नोएडा में PG की बढ़ती समस्या और सुरक्षा को लेकर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर अजीत सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षित व सस्ते Young Working Boys Hostel बनाने की मांग की है।

Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ती आबादी, रोजगार के लिए दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले युवाओं तथा किफायती आवास की कमी के बीच PG (पेइंग गेस्ट) व्यवस्था अब एक गंभीर सामाजिक और सुरक्षा का मुद्दा बनती जा रही है। मामूरा में अवैध तरीके से संचालित बताए जा रहे PG में आग की घटना और दिल्ली में PG के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे पांच मंजिला भवन के ढहने जैसी दर्दनाक घटनाओं ने इस समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी मुद्दे को लेकर नोएडा के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर अजीत सिंह ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने की मांग की है। करीब 80 वर्ष की आयु पार कर चुके अजीत सिंह का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका प्रयास समाज और आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा को लेकर है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र और ई-मेल भेजकर नोएडा समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कामकाजी युवाओं के लिए सुरक्षित और कम किराये वाले सरकारी हॉस्टल विकसित करने की मांग उठाई है। Noida News
अजीत सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि नोएडा के मामूरा में PG में आग लगने की घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन के लिए आंखें खोलने वाली चेतावनी है। इसी प्रकार दिल्ली में बच्चों और युवाओं के रहने के लिए इस्तेमाल हो रहे पांच मंजिला भवन के ढहने से कई नौजवानों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं कुछ समय के लिए चिंता पैदा करती हैं, लेकिन बाद में मामला शांत हो जाता है। जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटनाओं से स्थायी नीति बनाई जाए, ताकि कमजोर, अवैध या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले भवनों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में न पड़े। Noida News
नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के प्रमुख औद्योगिक, आईटी और रोजगार केंद्रों में शामिल हैं। यहां बड़ी संख्या में युवा नौकरी, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए आते हैं। इनमें से बहुत से युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित और कम खर्च में रहने की जगह तलाशना है। अजीत सिंह का कहना है कि जब युवाओं को उचित किराये पर आवास उपलब्ध नहीं होता तो वे मजबूरी में ऐसे इलाकों और भवनों में PG तलाशते हैं, जहां सुरक्षा, वेंटिलेशन, फायर सेफ्टी, भवन की मजबूती और अन्य जरूरी मानकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती। उनके अनुसार यह केवल आवास की समस्या नहीं है, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा और युवाओं के मानसिक तनाव से जुड़ा विषय भी है। Noida News
अजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं रोजगार केंद्रों में Young Working Boys Hostel विकसित किए जाएं। इन हॉस्टलों में नौकरीपेशा युवाओं को बाजार से कम दरों पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सकता है। उनका कहना है कि सरकार युवाओं को कोई बंगला या लग्जरी सुविधा देने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें **हवादार, सुरक्षित और उचित दर पर रहने की जगह** मिलनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया है कि इन आवासों में सामुदायिक या कोऑपरेटिव आधार पर सामान्य एवं पौष्टिक भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है, जिससे बाहर से आने वाले युवाओं को रहने और खाने दोनों की समस्या से राहत मिले। Noida News
अजीत सिंह के सुझाव के अनुसार ऐसे सरकारी आवासों का मालिकाना अधिकार सरकार के पास ही रहना चाहिए। युवाओं को केवल निर्धारित नियमों के तहत रहने की सुविधा दी जाए।उनका मानना है कि इससे एक ओर युवाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा, वहीं दूसरी ओर अनधिकृत PG और अत्यधिक किराये की समस्या पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। Noida News
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रशासन से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में भवनों की व्यापक जांच कराने की मांग भी की है। उन्होंने कहा है कि जिन भवनों का निर्माण नियमों के विपरीत हुआ है अथवा जिनकी संरचनात्मक मजबूती पर सवाल है, उनकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। खासकर ऐसे भवनों की पहचान जरूरी है जिनमें बड़ी संख्या में छात्र या कामकाजी युवा रहते हैं। उनका कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। Noida News
अजीत सिंह ने केवल नौकरीपेशा युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए भी आवास व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने परिसरों में हॉस्टल की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि नए कॉलेज या विश्वविद्यालय को अनुमति देते समय छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल व्यवस्था को आवश्यक शर्तों में शामिल किया जाए। उन्होंने भविष्य में बनने वाले नए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों की संख्या के अनुपात में कम से कम 10 प्रतिशत हॉस्टल क्षमता का प्रावधान रखने की मांग की है। Noida News
ठाकुर अजीत सिंह की इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू उनकी उम्र भी है। करीब 80 वर्ष की आयु पार कर चुके अजीत सिंह लगातार सामाजिक विषयों को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। उनका कहना है कि समाज में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे आने वाली पीढ़ी के सामने खड़ी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएं। इसी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को PG और युवाओं के आवास से जुड़ी समस्या पर पत्र तथा ई-मेल भेजे हैं। Noida News
अजीत सिंह का कहना है कि नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में हजारों युवा रोजगार के लिए आते हैं। यदि उन्हें सुरक्षित और सस्ता आवास उपलब्ध कराया जाए तो वे अधिक सुरक्षित एवं तनावमुक्त वातावरण में रहकर काम कर सकेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कामकाजी युवाओं के लिए सरकारी हॉस्टल निर्माण की नीति पर तत्काल निर्णय लिया जाए और प्रदेश की जनता को इसकी जानकारी दी जाए। Noida News
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सुरक्षित एवं किफायती Young Working Boys Hostel बनाए जाएं।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में भी ऐसी आवासीय व्यवस्था विकसित की जाए।
- अवैध PG और नियमों के विपरीत संचालित भवनों की जांच हो।
- कमजोर एवं जर्जर भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- युवाओं के लिए सुरक्षित, हवादार और कम किराये वाले आवास उपलब्ध कराए जाएं।
- सरकारी हॉस्टलों में जरूरत के अनुसार किफायती भोजन की व्यवस्था की जाए।
- कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हॉस्टल क्षमता बढ़ाई जाए।
- नए कॉलेज और विश्वविद्यालयों की अनुमति में पर्याप्त हॉस्टल व्यवस्था को अनिवार्य शर्त बनाया जाए। Noida News
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले युवाओं के लिए **सुरक्षित और किफायती आवास की व्यवस्था** आने वाले समय में और महत्वपूर्ण होने वाली है। मामूरा जैसे हादसे और देश के अन्य हिस्सों में भवन दुर्घटनाएं यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि क्या युवाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराना पर्याप्त है, या उनके लिए सुरक्षित रहने की व्यवस्था भी विकास नीति का हिस्सा होनी चाहिए? ठाकुर अजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसी व्यापक मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है। अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन इस सुझाव को किस रूप में आगे बढ़ाते हैं। Noida News
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