सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में किराये के ऐसे लेनदेन को लेकर आयकर विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। माना जा रहा है कि जल्द शुरू होने वाली कार्रवाई से नोएडा के रेंटल सेक्टर में हलचल बढ़ सकती है और टैक्स नियमों से बचने वालों पर शिकंजा कस सकता है।

Noida News : नोएडा के रेंटल बाजार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। नोएडा का तेजी से फैलता रेंटल बाजार अब आयकर विभाग के निशाने पर आता दिख रहा है। नोएडा शहर में किराये से मोटी कमाई करने वाले हजारों मकान मालिकों पर विभाग की नजर टिक गई है। खास तौर पर वे मकान मालिक जांच के घेरे में आ सकते हैं, जो किरायेदारों से किराया डिजिटल माध्यम से लेने के बजाय नकद में वसूलते हैं और अपनी वास्तविक आय का पूरा ब्यौरा रिकॉर्ड में नहीं दिखाते। सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में किराये के ऐसे लेनदेन को लेकर आयकर विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। माना जा रहा है कि जल्द शुरू होने वाली कार्रवाई से नोएडा के रेंटल सेक्टर में हलचल बढ़ सकती है और टैक्स नियमों से बचने वालों पर शिकंजा कस सकता है।
सूत्रों के अनुसार, नोएडा और आसपास के इलाकों में 50 हजार से अधिक ऐसे मकान मालिक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने किरायेदारों से जुड़ी जरूरी जानकारी विभाग के समक्ष साझा नहीं की। आयकर विभाग को आशंका है कि नोएडा के रेंटल सेक्टर में बड़े पैमाने पर किराये की आय छिपाकर टैक्स चोरी की जा रही है। ऐसे मामलों में अब नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है मिली जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की नोएडा जांच शाखा को इस पूरे मामले में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि अप्रैल से शुरू होने वाला यह अभियान करीब तीन महीने तक जारी रह सकता है। इस दौरान नोएडा के उन मकान मालिकों की पड़ताल होगी, जिनके लेनदेन, संपत्ति और किराये की आय में असामान्य अंतर पाया जाएगा।
इस बार जांच प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ते हुए आयकर विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का सहारा लेगा। डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग पैटर्न, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध डाटा के आधार पर नोएडा में ऐसे मकान मालिकों की पहचान की जाएगी, जो किराये की कमाई को औपचारिक रिकॉर्ड से बाहर रखकर कर देनदारी से बच रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि AI आधारित विश्लेषण से संदिग्ध मामलों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान होगा। प्रारंभिक आकलन में यह आशंका जताई गई है कि नोएडा के रेंटल बाजार में किराये की आय छिपाकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की आयकर चोरी की गई हो सकती है। जांच को व्यापक बनाने के लिए आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई को भी शामिल किए जाने की तैयारी है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित तौर पर छिपाई गई आय को किन संपत्तियों या निवेशों में लगाया गया।
बताया जा रहा है कि नोएडा में कई किरायेदारों ने इस बात की शिकायत की थी कि उनसे किराया केवल नकद में लिया जाता है और ऑनलाइन भुगतान का विकल्प नहीं दिया जाता। इन शिकायतों के बाद मामले की प्रारंभिक पड़ताल की गई। जांच में संदेह गहराने पर अब आयकर विभाग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए ठोस कार्रवाई का फैसला किया है। नोएडा, NCR का तेजी से विकसित होता रोजगार और आवासीय केंद्र बन चुका है। देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग नौकरी और कारोबार के लिए नोएडा आते हैं। शहर की हजारों कंपनियों, आईटी पार्क, औद्योगिक इकाइयों और कॉरपोरेट दफ्तरों में काम करने वाले लाखों पेशेवर किराये के मकानों पर निर्भर हैं। यही वजह है कि नोएडा का रेंटल बाजार लगातार बड़ा और महंगा होता गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-107 में किराया सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है। यहां 2BHK फ्लैट का औसत मासिक किराया करीब 31,400 रुपये तक और 3BHK फ्लैट का किराया लगभग 69,900 रुपये तक पहुंचता है। इसके अलावा सेक्टर-74, सेक्टर-137, सेक्टर-75 और सेक्टर-62 जैसे इलाकों में भी किराये की दरें ऊंची बनी हुई हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट और सेक्टर-151 जैसे क्षेत्रों में किराया अपेक्षाकृत कम माना जाता है। नोएडा के हाउसिंग और रेंटल बाजार में बीते कुछ समय से लगातार तेजी देखी गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई से सितंबर 2025 के बीच नोएडा में रेंटल ग्रोथ लगभग 10.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी। ऐसे में अब जब शहर में किराये का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, तो आयकर विभाग भी इस सेक्टर पर ज्यादा नजर बनाए हुए है। Noida News