नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की दो बेटियों ने कर दिया बड़ा कमाल

नोएडा शहर के सेक्टर-82 में रहने वाली बेटी तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सादोपुर गाँव की बेटी के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बड़ी संख्या में राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार तथा ग्रामीण इन बेटियों के घरों पर पहुंचकर लगातार बधाईयां दे रहे हैं।

UPSC में चमकीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा की बेटियां
UPSC में चमकीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा की बेटियां
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Mar 2026 03:58 PM
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Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की दो बेटियों ने बड़ा कमाल कर दिया है। नोएडा शहर के सेक्टर-82 में रहने वाली बेटी तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सादोपुर गाँव की बेटी के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बड़ी संख्या में राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार तथा ग्रामीण इन बेटियों के घरों पर पहुंचकर लगातार बधाईयां दे रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं कि देखने वालों को उनके घरों पर मेले जैसा वातावरण नजर आ रहा है।

नोएडा की बेटी प्रीति चौहान तथा ग्रेटर नोएडा की बेटी मुस्कान वर्मा बनी सबसे लाड़ली

आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-82 में रहने वाली बेटी प्रीति चौहान तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सादोपुर गाँव में रहने वाली बेटी मुस्कान वर्मा अचानक सबकी लाड़ली बेटी बन गई है। सबकी लाड़ली बेटी बनने का कारण बहुत ही खास है। दरअसल प्रीति चौहान तथा मुस्कान वर्मा ने UPSC की परीक्षा-2025 को पास करके अफसर बनने का काम किया है। UPSC की परीक्षा-2025 में नोएडा की बेटी प्रीति चौहान ने पूरे देश में 47वीं रैंक हासिल की है। वहीं ग्रेटर नोएडा की बेटी मुस्कान वर्मा ने UPSC की परीक्षा में देश भर में 771वीं रैंक हासिल की है।

प्रीति चौहान ने एक कमरे के छोटे से घर में रहकर पूरा किया IAS बनने का सपना

नोएडा की लाड़ली बेटी बनी प्रीति चौहान के IAS अफसर बनने (UPSC की परीक्षा पास करना) की कहानी बेहद दिलचस्प है। प्रीति चौहान का पूरा परिवार नोएडा के सेक्टर-82 में मात्र एक कमरे के मकान में अपना गुजारा करता है। UPSC की परीक्षा पास करने का प्रीति चौहान का यह दूसरा अवसर है। प्रीति चौहान ने UPSC की परीक्षा पास करने के प्रयास में पहली बार 140 वीं रैंक हासिल की थी। ट्रेनिंग पर गई, लेकिन अपनी पसंद का पद लेने के लिए दोबारा तैयारी करने का मन बनाया। नौकरी से छुट्टी लेकर और अधिक तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई। अब प्रीति ने ऑल इंडिया टॉप 50 में जगह बनाई है। प्रीति 2020-21 में नोएडा के महर्षि विद्या मंदिर की छात्रा रही हैं। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर दिल्ली विश्वविद्यालय से रसायनशास्त्र से बीएससी की पढ़ाई पूरी की। यूपीएससी में समाजशास्त्र विषय रहा। ग्रेजुएशन करने के साथ यूपीएससी की तैयारी भी करती रहीं। आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए दिन रात एक कर दिया।

रोजाना 10 घंटे से अधिक की पढ़ाई ने बनाया IAS अधिकारी

नोएडा शहर के सेक्टर-82 में रहने वाली प्रीति चौहान के पिता राजेंद्र सिंह प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां मधुबाला सिंह गृहिणी हैं। प्रीति बताती हैं कि उनका घर एक कमरे का है इसलिए तैयारी करने में परेशानी होती थी लेकिन परिवार के सहयोग से बेहतर तैयारी कर सकी। प्रीति की एक बहन और एक भाई है। वे बताती हैं कि प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी खुद ही की। मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए आनलाइन कक्षाएं ली थीं। रोजाना 10 घंटे से अधिक पढ़ाई करके उनका सपना पूरा हुआ। 

