
Noida News : अक्सर चर्चा होती है कि देश में विकास नहीं हो रहा है। राजनेता तो विकास को चुनावी मुददा भी बनाते रहते हैं। आज हम आपको बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे एक अदभुत शहर के विषय में। देश की राजधानी दिल्ली की सीमा से सटे हुए नोएडा शहर के ठीक बगल में यह शहर बसाया जा रहा है। यमुना सिटी के नाम से बसने वाले इस शहर को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) द्वारा बसया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि एक दिन यमुना सिटी एशिया का सबसे शानदार शहर होगा। इस शहर के विकास के तरीके को देखकर लगता भी है कि वाकई यह एक अदभुत शहर बनेगा। इस शहर के मुख्य शिल्पकार की भूमिका यमुना प्राधिकरण (YEIDA) के सीईओ डा. अरूणवीर सिंह निभा रहे हैं। आईएएस अधिकारी अरूणवीर सिंह को आम जनता ने ‘‘विकास पुरूष’’ का खिताब दे रखा है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 अप्रैल 2001 को यमुना प्राधिकरण (YEIDA) की स्थापना की थी। इस प्राधिकरण को बनाते समय ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण और उसके दोनों ओर यमुना सिटी विकसित करने की परिकल्पना की गई थी। इस प्राधिकरण की जद में छह जिले गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा आ गए हैं। पहले चरण में गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के गांवों की जमीन लेकर यमुना सिटी विकसित की जा रही है। साल 2017 से पहले यह यमुना प्राधिकरण घाटे में चल रहा था। चर्चा तो यहां तक होने लगी थी कि इस प्राधिकरण का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में विलय करना पड़ेगा। तमाम उतार-चढ़ाव चलते रहे और भारी आर्थिक संकट से घिरा हुआ यह प्राधिकरण वित्त वर्ष 2021-22 में 404 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। राज्य में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनते ही यमुना अथॉरिटी के दिन बदलने लगे।
इस प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में कलस्टर संस्कृति विकसित की है। प्रदेश में पहली बार किसी प्राधिकरण ने उद्योगों के लिए कलस्टर विकसित किए हैं। यहां बस रहे शहर में अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, एमएसएमई पार्क, टॉय पार्क, डाटा पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क आदि की परिकल्पना की गई और इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। अपैरल, एमएसएमई पार्क और उत्तर भारत के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क में आवंटियों को जल्द कब्जा देने की तैयारी भी की जा चुकी है।
तेजी से विकसित हो रहे यमुना सिटी को 2 लाख हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र पर बसाया जा रहा है। गौतमबुद्घनगर जिले के 131 गांव, बुलंदशहर जिले 95 गांव, अलीगढ जिले के 105 गांव, हाथरस के 420 गांव, मथुरा के 431 गांव तथा आगरा जिले के 60 गांव की जमीन इस शहर को विकसित करने के लिए या तो अधिग्रहित की जा चुकी है अथवा अधिग्रहण का काम चल रहा है। हाल ही में उप्र सरकार ने यमुना सिटी के लिए आसपास के 55 गांवों का एरिया और शामिल किया है। अकेले गौतमबुद्घनगर जिले की ही 58 हजार 357 हेक्टेयर जमीन इस शहर को विकसित करने के लिए ली गयी है। यह पूरा शहर कुल 2 लाख, 68 हजार, 862 हेक्टयर क्षेत्रफल में बसेगा।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के ही जेवर कस्बे के पास जेवर एयरपोर्ट यानि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होने से यमुना प्राधिकरण को मानो एक नया वरदान मिल गया है। इस एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर भूमि पर विकसित हो रहा है। यहां पर सिविल एविएशन हब, लॉजिस्टिक हब और वेयरहाउसिंग का बड़ा केंद्र बनेगा। टप्पल में पहले चरण में 250 हेक्टेयर में लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ गए हैं। प्राधिकरण ने अपने चार सेक्टर सिविल एविएशन हब के लिए आरक्षित किए हुए हैं। यमुना विकास प्राधिकरण अपने पूरे क्षेत्र को पर्यटन से भी जोडऩे की तैयारी में है। इसके लिए राया गांव में हेरिटेज सिटी विकसित करने की भी योजना है। इसकी डीपीआर बन गई है। सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में फिल्म सिटी विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए शीघ्र ही तीसरी बार टेंडर निकाला जाएगा।
यमुना प्राधिकरण संपर्कता यानि कनेक्टिविटी पर बड़ा काम कर रहा है। जेवर से नई दिल्ली तक एयरपोर्ट मेट्रो, हवाई अड्डा और प्रस्तावित फिल्म सिटी के बीच पॉड टैक्सी चलाना, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोडऩा, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे को जोडऩे के लिए इंटरचेंज बनाना और जेवर एयरपोर्ट के चारों ओर 100 मीटर चौड़ी पेरीफेरल रोड बनाने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है। जेवर इलाके को रेलमार्ग से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग के चोला स्टेशन से जेवर तक रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
उ.प्र. सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई मौकों पर कह चुके हैं कि यमुना सिटी एक दिन उप्र का सबसे सुंदर शहर बनेगा। चेतना मंच से बातचीत करते हुए ‘‘विकास पुरूष’’ के नाम से प्रसिद्घ यमुना प्राधिकरण के सीईओ डा. अरूणवीर सिंह ने बताया कि यमुना सिटी जब पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा तो यह भारत का ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे सुंदर शहर होगा। जब उन्हें बताया गया कि एक बार तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने नोएडा के विषय में भी यही कहा था कि एक दिन नोएडा एशिया का सबसे सुंदर शहर होगा तो अरूणवीर सिंह ने कहा कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा को बसाते समय कुछ कमियां व मानवीय गलतियां रह गई थी यमुना को बसाते समय उन सारी बातों व गलतियों का ध्यान रखा गया है जहां नागरिकों का असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। यमुना को बसाते समय तमाम अंतर्राष्ट्रीय मापदंड अपनाए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मात्र एक वर्ष बाद यानि वर्ष 2024 में जेवर एयरपोर्ट से फ्लाईट उडऩे लगेगी। यहां से फ्लाईट उड़ते ही यमुना सिटी के विकास की गति कई गुना तेज हो जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि विकास के इस मार्ग में बड़ी-बड़ी बाधाएं आई हैं और अभी भी अनेक बाधाएं मौजूद हैं फिर भी उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में विकास के काम को त्वरित गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। Noida News