होली पर करोड़ो की शराब गटक गए नोएडावासी, विभाग भी रह गया दंग

आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस कारोबार से सरकार को लगभग 33 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। सबसे ज्यादा मांग देशी शराब की रही, लेकिन बियर और अंग्रेजी शराब की तेज बिक्री ने भी साबित कर दिया कि होली से पहले नोएडा का बाजार पूरी तरह उत्सवी रंग में डूबा रहा।

नोएडावासियों ने करोड़ों की शराब गटक ली
नोएडावासियों ने करोड़ों की शराब गटक ली
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar06 Mar 2026 10:02 AM
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Noida News : नोएडा में इस बार होली का रंग सिर्फ गुलाल और अबीर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शराब बाजार में भी इसका असर साफ नजर आया। त्योहार से पहले सिर्फ तीन दिनों में Noida और ग्रेटर नोएडा में करीब 45 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई, जिससे नया रिकॉर्ड बन गया। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस कारोबार से सरकार को लगभग 33 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। सबसे ज्यादा मांग देशी शराब की रही, लेकिन बियर और अंग्रेजी शराब की तेज बिक्री ने भी साबित कर दिया कि होली से पहले नोएडा का बाजार पूरी तरह उत्सवी रंग में डूबा रहा।

Holi से पहले नोएडा की दुकानों पर उमड़ी भीड़

होली के अवसर पर नोएडा में शराब की दुकानों पर 1, 2 और 3 मार्च को जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। चूंकि 4 मार्च को होली के दिन दुकानें बंद रहीं, इसलिए लोगों ने त्योहार से पहले ही बड़ी मात्रा में खरीदारी कर ली। आबकारी विभाग ने पहले से मांग का अनुमान लगाते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा की दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया था, जिसके चलते कहीं कमी की स्थिति नहीं बनी। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, तीन दिनों के भीतर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगभग 3.12 लाख लीटर देशी शराब की बिक्री हुई। इसके अलावा करीब 2.70 लाख लीटर बियर खरीदी गई। वहीं विदेशी और अंग्रेजी शराब के शौकीनों ने भी जमकर खरीदारी की और करीब 1.80 लाख लीटर शराब की खपत दर्ज की गई। कुल मिलाकर जिले में 7.5 लाख लीटर से अधिक शराब की बिक्री हुई, जो अपने आप में बड़ा आंकड़ा है।

पिछले साल के मुकाबले नोएडा में बड़ा उछाल

अगर पिछले वर्ष की होली से तुलना करें तो इस बार Noida में शराब बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते साल होली के मौके पर जिले में करीब 35 करोड़ रुपये की शराब बिकी थी, जबकि सरकार को लगभग 27 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस बार बिक्री में करीब 10 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी ने साफ कर दिया है कि नोएडा में त्योहारों के दौरान शराब की खपत लगातार बढ़ रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार नोएडा में बियर की बिक्री थोड़ी कम रही, लेकिन देशी और अंग्रेजी शराब की मांग में साफ बढ़ोतरी देखने को मिली। बीते साल होली के दौरान करीब 1.50 लाख लीटर देशी शराब और 1.25 लाख लीटर अंग्रेजी शराब बिकी थी, जबकि इस बार दोनों श्रेणियों में आंकड़े काफी ऊपर पहुंचे। इससे यह संकेत मिलता है कि नोएडा में त्योहारों के दौरान शराब उपभोग का पैटर्न भी तेजी से बदल रहा है। हालांकि होली पर इस बार नोएडा में शराब बिक्री ने नया कीर्तिमान बनाया, लेकिन यह आंकड़ा अभी भी दिवाली के रिकॉर्ड से नीचे है। पिछले दिवाली सीजन में जिले में करीब 55 करोड़ रुपये की शराब बिक्री दर्ज की गई थी। उस दौरान खासतौर पर प्रीमियम और विदेशी शराब की मांग अधिक रही थी, क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों ने गिफ्टिंग के लिए खरीदारी की थी।

आबकारी विभाग ने पहले से किया था इंतजाम

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, इस बार होली के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब 45 करोड़ रुपये की शराब बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल से अधिक है। उन्होंने बताया कि त्योहार को देखते हुए सभी दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध कराया गया था, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो। होली के दौरान नोएडा में हुई यह रिकॉर्डतोड़ बिक्री अब चर्चा का विषय बन गई है। तेजी से बढ़ती आबादी, उच्च आय वर्ग और त्योहारों पर बढ़ते उपभोग के चलते नोएडा अब उत्तर प्रदेश के उन जिलों में शामिल होता जा रहा है, जहां शराब बिक्री से सरकार को बड़ा राजस्व मिलता है। Noida News

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खाड़ी संकट पर गौतमबुद्धनगर प्रशासन अलर्ट, जारी हुई इमरजेंसी हेल्पलाइन

गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने गल्फ देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों के परिजनों से अपील की है कि वे अपने रिश्तेदारों का विवरण तुरंत साझा करें, ताकि किसी आपात स्थिति में नोएडा से ही तुरंत संपर्क और तेज मदद सुनिश्चित की जा सके।

