नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के डायल-112 पीआरवी पुलिसकर्मियों ने 26 अगस्त 2026 को अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी हर स्तर पर सराहना की जानी चाहिए।

Noida News : पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधियों पर कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करना भी पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के डायल-112 पीआरवी पुलिसकर्मियों ने 26 अगस्त 2026 को अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी हर स्तर पर सराहना की जानी चाहिए। सेक्टर-58 क्षेत्र में लावारिस अवस्था में मिली करीब तीन वर्षीय बच्ची को पुलिसकर्मियों ने महज कुछ घंटों की मेहनत के बाद उसके परिवार से मिला दिया। Noida News
जानकारी के अनुसार नोएडा के थाना सेक्टर-58 क्षेत्र के एक पार्क में करीब तीन वर्ष की बच्ची अकेली घूमती हुई दिखाई दी। बच्ची अपना नाम और पता बताने की स्थिति में नहीं थी। एक व्यक्ति ने तत्काल डायल-112 पीआरवी कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बच्ची को अपनी सुरक्षा में लिया। इतनी छोटी बच्ची के अकेले मिलने की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। पीआरवी पुलिसकर्मियों ने बच्ची की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने के लिए आसपास के इलाकों में लगातार प्रयास किया। ग्राम बिशनपुरा और खोड़ा क्षेत्र में पीए सिस्टम के माध्यम से जानकारी प्रसारित कराई गई। इसके साथ ही अन्य स्थानीय स्रोतों से भी बच्ची के परिवार के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिसकर्मियों की लगातार मेहनत और तत्परता का परिणाम यह रहा कि करीब तीन घंटे के भीतर बच्ची के परिजनों को तलाश लिया गया। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को सकुशल उसकी माता के सुपुर्द कर दिया। Noida News

बच्ची के सकुशल मिलने के बाद उसके परिजनों ने नोएडा पुलिस का आभार व्यक्त किया और पुलिसकर्मियों की तत्परता एवं मानवीय व्यवहार की प्रशंसा की। परिजनों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा होगा, क्योंकि कुछ घंटों के लिए उनसे उनकी मासूम बच्ची दूर हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम में नोएडा पीआरवी पुलिसकर्मियों की सक्रियता यह बताती है कि किसी भी सूचना को गंभीरता से लेकर तत्काल मौके पर पहुंचना और जरूरतमंद की सहायता करना पुलिस की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। Noida News
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में पुलिसिंग में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा और सहायता को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस घटना में पीआरवी कर्मियों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता इसी पुलिसिंग व्यवस्था की एक सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। खास तौर पर बच्चों से जुड़े मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों द्वारा बच्ची को सुरक्षित अपनी संरक्षा में लेना, आसपास के क्षेत्रों में लगातार जानकारी कराना और कुछ ही घंटों में उसके परिवार तक पहुंचना सराहनीय है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि आपात स्थिति में डायल-112 जैसी पुलिस सहायता व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है। यदि स्थानीय व्यक्ति ने समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी होती तो बच्ची को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने में और अधिक समय लग सकता था। नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी जाता है कि लावारिस या अकेले मिले किसी बच्चे को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना नागरिकों की जिम्मेदारी है। Noida News
तीन वर्षीय बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने वाली इस कार्रवाई को नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिसिंग के उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। पुलिसकर्मियों ने न केवल बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि परिवार की तलाश के लिए क्षेत्र में लगातार प्रयास भी किया। चेतना मंच की ओर से नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के पीआरवी पुलिसकर्मियों की इस मानवीय पहल की सराहना की जाती है। ऐसे प्रयास आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करते हैं और यह भरोसा बढ़ाते हैं कि संकट की घड़ी में पुलिस उनकी सहायता के लिए तत्पर है। Noida News
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