ग्रेटर नोएडा के गाँव की बेटी ने सीमित संसाधनों में पूरा किया संकल्प

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के सादोपुर गांव की बेटी मुस्कान वर्मा ने UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 771वीं हासिल की। दादरी के सादोपुर गांव की बेटी मुस्कान ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। मुस्कान बताती हैं कि उन्होंने जामिया मीलिया इस्लामिया रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी में रहकर स्वयं तैयारी की। साथ ही सीनियर्स से मदद ली। सादोपुर गांव निवासी रोहित गुर्जर ने बताया कि मुस्कान ने दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कालेज से फिजिक्स से बीएससी की पढ़ाई की। ग्रेजुएशन के साथ UPSC की तैयारी भी करती रहीं। उनके पिता अनिल कुमार मल्टीमीडिया के क्षेत्र में कार्यरत हैं। मां मालती वर्मा ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। छोटी बहन भी मेडिकल की तैयारी कर रही हैं।सीमित संसाधनों में भी मुस्कान ने बेटी को अफसर बनने का अपने पिता का सपने न केवल जिंदा रखा बल्कि उसे पूरा भी कर दिखाया। Noida News

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नोएडा कैसे बना उत्तर भारत का सबसे बड़ा बिजनेस सेंटर

यही वजह है कि आज नोएडा में अवसर सिर्फ मौजूद नहीं हैं, बल्कि वे तेजी से विकास, निवेश और विस्तार की ठोस शक्ल भी ले रहे हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी, आईटी कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी और सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों ने नोएडा को एक मजबूत बिजनेस हब के रूप में स्थापित किया है।

नोएडा की नई आर्थिक पहचान
नोएडा की नई आर्थिक पहचान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar09 Mar 2026 03:34 PM
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Noida News : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में स्थित नोएडा आज उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और व्यावसायिक केंद्रों में गिना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से नोएडा का औद्योगिक, तकनीकी और शहरी विकास हुआ है, उसने इस शहर को देश-विदेश की कंपनियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना दिया है। बीते कुछ वर्षों में नोएडा ने जिस रफ्तार से इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी सेक्टर और कॉर्पोरेट इकोसिस्टम को मजबूत किया है, उसने इसे उत्तर भारत के सबसे भरोसेमंद बिजनेस डेस्टिनेशन में शामिल कर दिया है। यही वजह है कि आज नोएडा में अवसर सिर्फ मौजूद नहीं हैं, बल्कि वे तेजी से विकास, निवेश और विस्तार की ठोस शक्ल भी ले रहे हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी, आईटी कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी और सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों ने नोएडा को एक मजबूत बिजनेस हब के रूप में स्थापित किया है।

योजनाबद्ध तरीके से हुआ नोएडा का विकास

नोएडा की सबसे बड़ी ताकत यह रही कि इसका विकास शुरुआत से ही सोची-समझी और योजनाबद्ध रणनीति के तहत किया गया। सेक्टर आधारित शहरी ढांचा, चौड़ी और सुगम सड़कें, सुव्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक सुविधाओं ने इस शहर को अन्य शहरों से अलग पहचान दी। यही वजह है कि नोएडा ने बहुत जल्दी बड़ी कंपनियों, कॉर्पोरेट घरानों और निवेशकों का भरोसा जीत लिया। शहर के विभिन्न सेक्टरों में उद्योग, दफ्तर और रिहायशी इलाकों का संतुलित विकास इस तरह किया गया कि व्यापारिक गतिविधियों को न सिर्फ गति मिली, बल्कि विस्तार के लिए भी मजबूत आधार तैयार हुआ।

आईटी और टेक कंपनियों का बड़ा केंद्र

आज नोएडा देश के प्रमुख आईटी और टेक्नोलॉजी हब में शामिल हो चुका है। सेक्टर 62, सेक्टर 63, सेक्टर 16 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। आईटी, बीपीओ, डिजिटल मीडिया, ई-कॉमर्स और स्टार्टअप कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी ने नोएडा की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। हजारों युवा पेशेवरों के लिए नोएडा रोजगार का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

बेहतर कनेक्टिविटी ने बढ़ाई कारोबारी संभावनाएं

किसी भी शहर के आर्थिक विकास में परिवहन और कनेक्टिविटी की अहम भूमिका होती है। इस मामले में नोएडा काफी मजबूत स्थिति में है। दिल्ली मेट्रो की सीधी कनेक्टिविटी, दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (DND) फ्लाईवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने नोएडा को NCR के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक स्थानों में शामिल कर दिया है। इसके अलावा, जेवर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में नोएडा को वैश्विक निवेश और व्यापार के लिए और अधिक महत्वपूर्ण बना सकता है।

