, तार फेंसिंग, पौधारोपण, बैठने के लिए बेंच, प्रकाश व्यवस्था आदि की व्यवस्था होगी। इसमें हेल्थ एटीएम लगवाने, दिशा सूचक बोर्ड लगवाने, डस्टबिन रखवाने और सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मचारी तैनात कराने आदि के अलावा 20 काम की सूची बनाई गई है।
इसके बाद गांव के लोगों के साथ बैठक की जाएगी और फिर उनकी जरूरतों के अनुसार गांवों में विकास कार्य किए जाएंगे। प्राधिकरण ने 17 गांवों में डस्टबिन रखवाने पर 35 लाख खर्च किए जाएंगे। जबकि सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मचारी रखने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। गांवों में दिशा सूचक बोर्ड लगवाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। हालांकि अभी 17 गांवों का सर्वे हुआ है और अगले सप्ताह 10 और गांवों का सर्वे पूरा कराया जाएगा। प्रभारी सीईओ मोनिका रानी ने बताया कि यह काम अगले माह से शुरू कराया जा सकेगा। Noida News