नोएडा में दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता की आत्महत्या से हड़कंप मच गया। नोएडा के सेक्टर-82 स्थित आवास से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने लंबे समय से चल रही अफनी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को वजह बताया ।

Noida News : दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश मेहता की नोएडा में हुई आत्महत्या का मामला लगातार चर्चा में है। नोएडा पुलिस की जांच में अब इस मामले को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। नोएडा पुलिस को उनके सेक्टर-82 स्थित आवास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने अपनी लंबे समय से चल रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख करते हुए इस कदम के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। Noida News
नोएडा पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में राकेश मेहता ने अपनी लंबी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को आत्महत्या की वजह बताया है। रिपोर्टों के मुताबिक परिवार ने भी बताया कि वह हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थे। उन्हें हाथ और पैर में कंपन जैसी दिक्कतें भी थीं। पुलिस के मुताबिक नोट में यह भी लिखा गया है कि उनकी मौत के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। हालांकि पुलिस सुसाइड नोट को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए उसके अलावा घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट की भी जांच कर रही है। Noida News
जानकारी के मुताबिक राकेश मेहता नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 में किराये के फ्लैट में करीब पांच वर्षों से रह रहे थे। उनकी पत्नी भी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और परिवार के अन्य सदस्य देहरादून में रहते हैं, जबकि उनकी बेटी लंदन में रहती हैं। पुलिस के अनुसार उनकी पत्नी से शनिवार रात फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद रविवार को जब परिवार के लोगों ने उन्हें कई बार फोन किया और कोई जवाब नहीं मिला तो सोसाइटी के सुरक्षा कर्मचारियों को जानकारी दी गई। सुरक्षाकर्मियों ने फ्लैट पर पहुंचकर जांच की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार घटना के समय फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया, जहां राकेश मेहता मृत अवस्था में मिले। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर किया गया। Noida News
राकेश मेहता का प्रशासनिक करियर बेहद महत्वपूर्ण रहा। वह 2007 से नवंबर 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव रहे। यह वह दौर था जब दिल्ली में 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां चल रही थीं। उनके कार्यकाल में राजधानी में कई महत्वपूर्ण नागरिक, परिवहन, बिजली और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम हुआ। मुख्य सचिव बनने से पहले उन्होंने दिल्ली सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह दिल्ली नगर निगम के आयुक्त (MCD Commissioner) और दिल्ली परिवहन निगम के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके थे। दिल्ली परिवहन व्यवस्था में भी उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। उनके कार्यकाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बदलाव और लो-फ्लोर बसों की शुरुआत से जुड़े महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे। Noida News
नोएडा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस सुसाइड नोट की सामग्री, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है। फिलहाल सामने आई जानकारी में पुलिस ने किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता की आशंका नहीं जताई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही मामले की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। राकेश मेहता जैसे वरिष्ठ पूर्व नौकरशाह की नोएडा में हुई मौत ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में भी शोक की लहर पैदा कर दी है। दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस वरिष्ठ अधिकारी का इस तरह निधन कई लोगों के लिए गहरा सदमा है। Noida News
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