नोएडा में ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को शिकार बनाकर लूटपाट और जबरन वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। नोएडा पुलिस ने सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए इस गैंग के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Noida News : नोएडा में ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को शिकार बनाकर लूटपाट और जबरन वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। नोएडा पुलिस ने सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए इस गैंग के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नोएडा और आसपास के इलाकों में अब तक 60 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए मुख्य आरोपी पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह नोएडा में सक्रिय होकर ऑनलाइन डेटिंग ऐप के माध्यम से युवकों से संपर्क करता था। आरोपी ऐप पर नकली पहचान के साथ प्रोफाइल बनाते, फिर भरोसा जीतकर सामने वाले को मिलने के लिए तैयार करते थे। इसके बाद पीड़ितों को नोएडा के सुनसान इलाकों या तय स्थानों पर बुलाया जाता था। जब कोई युवक मिलने पहुंचता, तो आरोपी उसे अपनी कार में बैठा लेते। कार में बैठाने के बाद उसके साथ डराने-धमकाने, मारपीट करने और जबरन ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवाने जैसी वारदात को अंजाम दिया जाता था। कई मामलों में पीड़ितों से मोबाइल फोन, चेन और अन्य कीमती सामान भी छीन लिया जाता था।
नोएडा पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को सेक्टर-76 इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम झा, सागर ठाकुर और कमल के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी मिलकर एक सुनियोजित तरीके से काम कर रहे थे और लंबे समय से नोएडा में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 30 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, बिना नंबर प्लेट की एक कार, एक सोने की चेन और कार की दो नंबर प्लेट बरामद की हैं। जांच में यह भी पता चला है कि वारदात के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली कार की नंबर प्लेट जानबूझकर हटा दी जाती थी, ताकि पहचान से बचा जा सके। जिस मामले में इन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, उसमें एक युवक को नोएडा सेक्टर-76 में मिलने के लिए बुलाया गया था। युवक ने खुद को इंजीनियर बताया था। पुलिस के मुताबिक, मुलाकात के बहाने बुलाने के बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उससे करीब एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इतना ही नहीं, पीड़ित के गले से सोने की चेन भी छीन ली गई।
जांच में सामने आया है कि लूटी गई रकम का एक हिस्सा आरोपियों ने मोबाइल फोन खरीदने में खर्च किया, जबकि कुछ रकम शराब पर उड़ा दी। बाकी रकम में से 30 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि तीनों आरोपी नोएडा में किराये के कमरों में रह रहे थे। गैंग का सरगना शिवम झा मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है और वह फिलहाल नोएडा के होशियारपुर गांव में किराये पर रह रहा था। दूसरा आरोपी सागर ठाकुर भी दरभंगा का निवासी है, जबकि कमल उत्तराखंड के अल्मोड़ा से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, शिवम और सागर पहले से एक-दूसरे को जानते थे, जबकि कमल से उनकी मुलाकात नोएडा में हुई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब तीन साल से नोएडा में सक्रिय था। गैंग का नेतृत्व शिवम झा कर रहा था, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उस पर पहले से कई केस दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि शिवम ने करीब डेढ़ महीने पहले एक कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल गिरोह वारदातों के लिए कर रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने माना कि वे डेटिंग ऐप के जरिए लगातार नए लोगों को निशाना बना रहे थे। तीनों आरोपी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं और उनकी पढ़ाई आठवीं से दसवीं कक्षा तक ही हुई है। इसके बावजूद उन्होंने तकनीक और सोशल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करते हुए नोएडा में कई युवकों को अपना शिकार बनाया। Noida News