गौतमबुद्धनगर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है। अदालत में प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने पर भी पुलिस कमिश्नरेट ने खास फोकस किया है।

Noida News : गौतमबुद्धनगर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है। अदालत में प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने पर भी पुलिस कमिश्नरेट ने खास फोकस किया है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 1 जनवरी 2025 से 16 सितंबर 2026 तक गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 1,733 अभियोगों में प्रभावी पैरवी करते हुए 2,021 अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाई है। इनमें 98 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है। गौतमबुद्धनगर पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक हत्या, पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, अपहरण, लूट, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न अपराधों को चिन्हित करके मामलों की विवेचना और अभियोजन की प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस के अनुसार इसका उद्देश्य पीड़ितों को समय से न्याय दिलाना और दोष सिद्ध होने पर अपराधियों को उनके अपराध की सजा दिलाना है। Noida News
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पॉक्सो एक्ट से जुड़े 40 अभियोगों, दुष्कर्म के 7, अपहरण के 5 और हत्या के 48 अभियोगों में दोषियों को सजा दिलाई गई। इसके अलावा डकैती के 4, लूट के 41 और गिरोहबंद अधिनियम के 21 मामलों में भी प्रभावी पैरवी की गई। आंकड़ों में चोरी से जुड़े 535 अभियोग और आर्म्स एक्ट से जुड़े 543 अभियोग भी शामिल हैं। अन्य धाराओं से संबंधित 489 अभियोगों में भी दोषियों को न्यायालय से दंडित कराया गया। Noida News
गौतमबुद्धनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप इस अवधि में 98 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा हुई। इसके अतिरिक्त 25 अपराधियों को 10 से 20 वर्ष तक के कारावास और 58 अपराधियों को 5 से 10 वर्ष तक के कारावास से दंडित किया गया। यानी गंभीर अपराधों के मामलों में अदालत से मिली सजाओं में लंबी अवधि के कारावास की संख्या भी उल्लेखनीय रही। Noida News
पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक ऑपरेशन कन्विक्शन में केवल अपराधी की गिरफ्तारी को सफलता नहीं माना गया, बल्कि विवेचना को निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने, समय से आरोपपत्र दाखिल करने तथा महत्वपूर्ण गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कराने पर भी जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस के स्तर पर भी ऑपरेशन कन्विक्शन को चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी एवं त्वरित दंडात्मक कार्रवाई से जोड़ा गया है। Noida News
गौतमबुद्धनगर पुलिस के अनुसार यह अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों के मामलों में विवेचना से लेकर न्यायालय में पैरवी तक की पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यही वजह है कि महिलाओं, बच्चों और अन्य पीड़ितों से जुड़े गंभीर अपराधों में “गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?” के सवाल का जवाब अब अदालत से मिली सजा के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। Noida News
[ चेतना मंच का दृष्टिकोण: अपराध के खिलाफ पुलिस की असली सफलता केवल गिरफ्तारी की संख्या से नहीं, बल्कि न्यायालय में दोष सिद्ध होने और पीड़ित को न्याय मिलने से भी मापी जाती है। गौतमबुद्धनगर पुलिस के ये आंकड़े इसी पहलू को सामने रखते हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में प्रभावी विवेचना तथा अभियोजन की भूमिका महत्वपूर्ण है। ] Noida News
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