कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की घेराबंदी एक बार फिर तेज हो गई है। नोएडा पुलिस का पूरा प्रयास है कि किसी भी प्रकार कुख्यात माफिया सरगना रवि काना को 6 अप्रैल 2026 से पहले दबोच कर उसके सही ठिकाने (जेल) पर पहुंचा दिया जाए।

Noida News : कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की घेराबंदी एक बार फिर तेज हो गई है। नोएडा पुलिस का पूरा प्रयास है कि किसी भी प्रकार कुख्यात माफिया सरगना रवि काना को 6 अप्रैल 2026 से पहले दबोच कर उसके सही ठिकाने (जेल) पर पहुंचा दिया जाए। नोएडा पुलिस को पता है कि रवि काना के विरूद्ध दर्ज हुए ताजा मामले में 6 अप्रैल को अग्रिम जमानत पर कोर्ट में सुनवाई होनी है। नोएडा पुलिस यह मानकर चल रही है कि सुनवाई के दौरान रवि काना को अग्रिम जमानत मिल सकती है।
आपको बता दें कि कानूनी दांव-पेंच का फायदा उठाकर रवि काना अपने विरूद्ध दायर ज्यादातर मामलों में जमानत करवा चुका है। रवि काना के विरूद्ध हाल ही में रंगदारी मांगने के एक मामले में FIR दर्ज हुई है। यह FIR नोएडा क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार आलोक द्विवेदी ने दर्ज कराई है। आलोक द्विवेदी नोएडा के पत्रकारों की प्रतिष्ठित संस्था नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष हैं। नोएडा मीडिया क्लब वही संस्था है जिस पर अपने सहयोगी पंकज पाराशर की मॉर्फत रवि काना ने कब्जा जमा रखा था।
आपको बता दें कि पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के केस में सत्र न्यायालय में बृहस्पतिवार को स्क्रैप माफिया रवि काना की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई अगली तारीख छह अप्रैल को होगी। अभियोजन के मुताबिक, नोएडा की सेक्टर-39 कोतवाली में सेक्टर-62 इंडियन आयल अपार्टमेंट निवासी नोएडा मीडिया क्लब अध्यक्ष आलोक कुमार द्विवेदी ने रवि काना पर पांच करोड़ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया था। विवेचक ने अब तक केस डायरी नहीं दी है। इससे सुनवाई को अगली तारीख की अर्जी लगाई। आरोपित के अधिवक्ता. ललित मोहन गुप्ता ने बताया पिछली बार की तरह ही इस बार भी विवेचक ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं की। इससे रवि काना की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई। अदालत ने कहा है कि यदि छह अप्रैल को विवेचक केस डायरी प्रस्तुत नहीं करते तो वह जमानत याचिका पर फैसला सुना सकते हैं। Noida News