नोएडा के बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड का होगा मेकओवर, योजना को मिली मंजूरी
करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से इस बस स्टैंड को नए सिरे से विकसित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले और साथ ही नोएडा के सेक्टर-37, महामाया फ्लाईओवर और मास्टर प्लान रोड-3 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिल सके।

Noida News : नोएडा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप नोएडा शहर में रहते है तो यह खबर आपके काम की है। नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-38ए स्थित बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड के कायाकल्प की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से इस बस स्टैंड को नए सिरे से विकसित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले और साथ ही नोएडा के सेक्टर-37, महामाया फ्लाईओवर और मास्टर प्लान रोड-3 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिल सके।
नोएडा में बनेगा आधुनिक ट्रांजिट हब
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड को पूरी तरह मॉडर्न ट्रांजिट हब की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। योजना के तहत यहां बस पार्किंग, शेड, टिकटिंग और यात्री सुविधाओं के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट का डिजाइन और अनुमानित बजट तैयार करा लिया है, और अब इसे तकनीकी जांच के लिए आईआईटी दिल्ली भेजने की तैयारी है। फिलहाल नोएडा के इस बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड के नाम पर खाली परिसर है, जहां बसें अव्यवस्थित तरीके से खड़ी होती हैं। बताया जाता है कि यह बस स्टैंड करीब 8 साल पहले उस समय तैयार हुआ था, जब नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से 50 एसी बसें चलाई गई थीं। लेकिन कोविड के दौरान मार्च 2020 में बस संचालन बंद होने के बाद यह स्थान धीरे-धीरे अव्यवस्था और अव्यवस्थित पार्किंग का केंद्र बन गया।
पुराने निरीक्षण के बाद बनी योजना
अधिकारियों के अनुसार, करीब आठ महीने पहले प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ डॉ. लोकेश एम ने निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड को बेहतर बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण की टीम ने डिजाइन, लेआउट और लागत का प्रस्ताव तैयार कराया। अब वर्तमान प्रबंधन ने इस परियोजना को सैद्धांतिक हरी झंडी दे दी है। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि जल्द ही फाइल आईआईटी दिल्ली को भेजी जाएगी। वहां से तकनीकी परीक्षण और आवश्यक सुधारों के बाद अगले महीने टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। प्रस्ताव के अनुसार नोएडा के सेक्टर-38A में करीब 2.85 एकड़ क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित ट्रांजिट स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 26 बसों के लिए डिज़ाइनर शेड पार्किंग, 8 ई-बसों के लिए चार्जिंग पॉइंट, यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय और टिकट काउंटर तैयार होंगे। साथ ही 8 कियोस्क, फूड कोर्ट, 14 ऑटो के लिए अलग ड्रॉप-एरिया, पुलिस चौकी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी इसी परिसर में दी जाएंगी।
नोएडा में जाम कम करने की भी कोशिश
नोएडा के महामाया फ्लाईओवर की तरफ से आने वाले रास्ते पर अक्सर ऑटो और ई-रिक्शा का जमावड़ा मास्टर प्लान रोड-3 और सेक्टर-38 अंडरपास के आसपास दिखाई देता है। इसी तरह सेक्टर-37 अंडरपास के कोने पर भी हर समय भीड़ बनी रहती है। अधिकारियों का कहना है कि अलग ड्रॉप एरिया और व्यवस्थित पार्किंग से यहां ट्रैफिक नियंत्रण में मदद मिलेगी और नोएडा के इस हिस्से में जाम की तीव्रता घटाई जा सकेगी। Noida News
Noida News : नोएडा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप नोएडा शहर में रहते है तो यह खबर आपके काम की है। नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-38ए स्थित बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड के कायाकल्प की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से इस बस स्टैंड को नए सिरे से विकसित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले और साथ ही नोएडा के सेक्टर-37, महामाया फ्लाईओवर और मास्टर प्लान रोड-3 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिल सके।
नोएडा में बनेगा आधुनिक ट्रांजिट हब
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड को पूरी तरह मॉडर्न ट्रांजिट हब की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। योजना के तहत यहां बस पार्किंग, शेड, टिकटिंग और यात्री सुविधाओं के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट का डिजाइन और अनुमानित बजट तैयार करा लिया है, और अब इसे तकनीकी जांच के लिए आईआईटी दिल्ली भेजने की तैयारी है। फिलहाल नोएडा के इस बॉटनिकल गार्डन बस स्टैंड के नाम पर खाली परिसर है, जहां बसें अव्यवस्थित तरीके से खड़ी होती हैं। बताया जाता है कि यह बस स्टैंड करीब 8 साल पहले उस समय तैयार हुआ था, जब नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से 50 एसी बसें चलाई गई थीं। लेकिन कोविड के दौरान मार्च 2020 में बस संचालन बंद होने के बाद यह स्थान धीरे-धीरे अव्यवस्था और अव्यवस्थित पार्किंग का केंद्र बन गया।
पुराने निरीक्षण के बाद बनी योजना
अधिकारियों के अनुसार, करीब आठ महीने पहले प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ डॉ. लोकेश एम ने निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड को बेहतर बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण की टीम ने डिजाइन, लेआउट और लागत का प्रस्ताव तैयार कराया। अब वर्तमान प्रबंधन ने इस परियोजना को सैद्धांतिक हरी झंडी दे दी है। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि जल्द ही फाइल आईआईटी दिल्ली को भेजी जाएगी। वहां से तकनीकी परीक्षण और आवश्यक सुधारों के बाद अगले महीने टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। प्रस्ताव के अनुसार नोएडा के सेक्टर-38A में करीब 2.85 एकड़ क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित ट्रांजिट स्पेस के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 26 बसों के लिए डिज़ाइनर शेड पार्किंग, 8 ई-बसों के लिए चार्जिंग पॉइंट, यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय और टिकट काउंटर तैयार होंगे। साथ ही 8 कियोस्क, फूड कोर्ट, 14 ऑटो के लिए अलग ड्रॉप-एरिया, पुलिस चौकी और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं भी इसी परिसर में दी जाएंगी।
नोएडा में जाम कम करने की भी कोशिश
नोएडा के महामाया फ्लाईओवर की तरफ से आने वाले रास्ते पर अक्सर ऑटो और ई-रिक्शा का जमावड़ा मास्टर प्लान रोड-3 और सेक्टर-38 अंडरपास के आसपास दिखाई देता है। इसी तरह सेक्टर-37 अंडरपास के कोने पर भी हर समय भीड़ बनी रहती है। अधिकारियों का कहना है कि अलग ड्रॉप एरिया और व्यवस्थित पार्किंग से यहां ट्रैफिक नियंत्रण में मदद मिलेगी और नोएडा के इस हिस्से में जाम की तीव्रता घटाई जा सकेगी। Noida News












