दिल्ली-एनसीआर में दुबई और अबू धाबी मॉडल पर विकसित होगा नया नोएडा

प्रदेश सरकार एक नई पहल के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में नया नोएडा शहर बसाने की योजना बना रही है। इसे दुबई और अबू धाबी के स्मार्ट सिटी मॉडल से प्रेरित होकर डिजाइन किया जाएगा।

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दुबई और अबू धाबी के स्मार्ट सिटी मॉडल से प्रेरित होकर डिजाइन किया जाएगा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Mar 2026 04:07 PM
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Noida News : उत्तर प्रदेश सरकार एक नई पहल के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में नया नोएडा शहर बसाने की योजना बना रही है। इसे दुबई और अबू धाबी के स्मार्ट सिटी मॉडल से प्रेरित होकर डिजाइन किया जाएगा। योजना का उद्देश्य सिर्फ औद्योगिक विकास नहीं, बल्कि एक आधुनिक और जीवनोपयोगी शहर तैयार करना है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध हों। विशेषज्ञों के अनुसार, यह शहर वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए भी आकर्षक वातावरण तैयार होगा।

मास्टर प्लान 2041: शहर का विस्तृत विकास खाका

नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा मास्टर प्लान 2041 तैयार किया है। इस मास्टर प्लान में औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विस्तृत दिशानिर्देश हैं। मास्टर प्लान के अनुसार, शहर में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, सड़कें, पार्क, अस्पताल, स्कूल और शॉपिंग हब होंगे। इसका लक्ष्य शहर को निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाना है, साथ ही स्थानीय और प्रवासी आबादी के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन सुनिश्चित करना है।औद्योगिक और आवासीय हब के रूप में नया नोएडा

नए शहर में लगभग 3000 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की योजना है। यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार उत्पन्न करेगा और निवेशकों के लिए आकर्षक बनेगा। आवासीय क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी श्रेणियों के फ्लैट बनाए जाएंगे, जिससे हर आय वर्ग के लोग आधुनिक जीवनशैली का लाभ उठा सकेंगे। कुल आवासीय भूमि का प्रावधान लगभग 2,477 हेक्टेयर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक और आवासीय सुविधाओं का यह संतुलन शहर को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से सफल बनाएगा।80 गांवों की जमीन पर शहर निर्माण और लैंड पूलिंग मॉडल

नया नोएडा बुलंदशहर और दादरी क्षेत्र के करीब 80 गांवों की भूमि पर विकसित होगा। जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे किसानों को भी लाभ मिलेगा। इस मॉडल के तहत, जिन किसानों की जमीन परियोजना में शामिल होगी, उन्हें भूमि के बदले उचित मुआवजा और परियोजना में हिस्सेदारी दी जाएगी। यह प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायपूर्ण होने का दावा करती है, ताकि स्थानीय लोगों के हितों की सुरक्षा भी हो।

पर्यावरण संतुलन और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान

शहर की योजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। कुल 58.96 हेक्टेयर क्षेत्र में झीलें और 91.75 हेक्टेयर में नहरें बनाई जाएंगी। ये न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगी, बल्कि भूजल स्तर सुधारने और वेटलैंड संरक्षण में भी मदद करेंगी। औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले दूषित पानी के लिए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही दैनिक 300 एमएलडी पानी की आपूर्ति और घरेलू उपयोग के लिए 85 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।डीएनजीआईआर के तहत औद्योगिक विकास

नया नोएडा दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआईआर) के अंतर्गत विकसित होगा। इसका उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों को तेज करना और क्षेत्र को आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीएनजीआईआर मॉडल निवेशकों के लिए आकर्षक होगा, क्योंकि इसमें आधुनिक उद्योग और व्यापार के लिए सुविधाजनक वातावरण होगा। नए शहर में औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ स्टार्टअप हब, टेक्नोलॉजी पार्क और औद्योगिक कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। यह लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और उत्तर प्रदेश में आर्थिक वृद्धि में मदद करेगा।

आबादी और पानी की आपूर्ति योजना

नए शहर की अनुमानित आबादी 6 लाख होगी, जिसमें लगभग 3.5 लाख प्रवासी शामिल होंगे। शहर की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पानी की आपूर्ति और बिजली जैसी सुविधाओं का विस्तृत प्लान तैयार किया गया है। शहर में हर वर्ग के लिए आधुनिक आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, स्कूल, अस्पताल, पार्क, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मनोरंजन के स्थान भी विकसित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि नया नोएडा न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी उत्तर प्रदेश का प्रमुख केंद्र बने।





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नोएडा में गेस्ट टीचर पर स्ट्रीट डॉग का हमला, इलाज को लेकर बढ़ा विवाद

