नोएडा के रामा अस्पताल में पुष्पा देवी की मौत का मामला फिर गरमाया है। बेटे मोहित शर्मा की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग के समर्थन में VHP-बजरंग दल ने बड़ा कदम उठाया है। 5 अक्टूबर को सेक्टर-39 स्थित CMO कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना होगा।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-61 स्थित रामा अस्पताल में उपचार के दौरान स्वर्गीय पुष्पा देवी की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अपनी मां की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे मोहित शर्मा के समर्थन में अब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल नोएडा महानगर भी सामने आ गए हैं। संगठन ने इस मामले में बड़ा ऐलान करते हुए आगामी 5 अक्टूबर 2026 को सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना देने की घोषणा की है। बजरंग दल का कहना है कि पुष्पा देवी की मौत के मामले में परिजनों की ओर से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। संगठन धरने के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लगाए गए आरोपों की पड़ताल करने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग करेगा। Noida News
पुष्पा देवी की मौत का यह मामला एक परिवार की पीड़ा और न्याय की लंबी लड़ाई से जुड़ा है। उनके बेटे मोहित शर्मा का आरोप है कि रामा अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिसके कारण उनकी मां की जान चली गई। वह इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मोहित शर्मा इस मामले को जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अधिकारियों के समक्ष उठा चुके हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक तक भी अपनी शिकायत पहुंचाई है। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप और उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। अब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से धरने की घोषणा के बाद यह मामला एक बार फिर नोएडा में चर्चा के केंद्र में आ गया है। Noida News
मोहित शर्मा की ओर से प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी 52 वर्षीय मां पुष्पा देवी को 14 अप्रैल 2026 को हल्के बुखार और उल्टी की शिकायत के बाद सेक्टर-61 स्थित रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोहित का दावा है कि भर्ती के समय उनकी मां की हालत स्थिर थी और उपचार के दौरान उनके स्वास्थ्य में सुधार दिखाई दे रहा था। उन्हें उम्मीद थी कि अगले दिन अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। लेकिन मोहित के आरोपों के मुताबिक, 15 अप्रैल को उनकी मां का Contrast CECT कराया गया, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। उनका दावा है कि इस जांच को लेकर उपचार करने वाले डॉक्टर की ओर से आपत्ति जताई गई थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र जांच के निष्कर्षों से होना अभी बाकी है। हालत बिगड़ने के बाद पुष्पा देवी को गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल रेफर किया गया, जहां 16 अप्रैल 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। Noida News
मोहित शर्मा ने अपनी शिकायतों में स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को CMO कार्यालय की ओर से उन्हें सात दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया था। मोहित का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी उन्हें प्रभावी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली। उन्होंने संबंधित चिकित्सकीय पक्ष के जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर बयान नहीं देने का आरोप भी लगाया है। इन दावों पर संबंधित विभाग और अस्पताल का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। इस मामले में मोहित शर्मा ने सेक्टर-58 थाने में भी शिकायत दी है। वह चाहते हैं कि अस्पताल में उपचार के दौरान हुए घटनाक्रम की जांच हो और यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही अथवा आपराधिक भूमिका प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। Noida News
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल नोएडा महानगर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धरना सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। धरने का आयोजन सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल के CMO कार्यालय के सामने होगा। इसका संयोजन बजरंग दल नोएडा महानगर के संयोजक विनोद चौहान करेंगे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि धरना शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। आम नागरिकों से भी पीड़ित परिवार के समर्थन में उपस्थित होने की अपील की गई है। धरने की प्रमुख मांग है—“न्याय चाहिए, केवल आश्वासन नहीं।” Noida News
पुष्पा देवी की मौत के मामले में अब तक सामने आई जानकारी मुख्य रूप से परिजनों के आरोपों और उनकी ओर से की गई शिकायतों पर आधारित है। अस्पताल में उपचार के दौरान वास्तव में क्या हुआ, चिकित्सा संबंधी निर्णय किन परिस्थितियों में लिए गए और मौत के लिए कोई चिकित्सकीय लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं, इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही मिल सकेगा। 5 अक्टूबर को प्रस्तावित धरने के जरिए बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद स्वास्थ्य विभाग का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। अब देखना होगा कि धरने के बाद CMO कार्यालय और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी जांच एवं कार्रवाई को लेकर क्या कदम उठाते हैं। इस पूरे प्रकरण में रामा अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। उनका आधिकारिक पक्ष सामने आने तथा जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, एक बेटे की अपनी मां को न्याय दिलाने की लड़ाई में सामाजिक संगठनों के शामिल होने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। नोएडा में अब सबकी निगाहें 5 अक्टूबर को होने वाले धरने और उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। Noida News
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