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नोएडा और ग्रेटर नोएडा से रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले के मुकाबले थोड़ी महंगी हो गई है। टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने कई रूटों पर बस किराए में संशोधन किया है।

Noida News : नोएडा और ग्रेटर नोएडा से रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले के मुकाबले थोड़ी महंगी हो गई है। टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने कई रूटों पर बस किराए में संशोधन किया है। किराए में एक से छह रुपये तक की वृद्धि की गई है, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त असर पड़ सकता है। हालांकि विभाग का कहना है कि यह बढ़ोतरी सभी रूटों पर नहीं, बल्कि चुनिंदा मार्गों पर ही लागू की गई है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो क्षेत्र में रोडवेज बस सेवा का बड़ा नेटवर्क है। दोनों डिपो में मिलाकर करीब 305 बसें संचालित हो रही हैं। इनमें ज्यादातर साधारण और सीएनजी बसें शामिल हैं, जो नोएडा और आसपास के यात्रियों को प्रदेश के कई अहम शहरों से जोड़ती हैं। इन डिपो से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री अलग-अलग जिलों के लिए सफर करते हैं, इसलिए किराए में हुआ यह बदलाव सीधे तौर पर नोएडा के यात्रियों को प्रभावित करेगा।
जानकारी के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से संचालित 50 से अधिक बसों के किराए में बढ़ोतरी की गई है। जिन रूटों पर किराया बढ़ा है, उनमें एटा, कासगंज, बदायूं, बरेली और कालागढ़ जैसे शहरों के मार्ग शामिल हैं। टोल टैक्स बढ़ने के बाद परिवहन निगम की केंद्रीयकृत किराया प्रणाली के जरिए यह संशोधित दरें लागू की गई हैं। यानी जहां-जहां टोल का भार बढ़ा है, वहां यात्रियों को अब थोड़ा ज्यादा भुगतान करना होगा।
गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधन स्तर पर यह साफ किया गया है कि किराए में वृद्धि का मुख्य कारण टोल टैक्स की नई दरें हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह एक स्वचालित व्यवस्था है, जो टोल शुल्क बढ़ने पर संबंधित मार्गों के किराए में बदलाव कर देती है। परिवहन विभाग का दावा है कि किराया वृद्धि सीमित है और इसका बहुत बड़ा असर यात्रियों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन नियमित यात्रा करने वालों के लिए यह बदलाव महसूस किया जाएगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई शहरों के लिए रोडवेज बसें चलती हैं। इनमें आगरा, मथुरा, बुलंदशहर, एटा, कासगंज, बदायूं, कालागढ़, हरिद्वार, कोटद्वार, देहरादून, लखनऊ, मेरठ, बरेली और सहारनपुर जैसे शहर शामिल हैं। इस वजह से नोएडा क्षेत्र के यात्रियों के लिए रोडवेज बसें अब भी एक अहम और सुलभ सार्वजनिक परिवहन विकल्प बनी हुई हैं।
नोएडा डिपो की अपनी एयर कंडीशंड बसें नहीं हैं। हालांकि दूसरे डिपो की एसी बसें नोएडा होकर गुजरती हैं, जिनसे यात्रियों को आगरा, लखनऊ और गोरखपुर जैसे शहरों के लिए सफर की सुविधा मिलती है। ऐसे में सामान्य बसों के किराए में हुई बढ़ोतरी का असर खासतौर पर उन्हीं यात्रियों पर ज्यादा पड़ेगा, जो नोएडा से नियमित रूप से साधारण रोडवेज बसों में सफर करते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब टोल शुल्क बढ़ने के बाद रोडवेज किराए में बदलाव किया गया हो। इससे पहले अप्रैल 2023 में भी टोल दरों में वृद्धि के बाद बस किराए बढ़ाए गए थे। उस समय हर टोल बूथ के आधार पर प्रति यात्री एक रुपये तक अतिरिक्त बोझ डाला गया था। जिन मार्गों पर टोल प्लाजा नहीं थे, वहां किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में भी किराए में संशोधन किया गया था। Noida News