कुत्ते के काटने से घायल हुई महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद संस्थान की ओर से इलाज कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना फेस-3 पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा गेस्ट टीचर डॉग अटैक
नोएडा गेस्ट टीचर डॉग अटैक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 02:48 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-71 स्थित एक संस्थान में गेस्ट टीचर के तौर पर सेवाएं दे रहीं एक साइकोलॉजिस्ट पर स्ट्रीट डॉग के हमले का मामला सामने आया है। कुत्ते के काटने से घायल हुई महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद संस्थान की ओर से इलाज कराने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना फेस-3 पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सेक्टर-71 के सेंटर में पहुंचते ही हुआ हमला

दिल्ली के यमुना विहार निवासी लवली शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह पेशे से साइकोलॉजिस्ट हैं और पिछले करीब तीन महीने से नोएडा के सेक्टर-71 स्थित एक फाउंडेशन में गेस्ट टीचर के रूप में आ रही थीं। आरोप है कि 6 मार्च को सुबह करीब 11 बजे जब वह हमेशा की तरह सेंटर पहुंचीं, तभी वहां मौजूद एक स्ट्रीट डॉग ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इस दौरान कुत्ते ने उनके हाथ पर काट लिया, जिससे वह घायल हो गईं। पीड़िता का कहना है कि घटना के तुरंत बाद सेंटर के स्टाफ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके इलाज का इंतजाम करा दिया जाएगा और खर्च भी वहन किया जाएगा। लवली शर्मा के अनुसार, जब उन्होंने इस संबंध में सेंटर के इंचार्ज मयंक जैन से बात की, तो उन्होंने इलाज कराने से इनकार कर दिया। महिला ने आरोप लगाया है कि मयंक जैन ने न केवल जिम्मेदारी लेने से मना किया, बल्कि यह भी कहा कि कुत्ता उनका नहीं है और उन्हें जहां शिकायत करनी हो, वहां कर सकती हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इलाज के खर्च को लेकर भी कोई सहयोग नहीं किया गया।

नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

इस पूरे मामले को लेकर पीड़िता ने नोएडा के थाना फेस-3 में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। अब जांच में यह साफ होगा कि घटना के समय संस्थान परिसर की स्थिति क्या थी और घायल महिला को तत्काल मदद क्यों नहीं मिली। Noida News

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दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में शामिल होगा न्यू नोएडा, हर लिहाज से होगा खास

सरकारी स्तर पर तैयार योजना के मुताबिक, न्यू नोएडा को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसी सोच के तहत इसे अबु धाबी जैसे सुव्यवस्थित औद्योगिक मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है।

न्यू नोएडा को मिलेगी नई पहचान
न्यू नोएडा को मिलेगी नई पहचान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Mar 2026 10:10 AM
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Noida News : नोएडा के विस्तार की कहानी अब एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। उत्तर प्रदेश सरकार दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) को न्यू नोएडा के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केवल एक नए शहर के तौर पर नहीं, बल्कि ऐसे आधुनिक औद्योगिक और शहरी केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में नोएडा की विकास क्षमता को नई ऊंचाई दे सकता है। सरकारी स्तर पर तैयार योजना के मुताबिक, न्यू नोएडा को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसी सोच के तहत इसे अबु धाबी जैसे सुव्यवस्थित औद्योगिक मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है। मास्टर प्लान-2041 के तहत इस पूरे क्षेत्र का विस्तृत खाका तैयार कर लिया गया है, जिसमें उद्योग, आवास, परिवहन, जल प्रबंधन और हरित क्षेत्र को संतुलित रूप से शामिल किया गया है।

निवेश का नया केंद्र बनेगा न्यू नोएडा

तेजी से बढ़ती आबादी, उद्योगों की बढ़ती मांग और शहरी विस्तार के दबाव को देखते हुए नोएडा के समानांतर न्यू नोएडा को एक नए growth zone के रूप में तैयार किया जा रहा है। योजना है कि इस नए शहर में करीब 3000 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएं। इससे न सिर्फ बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्राधिकरण की सोच साफ है कि न्यू नोएडा सिर्फ जमीन का विस्तार नहीं होगा, बल्कि यह ऐसा नियोजित क्षेत्र होगा, जहां उद्योगों के लिए पर्याप्त जगह, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे नोएडा की औद्योगिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

