गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित रूप से ‘Solar Spider’ नाम के थ्रेट एक्टर से जुड़ा हुआ है और इसकी गतिविधियों का केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय मॉड्यूल के जरिए संचालित किया जा रहा था।

Noida News : गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के को-ऑपरेटिव बैंकों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की साजिश रच रहा था। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क कथित रूप से ‘Solar Spider’ नाम के थ्रेट एक्टर से जुड़ा हुआ है और इसकी गतिविधियों का केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय मॉड्यूल के जरिए संचालित किया जा रहा था।
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर यूनिट ने थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ जोन की साइबर कमांडो टीमों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को इंटेलिजेंस इनपुट मिला था कि बीते कुछ दिनों से एक संदिग्ध साइबर मॉड्यूल दोबारा सक्रिय हुआ है, जो बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने की तैयारी में है। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह गिरोह खासतौर पर ऐसे को-ऑपरेटिव बैंकों को चुन रहा था, जहां साइबर सुरक्षा के मानक अपेक्षाकृत कमजोर हों। नोएडा पुलिस की सतर्कता के चलते इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखी गई और समय रहते बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों की योजना बेहद सुनियोजित थी। यह मॉड्यूल लक्षित बैंकों से 60 से 80 करोड़ रुपये तक की रकम अवैध रूप से अलग-अलग म्यूल खातों में ट्रांसफर करना चाहता था। इसके बाद उस धनराशि को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए देश से बाहर भेजने की रणनीति तैयार की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते इस नेटवर्क पर शिकंजा नहीं कसा जाता, तो कई बैंक भारी आर्थिक नुकसान की चपेट में आ सकते थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने 7 और 8 मार्च के सप्ताहांत के दौरान गुजरात स्थित एक को-ऑपरेटिव बैंक को निशाना बनाकर करीब 7 करोड़ रुपये की रकम विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी जानबूझकर ऐसे ट्रांजेक्शन वीकेंड पर अंजाम देते थे, जब बैंकिंग निगरानी सीमित रहती है और धोखाधड़ी का पता चलने में देरी हो सकती है। यही वजह रही कि नोएडा पुलिस ने इस मामले को केवल एक सामान्य साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि बैंकिंग सेक्टर पर संभावित बड़े हमले के रूप में लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम ने तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और संबंधित बैंकों को अलर्ट भेजा। उद्देश्य यह था कि आगे होने वाले किसी भी संदिग्ध ट्रांसफर को समय रहते रोका जा सके। पुलिस को जांच के दौरान ऐसे संकेत भी मिले कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी इसी तरह के साइबर हमलों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं। गौतमबुद्धनगर की डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पकड़े गए दोनों विदेशी नागरिकों के तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका से जुड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। उनसे पूछताछ के आधार पर अब इस पूरे रैकेट की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की ओर से को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। इसमें बैंकों को अपने साइबर सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करने, सिस्टम की कमजोरियों की जांच कराने और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की सलाह दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दायरे में छोटे और मध्यम वित्तीय संस्थानों को साइबर सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत है, ताकि ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों की घुसपैठ को रोका जा सके। Noida News