नोएडावासियों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती और फॉल्ट के कारण बाधित आपूर्ति से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। विद्युत निगम ने शहर की बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत और स्वचालित बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया है।

Noida News : नोएडावासियों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती और फॉल्ट के कारण बाधित आपूर्ति से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। विद्युत निगम ने शहर की बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत और स्वचालित बनाने की दिशा में काम तेज कर दिया है। करीब 20 सेक्टरों और आवासीय सोसाइटियों में स्वचालित रिंग मेन यूनिट (RMU) लगाने का काम पूरा हो चुका है। आरएमयू सिस्टम की मदद से किसी एक फीडर में तकनीकी खराबी आने पर बिजली आपूर्ति को दूसरे फीडर पर स्वत: स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसके लिए कर्मचारियों को मौके पर जाकर मैन्युअल रूप से लाइन बदलने की जरूरत नहीं होगी। इससे फॉल्ट वाले हिस्से को अलग कर प्रभावित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने में मदद मिलेगी। Noida News
विद्युत निगम ने नोएडा में आरएमयू लगाने की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सेक्टर-20 के बिजली उपकेंद्र से की थी। यहां एक फीडर में खराबी आने के बाद वैकल्पिक फीडर से बिजली आपूर्ति शुरू करने की व्यवस्था का परीक्षण किया गया। पायलट प्रोजेक्ट के सफल रहने के बाद अब शहर के अन्य बिजली उपकेंद्रों और फीडरों पर भी यह व्यवस्था लागू की जा रही है। निगम ने मार्च 2027 तक सभी निर्धारित स्थानों पर आरएमयू लगाने का लक्ष्य तय किया है। Noida News
विद्युत निगम के अधिकारियों के मुताबिक सेक्टर-22, 23, 33, चौड़ा, 38, 39, 40, एनएसईजेड, 82, 93, 93बी, 99 और 100 समेत करीब 20 आवासीय सेक्टरों, सोसाइटियों और अन्य क्षेत्रों में आरएमयू लगाने का काम पूरा हो चुका है। इस व्यवस्था से इन क्षेत्रों के 40 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए यह तकनीक लागू की जा रही है। Noida News
विद्युत निगम के क्षेत्र में जिले में करीब 4.75 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को लगभग 125 बिजली उपकेंद्रों और करीब 2,000 फीडरों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है। आरएमयू लगाने का काम चरणबद्ध तरीके से इन उपकेंद्रों और फीडरों पर किया जा रहा है। व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद किसी फीडर में तकनीकी समस्या आने पर बिजली आपूर्ति को वैकल्पिक फीडर से जोड़ने में कम समय लगेगा। इससे लंबे समय तक बिजली गुल रहने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। इस परियोजना के लिए विद्युत निगम की ओर से करीब 230 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। इसी राशि से विभिन्न बिजली फीडरों पर आरएमयू स्थापित किए जा रहे हैं। आवासीय क्षेत्रों में करीब 1,700 आरएमयू लगाए जाने हैं। इनमें से लगभग 140 आरएमयू लगाने का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। बाकी स्थानों पर भी स्थापना का काम जारी है। Noida News
आरएमयू व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी एक फीडर पर तकनीकी खराबी आने की स्थिति में वैकल्पिक फीडर से बिजली आपूर्ति स्वत: शुरू की जा सकेगी। इससे फॉल्ट वाले हिस्से को अलग करने और बिजली बहाल करने में लगने वाला समय कम होगा। फिलहाल कई जगहों पर फीडर में खराबी आने के बाद लाइन बदलने या आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारियों को मैन्युअल प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। आरएमयू के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद इस प्रक्रिया को अधिक स्वचालित और तेज बनाया जा सकेगा। विद्युत निगम का लक्ष्य मार्च 2027 तक निर्धारित सभी स्थानों पर आरएमयू लगाने का है। परियोजना पूरी होने के बाद नोएडा की बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक आधुनिक और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी। Noida News
विज्ञापन