क्या रावण के पुतले का दहन करने के साथ मनुष्य अपने भीतर छिपे क्रोध, अहंकार, लोभ और ईर्ष्या जैसी बुराइयों को भी समाप्त करने का संकल्प ले सकता है ? इसी विचार को केंद्र में रखते हुए ब्रह्माकुमारीज सेक्टर-46 केंद्र की प्रभारी बीके लीना दीदी लोगों को आत्मचिंतन और आत्मपरिवर्तन के लिए प्रेरित कर रही हैं।

क्रोध, अहंकार और लोभ जैसी बुराइयों को त्यागने की दी प्रेरणा, राजयोग ध्यान से मन की शांति और सकारात्मकता का संदेश
Noida News : दशहरे पर रावण के पुतले का दहन करने के साथ ही यदि मनुष्य अपने भीतर छिपी बुराइयों का भी अंत करने का संकल्प ले, तभी पर्व का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। इसी आध्यात्मिक संदेश के साथ नोएडा के सेक्टर-46 स्थित रामलीला ग्राउंड में आयोजित मेले में ब्रह्माकुमारीज के सेक्टर-46 केंद्र की ओर से विशेष आध्यात्मिक स्टॉल लगाया गया है। यहां ब्रह्माकुमारी बहनें राजयोग ध्यान, आत्मिक शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं। Noida News
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स्टॉल की प्रमुख संचालिका एवं केंद्र प्रभारी बीके लीना दीदी ने आध्यात्मिक चित्रों, चार्ट और प्रेरणादायी संदेशों के माध्यम से लोगों को समझाया कि दशहरे का महत्व केवल रावण के पुतले का दहन करने तक सीमित नहीं है। व्यक्ति के भीतर मौजूद क्रोध, अहंकार, लोभ, मोह, ईर्ष्या और नकारात्मक विचार भी ऐसी बुराइयां हैं, जिन पर विजय प्राप्त करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जब तक मनुष्य अपने भीतर की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास नहीं करता, तब तक वास्तविक आत्मपरिवर्तन संभव नहीं है। दशहरे का पर्व स्वयं के भीतर झांकने और बुराइयों को त्यागकर श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। Noida News
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बीके लीना दीदी ने कहा कि नियमित राजयोग ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति अपने विचारों को सकारात्मक दिशा देने और मानसिक शांति बनाए रखने का अभ्यास कर सकता है। जीवन में आने वाली चुनौतियों के बीच संतुलित रहने तथा प्रसन्नता और धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करने में भी ध्यान सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि सच्ची विजय तभी मानी जाएगी, जब मनुष्य के जीवन में शांति, प्रेम, पवित्रता और शुभभावनाओं का प्रकाश फैले। बाहरी उत्सव के साथ आंतरिक चेतना और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव भी जरूरी है। Noida News
ब्रह्माकुमारीज के इस स्टॉल के माध्यम से लोगों को सेवा, परोपकार, सद्भावना और सभी के प्रति शुभकामनाएं रखने का संदेश भी दिया जा रहा है। स्टॉल पर यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सबसे पहले व्यक्ति को स्वयं के विचारों और व्यवहार में सुधार करना चाहिए। बीके लीना दीदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन कुछ समय आत्मचिंतन और राजयोग ध्यान के लिए अवश्य निकालें, ताकि जीवन में सकारात्मकता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा मिल सके। Noida News
इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में बीके ऋतुभेन, बीके रेनू बहन, विजया बहन, रंजना बहन, सुचित्रा बहन, रविंदर भाई, श्रीओम भाई, पंकज भाई और माथुर भाई सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सेक्टर-46 के रामलीला मेले में लगाया गया यह स्टॉल लोगों को उत्सव के बीच आत्मचिंतन, आध्यात्मिक जागृति और आत्मपरिवर्तन की प्रेरणा दे रहा है। Noida News
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