
Noida: अधिकारी यदि मजबूत व कर्तव्यनिष्ठ हो तो उसके आधीन (मातहत) काम करने वालों को भी सही काम करना पड़ता है। इस बात का प्रमाण नोएडा में देखने को मिला है। यहां नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर की सख्ती से नीचे के पुलिसकर्मियों को भी मजबूरन सख्त ''एक्शन'' लेना पड़ा है। इसी एक्शन का नतीजा है कि पुलिस चाहते हुए भी रेंज रोवर तथा बीएमडब्लू जैसी दो लग्जरी गाडिय़ों को ''हजम'' नहीं कर पाई।
पुलिस के द्वारा गाड़ी हजम करने की बात पर आप अवश्य चौंक रहे होंगे। हम आपको विस्तार से यह किस्सा बताते हैं। हुआ यह था कि 4 दिसंबर को सुबह 9.30 बजे दीपिका नामक एक युवती अपनी स्कूटी से ड्यूटी पर जा रही थी। ठीक उसी समय कुछ रईसजादे सेक्टर-96 में जैगुवार, रेंजरोवर व बीएमडब्लू जैसी महंगी कारों से ''रेसिंग'' कर रहे थे। इन तीनों में अपनी-अपनी कार को एक-दूसरे से आगे निकालने की रेस चल रही थी। स्पीड पर कंट्रोल न कर पाने के कारण अचानक एक रईसजादे ने सामने से दीपिका की स्कूटी को ''उड़ा'' दिया। दीपिका की बीच सड़क पर तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
अपनी बहन की हत्या की शिकायत करने उसका भाई राजीव कुमार त्रिपाठी अपने कुछ हमदर्दों के साथ सेक्टर-39 थाने पहुंचा। चेतना मंच के सूत्रों का दावा है कि राजीव के वहां पहुंचने से पहले ही रेसिंग का खेल खेल रहे रईसजादों ने पुलिस को ''सैट'' कर लिया था। थाने की पुलिस ने राजीव से एक्सीडेंट की सामान्य तहरीर लिखवाकर घटनास्थल पर दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली जैगुवार कार नम्बर- CRO-4Q-0001 को दुर्घटना के लिए नामित कर दिया। विभिन्न समाचार-पत्रों को भी सामान्य दुर्घटना में युवती की मौत बताकर मामला रफा-दफा कर दिया गया। इस घटना के कुछ चश्मदीद गवाह ''चेतना मंच'' के पास आए और उन्होंने बताया कि यह मामला सामान्य दुर्घटना का नहीं है। कारों की ''रेस'' लगा रहे रईसजादों ने रेस के जुनून में दीपिका की हत्या कर दी है। इस सूचना पर चेतना मंच ने व्यापक तहकीकात की और इस संबंध में एक के बाद एक करके चार समाचार प्रकाशित किए। जब ये समाचार नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के संज्ञान में आए तो उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया तथा पूरे मामले में सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्हीं के निर्देश के बाद यह संभव हुआ कि घटना में प्रयुक्त जिन दो बेहद महंगी कारों को पुलिस ''हजम'' करना चाहती थी उन्हें बरामद करके थाने में दाखिल कर दिया गया है।
सेक्टर-39 थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव बालियान ने चेतना मंच को बताया कि घटना के समय मौके पर मौजूद रेंज रोवर कार नंबर PB-88-1420 व स्पोर्ट बीएमडब्लू कार नंबर DL-8C-AU-5000 को बरामद कर लिया गया है। दोनों ही कार थाने में खड़ी हैं। रेंजरोवर कार गुडगांव के रहने वाले धनंजय व बीएमडब्लू कार दिल्ली के रहने वाले इन्दर कुमार की है।
पुलिस ने यह भी बताया कि जैगुवार कार के मालिक सैमुअल को पहले मात्र एक्सीडेंट की धारा-304ए के तहत जेल भेजा गया था। अब उसे हत्या की धारा-302 में जेल भेज दिया गया है। दीपिका के भाई राजीव कुमार त्रिपाठी उनके पिता राजनारायण त्रिपाठी उनके सहयोगी रविन्द्र चौहान समेत इस मामले के सभी जानकारों का कहना है कि यदि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह इस मामले में सख्ती व तत्परता नहीं दिखाती तो थाने की पुलिस तो दोनों महंगी कारों को ''हजम'' कर ही गई थी। अभी भी पुलिस रेसिंग कर रही इन दोनों कारों के मालिकों को पकडऩे में विफल साबित हो रही है।