
Noida News : असफलता की हताशा में युवा ऐसा घातक कदम उठा रहे हैं, जो हंसते खेलते परिवार के सीने में जिंदगीभर का ऐसा नासूर दे जाते हैं जो कभी भर नहीं पाता। सेक्टर 151 स्थित जेपी अमन सोसायटी में रहकर यूपीएससी की तैयारी में जुटे एक युवक को लगातार मिल रहे असफलता ने उसका हौंसला तोड़कर रख दिया और उसने मौत को गले लगा लिया।
नोएडा के सेक्टर 151 स्थित जेपी अमन सोसाइटी में रह रहे 30 वर्ष के प्रशांत उपाध्याय ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रेटर नोएडा ज़ोन के एडिशनल डीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस को उसके पास से एक चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें प्रशांत ने असफलता और आर्थिक परेशानियों के कारण आत्महत्या करने की बात कही है, सुसाइड नोट में माँ को संबोधित करते हुए लिखा है कि मम्मी मुझे माफ कर दो हो सके तो, मैं आपका वह बेटा नहीं बन पाया जो आपने सोचा था। जिस उम्र में मुझे आपकी सेवा करनी थी वह वक्त भी आपने सब कुछ मेरे ऊपर निछावर कर दिया और कुछ नहीं कर सका... अगर भगवान है तो बस यही दुआ है कि मुझ जैसा इंसान दोबारा पैदा ही नहीं हो। मम्मी जब वक्त था तो मैंने कदर नहीं की अब वक्त ही नहीं रहा है।
सुसाइड नोट में पिता को संबोधित करते हुए प्रशांत ने लिखा कि पापा जी मैंने आपसे कभी सीधी बात नहीं की और आज आप से बात कर सकूं इतनी हिम्मत नहीं है... पापा जी टाइम कम पड़ गया मेरे पास, नहीं तो मैं भी यूपीएससी क्लियर करके आपका और मम्मी का सिर गर्व से ऊंचा करता पर अब हिम्मत नहीं रही है आपको और मम्मी को रोते नहीं देखना चाहता हूं, जिंदगी में बहुत कुछ करना चाहता था पर नहीं कर पाया सॉरी मम्मी... सॉरी पापा...
अपनी पत्नी को संबोधित करते हुए प्रशांत ने लिखा है कि मेरे हालात हमारे रिश्ते पर भारी पड़ गए आई एम सॉरी प्लीज माफ कर देना। मैं एक भी प्रॉमिस पूरी नहीं की... मुझसे बुरा कोई हो ही नहीं सकता मेरा हरदम साथ देने के लिए दिल से शुक्रिया, शायद इसलिए हमारा कोई बच्चा नहीं हुआ क्योंकि अगर हो जाता तो हमारी लाइफ हेल जाती है... मेरे लिए तुम यूपीएससी करो और जो जो लोग मेरी इस हालत के लिए पीछे हैं उन सब को सजा देना, मेरे मम्मी पापा का ख्याल हो सके तो रखना ....आई एम सॉरी।