
Noida News[/caption]
सेक्टर से महिलाएं बच्चे तथा पुरुष कम्युनिटी सेंटर में इस दिन को धूमधाम से मनाने को एकत्रित थे । श्रीमती अचला, जिन लोगों ने इस कार्यक्रम को प्लान कर इतने छोटे से समय में करवाया उन सभी के लिए प्रोत्साहन उपहार लाईं थीं। सुनील गुप्ता कहीं कुछ कमी रह न जाये की भरपाई को सदा की भांति हृदय से तैयार, गौरव शर्मा, आशा शर्मा,राहुल दिवेदी विजय यादव इंदु शर्मा , योगेश शर्मा, सोनिया योगेवरी सभी दिल से व्यस्त थे। नीलम भागी मयुजिक की कमान थामें थी। जब बधाइयों का तांता लगा तो राजीव राणा शैलजा सक्सेना ऊषा बंसल अनुराधा सभी का यह कहना है कि अब हम सेक्टर 11 में हर वर्ष त्यौहार ऐसे ही मिलजुल कर मनाएंगे तथा अपने पूरे सेक्टर को ही एक घर की तरह बनाएंगे दिल किसके पास नहीं है। जब आंखों से देखो तब यकीन आता है। पंजाबी गिद्धे में भाग लेने वाली लगभग सभी महिलाएं 70 वर्षों से ऊपर थी। अब यह तो सिखाने वाली सरोज भाटिया की भी महारत है। इस अवस्था में महिलाएं पूरे बैलेंस के साथ झूम झूम कर स्टेज फोड़ रही थीं। हर आयु वर्ग की महिला वहां पर तैयार होकर अपनी प्रस्तुति देने को आई थी। परंतु इन सब उत्सवों के लिए भी एक अच्छा मौका तथा एक स्वस्थ टीम बहुत जरूरी है। नोएडा के लगभग सभी सेक्टरो में नोएडा प्राधिकरण ने कम्युनिटी सेंटर दिए हैं। उनको संभालने के लिए बकायदा RWA भी बनाई हैं। परंतु जब कर्म के स्थान पर कर्मक्षेत्र ,महत्वाकांक्षा का मैदान बन जाता है तब उत्सवों के स्थान पर कम्युनिटी सेंटर पर बंद ताला तथा सेक्टर वासियो की खुशियां कहीं दबी रह जाती हैं। लेकिन यह भी सच है कि यह सदा नहीं होता। कोई ना कोई तो सच्चा इंसान आगे बढ़ता ही है। यह भी सच है कि वह सच्चा इंसान कहीं भी किसी कार्यालय में महत्वकांक्षी लोगों में एडजस्ट नहीं हो पाता पर सामाजिक परिवर्तन से तो वह आम दिलों में अपने लिए एक प्यार भरी जगह बना ही लेता है। यही कारण था कि कोई किसी को कम कह नहीं रहा था। सब देखते और जिम्मेदारी संभाल लेते । सभी का मानना था कि यह सब पिछले वर्षों से सर्वोत्तम उत्सव था।