नोएडा के सेक्टर-122 स्थित पार्थला खंजरपुर इलाके में तेजी से बढ़ता बहुमंजिला निर्माण अब लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। इलाके में कई ऐसी इमारतें दिखाई देती हैं, जहां सीमित जगह में कई मंजिलों का निर्माण किया गया है।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-122 स्थित पार्थला खंजरपुर इलाके में तेजी से बढ़ता बहुमंजिला निर्माण अब लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। इलाके में कई ऐसी इमारतें दिखाई देती हैं, जहां सीमित जगह में कई मंजिलों का निर्माण किया गया है। खास तौर पर पांच मंजिला इमारतों को लेकर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और निर्माण मानकों की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। पार्थला खंजरपुर में बढ़ती आबादी और किराये के कमरों की मांग के बीच जमीन की कीमत और उपलब्ध जगह का दबाव निर्माण के स्वरूप को भी बदल रहा है। संकरी गलियों के बीच खड़ी बहुमंजिला इमारतें बाहर से भले ही सामान्य दिखाई दें, लेकिन किसी आपात स्थिति में इन तक राहत और बचाव दल की पहुंच बड़ी चुनौती बन सकती है। Noida News
पार्थला खंजरपुर और आसपास के क्षेत्र में कई जगह इमारतें एक-दूसरे के बेहद करीब बनी हुई हैं। ऐसे में आग, भूकंप या किसी अन्य आपदा की स्थिति में लोगों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। नोएडा के दूसरे घनी आबादी वाले इलाकों में भी बहुमंजिला PG और किराये के भवनों को लेकर इसी तरह के सुरक्षा सवाल सामने आए हैं। खास चिंता उन भवनों को लेकर है जिनमें बड़ी संख्या में किरायेदार रहते हैं। एक ही इमारत में कई परिवार या कामकाजी लोग रहने के कारण किसी हादसे की स्थिति में जोखिम कई गुना बढ़ सकता है। Noida News
घनी आबादी वाले ऐसे इलाकों में सबसे बड़ा सवाल आपातकालीन वाहनों की पहुंच को लेकर है। संकरी सड़क और आसपास बनी इमारतों के कारण दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। नोएडा के अन्य PG बहुल इलाकों में भी सामने आया है कि कई जगह दो मंजिल तक की अनुमति वाले क्षेत्रों में छह, सात और यहां तक कि नौ मंजिल तक की इमारतें खड़ी हैं। इमारतों के बीच बेहद कम दूरी और ऊपर से गुजरते बिजली के तार आपात स्थिति में जोखिम को और बढ़ा सकते हैं। Noida News
पार्थला खंजरपुर में बहुमंजिला भवनों को लेकर सबसे अहम सवाल यह है कि इनका निर्माण किस अनुमति और मानकों के तहत हुआ है। भवन की ऊंचाई, स्ट्रक्चरल सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, निकासी मार्ग और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं की जांच किए बिना किसी इमारत को सुरक्षित मानना मुश्किल है। नोएडा के दूसरे इलाकों की ग्राउंड रिपोर्ट में भी भवनों की संरचनात्मक मजबूती पर सवाल उठे हैं। कुछ स्थानों पर निर्माण में इस्तेमाल किए गए कॉलम निर्धारित मानकों से कम आकार के पाए जाने की बात सामने आई है, जिससे भवनों की भार वहन क्षमता को लेकर चिंता पैदा होती है। Noida News
पार्थला खंजरपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में भवन निर्माण की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर नोएडा प्राधिकरण की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। सवाल यह है कि क्या क्षेत्र में बनी बहुमंजिला इमारतों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा और यह जांच की जाएगी कि कौन-कौन से भवन स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित निर्माण नियमों के अनुरूप हैं। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही ऐसे भवनों की पहचान करें, जहां निर्माण, अग्नि सुरक्षा या आपातकालीन निकासी को लेकर गंभीर कमी हो सकती है। पार्थला खंजरपुर में खड़ी बहुमंजिला इमारतों का मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा की जरूरतों के कारण रहते और आते-जाते हैं। ऐसे में सस्ता और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की होड़ के बीच लोगों की सुरक्षा से समझौता न हो, यह सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। Noida News
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