गल्फ संकट के बीच नोएडा प्रशासन अलर्ट
गल्फ संकट के बीच नोएडा प्रशासन अलर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Mar 2026 10:58 AM
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Noida News : ईरान–इजरायल–अमेरिका के बीच बढ़ती कूटनीतिक और सैन्य तनातनी ने खाड़ी देशों के हालात को अनिश्चित बना दिया है। इस वैश्विक उथल-पुथल की गूंज अब नोएडा तक महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन (नोएडा) अलर्ट मोड में आ गया है। गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने गल्फ देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों के परिजनों से अपील की है कि वे अपने रिश्तेदारों का विवरण तुरंत साझा करें, ताकि किसी आपात स्थिति में नोएडा से ही तुरंत संपर्क और तेज मदद सुनिश्चित की जा सके।

नोएडा प्रशासन ने मांगी पूरी डिटेल

जिला प्रशासन के मुताबिक, जिन लोगों के परिवार के सदस्य या परिचित खाड़ी देशों में नौकरी कर रहे हैं, यात्रा पर गए हैं, किसी वजह से वहां फंस गए हैं या हाल ही में भारत लौटे हैं उनकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचना जरूरी है। इससे जरूरत पड़ने पर प्रशासन संबंधित व्यक्ति से तेजी से संपर्क कर पाएगा और मदद की प्रक्रिया बिना देरी शुरू हो सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिक अपने परिचितों का विवरण तहसील/उपजिलाधिकारी कार्यालय में या प्रशासन द्वारा बताए गए माध्यमों से भेज सकते हैं। साथ ही, नोएडा–गौतमबुद्धनगर में आपातकालीन कंट्रोल रूम समेत संबंधित अधिकारियों के नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं।

नोएडा/गौतमबुद्धनगर हेल्पलाइन नंबर (आपात संपर्क)

  • जिला आपातकालीन कंट्रोल रूम, गौतमबुद्धनगर: 0120-2978231, 0120-2978232
  • अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), गौतमबुद्धनगर: 98709 44876
  • जिला आपदा विशेषज्ञ, गौतमबुद्धनगर: 81455 63077 Noida News

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नोएडा की कंपनी का बड़ा कमाल, मुश्किल काम अब होंगे आसान

नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी कंपनी के मुताबिक, इस रोबोट को उन हाई-रिस्क लोकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है, जहां कदम रखना इंसानों के लिए खतरे से खाली नहीं होता।

ह्यूमनॉइड रोबोट
ह्यूमनॉइड रोबोट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Mar 2026 09:48 AM
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Noida News : नोएडा अब सिर्फ आईटी और स्टार्टअप्स का हब नहीं रहा, बल्कि रोबोटिक्स और एडवांस टेक्नोलॉजी में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। इसी कड़ी में नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी ने रिलायंस के सहयोग से एक ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है, जो इंसानों की तरह काम करने की क्षमता रखता है। नोएडा के सेक्टर-156 स्थित एडवर्ब टेक्नोलॉजी कंपनी के मुताबिक, इस रोबोट को उन हाई-रिस्क लोकेशंस के लिए डिजाइन किया गया है, जहां कदम रखना इंसानों के लिए खतरे से खाली नहीं होता।

भारत मंडपम में बना आकर्षण का केंद्र

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में इस रोबोट ने खूब सुर्खियां बटोरीं। समिट में कंपनी की तरफ से मौजूद देव प्रसाद सिंह ने बताया कि रोबोट की डिजाइनिंग और कार्यक्षमता को इस तरह तैयार किया गया है कि यह वस्तु उठाने, उसे दूसरी जगह रखने और कई ऑपरेशनल टास्क बिना परेशानी के कर सके। नोएडा की यह इनोवेशन इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि इसे देखने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसे “भविष्य का सहायक” बता रहे हैं खासतौर पर महिलाएं इसे रसोई में मददगार असिस्टेंट की तरह देख रही हैं। देव प्रसाद सिंह के मुताबिक, रोबोट को 40 से 45 मिनट चार्ज करने के बाद यह 5 से 6 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट पूरी तरह मेड इन इंडिया है इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का विकास भारत में ही किया गया है।कंपनी का मानना है कि ऐसे रोबोट आने वाले समय में उन जगहों पर “मानव जीवन की सुरक्षा” सुनिश्चित करेंगे, जहां अब तक काम करना सबसे बड़ी चुनौती रहा है। यानी मुश्किल काम भी होंगे, और इंसानी जान जोखिम में नहीं पड़ेगी।

नोएडा का स्मार्ट साथी

समिट का शोर भले ही थम चुका है, लेकिन नोएडा में तैयार यह ह्यूमनॉइड रोबोट अब भी सोशल मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। इंटरनेट पर इसे लेकर चर्चाएं दिलचस्प मोड़ ले रही हैं महिलाएं इसे रसोई का स्मार्ट सहायक मानकर देख रही हैं, युवा इसे पढ़ाई और रोज़मर्रा के कामों में पर्सनल हेल्पर की तरह कल्पना कर रहे हैं, जबकि बुजुर्गों को इसमें एक भरोसेमंद केयर असिस्टेंट नजर आता है, जो जरूरत पड़ने पर नर्स जैसी भूमिका निभा सके। कीमत पर कंपनी ने अभी अंतिम ऐलान नहीं किया है, मगर शुरुआती आकलन के मुताबिक इसकी संभावित कीमत 30 से 50 लाख रुपये के बीच हो सकती है। Noida News

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