Noida NewsToday:निर्माण हुआ तो पलक झपकते मिलेगी जानकारी,एनसीआर में पहली बार, इंटीग्रेटिड कमांड कंट्रोल सिस्टम
Noida NewsToday:
भारत
चेतना मंच
25 Nov 2025 05:19 PM
Noida NewsToday: नोएडा (चेतना मंच)। यदि किसी सेक्टर तथा गांव में भवन आदि का निर्माण शुरू किया गया तथा निर्माण सामग्री आई तो इसकी खबर पलक झपकते ही नोएडा प्राधिकरण को मिल जाएगी। दरअसल प्राधिकरण द्वारा वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सेल स्थापित किया जा रहा है। यह समूचा सिस्टम सेक्टर-94 में स्थापित इंटीग्रेटिड कमांड कंट्रोल सिस्टम (आईसीसी) से जुड़ेगा जहां पर लगे मॉनीटर पर हर सेक्टर व गांव में निर्माण व निर्माण सामग्री के
सेक्टरों व गांवों में निर्माण हुआ तो तुरंत मिलेगी जानकारी
यदि निर्माण अवैध हो रहे हैं तो प्राधिकरण सेल की टीम मौके पर जाकर काम रूकवा देगी। यदि वैध है तो वहां पर वायु प्रदूषण के बढऩे से रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से संबंधित सभी गाइड लाइन व नियमों का पालन कराया जाएगा। एनसीआर में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि जमीन स्तर पर किसी मानिटरिंग सिस्टम को विकसित कर बढ़ते एक्यूआइ के स्तर को काम करने की दिशा में काम शुरू किया गया है। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने ए-पैग कंसलटेंट कंपनी का चयन किया है, जिसके मार्ग दर्शन पर प्राधिकरण का जन स्वास्थ्य विभाग और वर्क सर्किल कार्य करेंगे। कंसलटेंट कंपनी के निर्देश पर करीब दस लोगों की टीम तैयार की जाएगी। जिनके पास एक्यूआइ डिवाइस के साथ एपीआइ तकनीकी से लैस मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जाएगा।
एनसीआर में ऐसा पहली बार
यह फोन एप के जरिये काम करेगा, शहर के 168 सेक्टर व 81 गांव पर सेल प्रतिनिधियों फिजिकल पैनी नजर रखेगा। हालांकि इस पूरे सिस्टम को इंट्रीगेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम (आइसीसीसी) से भी जोड़ा जाएगा। जिसका कंट्रोल रूम सेक्टर-94 है, यहां पर बैठा व्यक्ति कैमरे के जरिये यह बता देगा कि किस गांव व सेक्टर में निर्माण के लिए मैटेरियल आ जा रहा है। उस एरिया के आसपास का एक्यूआइ सेल प्रतिनिधि चेक करेंगे। यदि एक्यूआइ बढ़ मिला तो निर्माण के स्थान को मोबाइल फोन के जरिये कैप्चर कर लिया जाएगा, चूंकि पूरा सिस्टम अप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआइ) से जुडा होगा।
पूरे सिस्टम को इंट्रीगेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम (आइसीसीसी) से भी जोड़ा जाएगा
इसी प्रकार से शहर में उडऩे वाली धूल को लेकर भी देखा जाएगा कि इसका मुख्य कारण क्या है, कही कोई गड्ढा तो नहीं है, यदि है तो उसको नियमानुसार बंद कराया जाएगा। फुटपाथ से धूल उडऩे पर उसका डस्ट फ्री कराया जाएगा। एपीआइ तकनीकी के जरिये सेल की प्रत्येक गतिविधि की जानकारी नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में बैठे शीर्ष अधिकारी कभी भी इसको चेक कर सकेंगे। इससे उन्हें तत्काल वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा।
आईटीएमएस व आईसीसीसी के कैमरों से कोई बचेगा नहीं
प्राधिकरण की ओर से आईटीएमएस के तहत 84 चौराहे-तिराहे को चिह्नित किया गया है। इसके लिए करीब 1046 कैमरे लगाए गए है। यहीं नहीं आईसीसीसी के तहत 100 कैमरे शहर में अलग से लगाए गए है, जो शहर में कचरा उठाने से लेकर कचरा निस्तारण, डंप साइट पर कचरा ले जाने, मैकेनिकल स्वीपिंग की मानिटरिंग कर रहे है। अब इसके साथ वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सिस्टम विकसित किया जा रहा है।