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नोएडा प्राधिकरण ने क्लस्टर आधारित सरफेस पार्किंग व्यवस्था के तहत करीब 20 हजार वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की है, लेकिन इसके बावजूद सड़क किनारे अवैध पार्किंग और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

Noida News : नोएडा शहर में लगातार बढ़ते वाहन दबाव और सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या को खत्म करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। नोएडा प्राधिकरण ने क्लस्टर आधारित सरफेस पार्किंग व्यवस्था के तहत करीब 20 हजार वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की है, लेकिन इसके बावजूद सड़क किनारे अवैध पार्किंग और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आरोप लगते हैं कि तय सीमा से अधिक वाहन ठेकेदारों के जरिए अवैध रूप से खड़े कराए जाते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है। अब इन समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में प्राधिकरण ने आधुनिक इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (पजल) पार्किंग सिस्टम को अपनाने का फैसला किया है। इस तकनीक के जरिए बेहद कम जगह में कई गुना अधिक वाहनों की पार्किंग संभव होगी। Noida News
इस योजना के तहत सेक्टर-15, 62, 63 और 125 में पजल पार्किंग के लिए टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नवंबर तक इन चारों स्थानों पर पार्किंग संचालन शुरू होने की उम्मीद है। ये सभी पजल पार्किंग लगभग 13×18 मीटर (करीब 234 वर्ग मीटर) के छोटे भूखंड पर विकसित की जा रही हैं। अनुमान है कि इन्हें 6 से 8 महीनों के भीतर पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। Noida News
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि भूमिगत और बहुमंजिला पार्किंग के विस्तार की सीमित संभावनाओं को देखते हुए यह मॉडल चुना गया है। अब आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक सेक्टरों में खाली पड़े फैसेलिटी प्लॉट्स की पहचान कर वहां पजल पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसी दिशा में प्रशासन स्तर पर व्यापक सर्वे और प्लॉट चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस मुद्दे पर बुधवार को मुख्य सचिव और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा प्रस्तावित है। साल के अंत तक वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को यह रिपोर्ट सौंपी जानी है कि नोएडा में ट्रैफिक जाम और सड़क किनारे पार्किंग को नियंत्रित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण तेजी से कार्ययोजना को अंतिम रूप देने में जुटा है। एक आंकड़े के अनुसार, एक वाहन को खड़ा करने के लिए औसतन 30 वर्ग मीटर स्थान की आवश्यकता होती है। अनुमान है कि एक वाहन दिन में कम से कम तीन अलग-अलग स्थानों पर पार्क होता है। इसी कारण लगभग 95 प्रतिशत वाहन किसी न किसी रूप में सड़क पर खड़े देखे जाते हैं। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, परिवहन विभाग में कुल 12,86,620 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें डीजल, पेट्रोल, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहन शामिल हैं। बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते शहर में प्रतिदिन लगभग 3000 वर्ग मीटर अतिरिक्त पार्किंग स्पेस उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है। Noida News
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