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नोएडा से इस वक्त एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आ रही है, जिसका सीधा असर प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने वाले हजारों लोगों पर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल से नोएडा में संपत्ति रजिस्ट्री का पूरा सिस्टम बदलने जा रहा है।

Noida News : नोएडा से इस वक्त एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आ रही है, जिसका सीधा असर प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने वाले हजारों लोगों पर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल से नोएडा में संपत्ति रजिस्ट्री का पूरा सिस्टम बदलने जा रहा है। अब तक जहां लोगों को रजिस्ट्री के लिए पूरे दिन की राहत मिल जाती थी, वहीं नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल एक घंटे का तय स्लॉट ही मिलेगा। यानी आवेदक को उसी निर्धारित समय के भीतर अपनी पूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि तय अवधि में रजिस्ट्री नहीं हो पाई, तो स्लॉट स्वतः रद्द माना जाएगा और फिर से नया समय लेना पड़ेगा। नोएडा में लागू की जा रही इस नई व्यवस्था को प्रशासन रजिस्ट्री प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे रजिस्ट्री कार्यालयों में अनियंत्रित भीड़ कम होगी, दस्तावेजों की जांच अधिक सावधानी से हो सकेगी और कामकाज में फैली अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगी।
अब तक नोएडा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुक कराने के बाद लोगों को पूरे दिन का समय मिल जाता था। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग अपनी सुविधा से देर से पहुंचते थे, जिससे दोपहर बाद रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ अचानक बढ़ जाती थी। इस स्थिति में न सिर्फ कामकाज प्रभावित होता था, बल्कि दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच भी मुश्किल हो जाती थी। नई व्यवस्था के तहत नोएडा में जिस समय का स्लॉट बुक होगा, उसी एक घंटे के भीतर आवेदक को अपनी रजिस्ट्री पूरी करानी होगी। यदि किसी कारणवश वह तय समय पर नहीं पहुंच पाया या प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी, तो उसका स्लॉट समाप्त हो जाएगा।
नोएडा में 1 अप्रैल से लागू होने वाले इस नियम का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो आखिरी समय में दस्तावेज तैयार करते हैं या देरी से कार्यालय पहुंचते हैं। एक बार स्लॉट निरस्त होने के बाद उसी दिन दोबारा मौका तभी मिलेगा, जब कोई अन्य स्लॉट खाली हो। अन्यथा आवेदक को अगले दिन के लिए फिर से आवेदन करना होगा। इससे खरीदार, विक्रेता, अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक सभी को पहले से अधिक तैयारी के साथ काम करना पड़ेगा।
निबंधन विभाग की ओर से ऑनलाइन पोर्टल पर स्लॉट व्यवस्था से जुड़ी सूचना भी अपलोड कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नोएडा में रजिस्ट्री का काम भले सुबह शुरू होने की बात कही जाती हो, लेकिन व्यवहार में वास्तविक गति अक्सर दोपहर बाद ही बनती है। नतीजतन, कुछ घंटों में ही अत्यधिक भीड़ जमा हो जाती है। अधिकारियों का मानना है कि नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना समय की मांग है। एक घंटे के स्लॉट की व्यवस्था लागू होने से हर दस्तावेज की जांच के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा और जल्दबाजी में त्रुटि होने की आशंका भी कम होगी।
हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर नोएडा में काम कर रहे अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि यदि रजिस्ट्री विभाग का सर्वर सुचारु रूप से नहीं चला, तो एक घंटे का स्लॉट सिस्टम लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी बन सकता है। उनका तर्क है कि कई बार तकनीकी दिक्कतों के कारण प्रक्रिया बीच में रुक जाती है। ऐसी स्थिति में यदि सर्वर ठप हो गया, तो आवेदक समय पर रजिस्ट्री पूरी नहीं कर पाएगा और उसका स्लॉट निरस्त हो सकता है। इससे खासकर नोएडा जैसे बड़े प्रॉपर्टी बाजार में कामकाज प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
एक ओर जहां नोएडा में रजिस्ट्री प्रक्रिया को नए ढांचे में ढाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ी राहत मिली है। यूपी रेरा ने 13 जिलों की 24 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें सबसे अहम हिस्सेदारी गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद की बताई जा रही है। गौतमबुद्ध नगर जिले में पांच नई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं में करीब 5,218.41 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश प्रस्तावित है। इन प्रोजेक्ट्स के तहत कुल 2,969 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट सेक्टर अभी भी विस्तार के मोड में है। वहीं गाजियाबाद में तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें दो कमर्शियल और एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन परियोजनाओं में करीब 83.85 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है और कुल 468 यूनिट्स विकसित की जानी हैं। Noida News