6 लाख आबादी के हिसाब से तैयार होगा शहर

योजना के अनुसार, भविष्य में न्यू नोएडा की आबादी करीब 6 लाख तक पहुंच सकती है। इसमें लगभग 3.5 लाख प्रवासी आबादी के रहने का अनुमान है। इतनी बड़ी आबादी और औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए शहर के लिए रोजाना 300 एमएलडी पानी की आपूर्ति की तैयारी की गई है। बताया गया है कि इस पानी की व्यवस्था गंगाजल और भूमिगत जल के मिश्रण से की जाएगी। खास बात यह है that जल उपयोग को भी सेक्टरवार सोच के साथ बांटा गया है। प्रस्ताव के अनुसार 212 एमएलडी पानी उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि करीब 85 एमएलडी पानी घरेलू जरूरतों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे साफ है कि न्यू नोएडा को शुरू से ही व्यवस्थित urban utility planning के साथ तैयार किया जा रहा है। तेज शहरीकरण के बीच पर्यावरण संरक्षण को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। प्रस्तावित न्यू नोएडा में करीब 58.96 हेक्टेयर क्षेत्र में झीलों और 91.75 हेक्टेयर क्षेत्र में नहरों का विकास किया जाएगा। इन जल निकायों का मकसद केवल शहर को खूबसूरत बनाना नहीं, बल्कि भूजल स्तर को बेहतर करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और वेटलैंड संरचना को सुरक्षित रखना भी है। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी के शोधन के लिए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे। यानी न्यू नोएडा का मॉडल केवल industrial growth पर आधारित नहीं होगा, बल्कि उसे sustainable urban development की सोच के साथ आकार दिया जाएगा।

80 गांवों की जमीन पर खड़ा होगा न्यू नोएडा

इस नई शहरी परियोजना का विस्तार दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों तक होगा। प्रस्ताव के अनुसार लगभग 21 हजार हेक्टेयर भूमि पर न्यू नोएडा को विकसित किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लैंड पूलिंग नीति के तहत आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि विकास मॉडल में स्थानीय भागीदारी भी बनी रहे और भूमि प्रबंधन को अपेक्षाकृत संतुलित तरीके से अंजाम दिया जा सके। यह परियोजना बताती है कि नोएडा का अगला चरण अब पारंपरिक विस्तार से आगे निकलकर बड़े भूभाग पर एक पूरी तरह योजनाबद्ध शहर के रूप में सामने आ सकता है। न्यू नोएडा को केवल औद्योगिक क्षेत्र बनाकर नहीं छोड़ा जाएगा। यहां आवासीय ढांचे पर भी खास फोकस रखा गया है। योजना के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी श्रेणियों में आवास विकसित किए जाएंगे। साथ ही टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 फ्लैट भी बनाए जाने का प्रस्ताव है, ताकि अलग-अलग आय वर्ग के लोग इस नए शहर का हिस्सा बन सकें। आवासीय विकास के लिए करीब 2,477 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। इसका मतलब साफ है कि न्यू नोएडा को ऐसा संतुलित शहर बनाने की तैयारी है, जहां रोजगार और रिहाइश दोनों साथ-साथ विकसित हों।

न्यू नोएडा का लैंड यूज प्लान

मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित भूमि उपयोग भी यह संकेत देता है कि न्यू नोएडा को बहु-आयामी शहरी संरचना के रूप में तैयार किया जा रहा है। योजना के अनुसार—

  • औद्योगिक क्षेत्र : 8,811 हेक्टेयर
  • आवासीय क्षेत्र : 2,477 हेक्टेयर
  • ग्रीन पार्क व ओपन एरिया : 3,173.94 हेक्टेयर
  • ट्रैफिक व ट्रांसपोर्टेशन : 3,282.59 हेक्टेयर
  • इंस्टीट्यूशनल क्षेत्र : 1,682.15 हेक्टेयर
  • कमर्शियल क्षेत्र : 905.97 हेक्टेयर
  • मनोरंजन क्षेत्र : 420.60 हेक्टेयर
  • यूटिलिटी क्षेत्र : 198.85 हेक्टेयर
  • वॉटर बॉडी : 150.65 हेक्टेयर

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि न्यू नोएडा को केवल औद्योगिक हब नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित, आधुनिक और संतुलित शहर के रूप में प्लान किया गया है।

नोएडा की विकास गाथा का अगला अध्याय बन सकता है न्यू नोएडा

प्राधिकरण का मानना है कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, पर्यावरणीय संतुलन, पर्याप्त जल संसाधन और नियोजित विकास के साथ न्यू नोएडा आने वाले समय में निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता है। यह परियोजना नोएडा की मौजूदा पहचान को और मजबूत करते हुए क्षेत्र को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े औद्योगिक और शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। कुल मिलाकर, न्यू नोएडा केवल एक नया शहर नहीं, बल्कि नोएडा के भविष्य का अगला बड़ा विजन बनकर उभर रहा है। यदि यह योजना तय ढांचे में जमीन पर उतरती है, तो आने वाले वर्षों में यह इलाका उद्योग, निवेश, रोजगार और आधुनिक शहरी जीवन का बड़ा केंद्र बन सकता है। Noida News

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