नोएडा से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जो खासतौर पर जमीन रजिस्ट्री कराने वाले बुजुर्गों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब नोएडा में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान पहचान सत्यापन के लिए केवल अंगूठे के निशान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

Noida News : नोएडा से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जो खासतौर पर जमीन रजिस्ट्री कराने वाले बुजुर्गों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। अब नोएडा में संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान पहचान सत्यापन के लिए केवल अंगूठे के निशान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिन लोगों के फिंगरप्रिंट मशीन में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, उनके लिए आइरिस स्कैन यानी आंखों की पहचान के जरिए आधार सत्यापन की सुविधा शुरू की जाएगी। माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से नोएडा के बुजुर्ग खरीदारों और विक्रेताओं को बड़ी राहत मिलेगी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा आसान, तेज और सुविधाजनक बन सकेगी।
नोएडा के रजिस्ट्री कार्यालयों में हर दिन बड़ी संख्या में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ कई लोगों के अंगूठों के निशान मशीन में सही तरह से दर्ज नहीं हो पाते। त्वचा का सूखापन, उंगलियों की सतह का घिस जाना और उम्रजनित बदलाव इसके बड़े कारण बनते हैं। ऐसे मामलों में लोगों से अतिरिक्त पहचान पत्र और दूसरे दस्तावेज मांगे जाते थे, जिससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया लंबी खिंच जाती थी। अब आइरिस स्कैन की सुविधा शुरू होने से नोएडा में इस परेशानी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
जमीन रजिस्ट्री में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए आधार आधारित सत्यापन को पहले ही अनिवार्य किया जा चुका है। अब नोएडा में इस प्रक्रिया को और अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए रजिस्ट्री विभाग ने आइरिस स्कैन तकनीक को शामिल करने की तैयारी तेज कर दी है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनकी पहचान अंगूठे के निशान से सत्यापित नहीं हो पा रही थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नोएडा के रजिस्ट्री कार्यालयों में ऐसे मामलों में आंखों की पुतली स्कैन कर आधार से मिलान किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि तेज, सटीक और ज्यादा सुरक्षित तरीके से हो सकेगी। माना जा रहा है कि इस बदलाव से नोएडा में संपत्ति रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुगम बन जाएगी।
शासन स्तर से नोएडा की सभी तहसीलों को आइरिस डिवाइस खरीदने के निर्देश जारी किए गए हैं। जैसे ही ये मशीनें उपलब्ध होंगी, नोएडा के संबंधित रजिस्ट्री कार्यालयों में इनका इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। इससे बुजुर्गों को बार-बार पहचान साबित करने के झंझट से राहत मिलेगी और दस्तावेजी औपचारिकताओं का बोझ भी कम होगा। अधिकारियों का मानना है कि नोएडा में इस नई तकनीक के लागू होने से न सिर्फ बुजुर्गों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पूरी रजिस्ट्री प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी। संपत्ति से जुड़े मामलों में पहचान सत्यापन की सटीकता बढ़ने से धोखाधड़ी की आशंका भी कम होगी।
स्टांप एवं पंजीयन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आइरिस स्कैन डिवाइस की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसे जमीनी स्तर पर लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद नोएडा में रजिस्ट्री कराने आने वाले बुजुर्गों को अतिरिक्त पहचान पत्र दिखाने या लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Noida News