उद्योगों और स्टार्टअप के लिए अनुकूल माहौल

सरकारी नीतियों और औद्योगिक सुविधाओं ने भी नोएडा को निवेश के लिए आकर्षक बनाया है। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया और ई-कॉमर्स से जुड़ी हजारों कंपनियां काम कर रही हैं। छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों ने भी नोएडा में निवेश किया है। यही वजह है कि नोएडा का औद्योगिक और व्यावसायिक विस्तार लगातार बढ़ता जा रहा है।

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार

व्यापारिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ-साथ नोएडा का रियल एस्टेट सेक्टर भी तेजी से विकसित हुआ है। शहर में आधुनिक ऑफिस स्पेस, आईटी पार्क, बिजनेस टावर्स और कोवर्किंग स्पेस तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। नोएडा एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों में बनने वाले नए कॉर्पोरेट कॉम्प्लेक्स यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में भी नोएडा का आर्थिक महत्व लगातार बढ़ने वाला है।

भविष्य में और मजबूत होगा नोएडा का आर्थिक महत्व

तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, नई फिल्म सिटी, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और विभिन्न औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के चलते नोएडा का भविष्य और भी उज्ज्वल दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में नोएडा न केवल उत्तर भारत बल्कि पूरे देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। Noida News


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नोएडा कैसे बन रहा है भारत का नया स्टार्टअप हब

शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल इकोसिस्टम की मजबूत मौजूदगी और लगातार बढ़ते निवेश ने नोएडा शहर को अवसरों के ऐसे मंच में बदल दिया है, जहां नए आइडिया सिर्फ जन्म नहीं लेते, बल्कि तेजी से कारोबार का रूप भी धारण कर रहे हैं।

नोएडा शहर
नोएडा शहर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar09 Mar 2026 03:00 PM
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Noida News : उत्तर भारत के कारोबारी नक्शे पर नोएडा अब सिर्फ एक औद्योगिक शहर भर नहीं रह गया है बल्कि यह तेजी से नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की नई राजधानी के रूप में अपनी पहचान गढ़ रहा है। बीते कुछ वर्षों में जिस रफ्तार से स्टार्टअप संस्कृति ने यहां पैर पसारे हैं, उसने नोएडा को युवा उद्यमियों, निवेशकों और टेक कंपनियों की पहली पसंद बना दिया है। शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल इकोसिस्टम की मजबूत मौजूदगी और लगातार बढ़ते निवेश ने नोएडा शहर को अवसरों के ऐसे मंच में बदल दिया है, जहां नए आइडिया सिर्फ जन्म नहीं लेते, बल्कि तेजी से कारोबार का रूप भी धारण कर रहे हैं।

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से मिल रही नई पहचान

किसी भी मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम की नींव बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर टिकी होती है, और इस कसौटी पर नोएडा खुद को तेजी से साबित करता नजर आता है। चौड़ी सड़कें, सुनियोजित सेक्टर व्यवस्था, आधुनिक ऑफिस स्पेस और बेहतर कनेक्टिविटी ने इस शहर को नई कंपनियों के लिए बेहद अनुकूल गंतव्य बना दिया है। नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे आईटी पार्क, कॉर्पोरेट टावर्स और बिजनेस हब इस बात के संकेत हैं कि यह शहर केवल बस नहीं रहा, बल्कि भविष्य की कारोबारी जरूरतों के हिसाब से खुद को लगातार विस्तार दे रहा है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स अब Noida को अपने ऑपरेशन, विस्तार और ग्रोथ के भरोसेमंद आधार के रूप में चुन रहे हैं।

आईटी और टेक कंपनियों का बढ़ता प्रभाव

नोएडा पहले से ही आईटी और डिजिटल कंपनियों का एक बड़ा केंद्र रहा है। शहर के कई सेक्टरों में टेक कंपनियों और बीपीओ उद्योगों की मजबूत उपस्थिति ने स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया है। तकनीकी विशेषज्ञों, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और डिजिटल प्रोफेशनल्स की उपलब्धता के कारण स्टार्टअप के लिए नोएडा एक उपयुक्त स्थान बनता जा रहा है। यही वजह है कि नई टेक कंपनियां और डिजिटल प्लेटफॉर्म नोएडा को अपने विस्तार के लिए चुन रहे हैं।

निवेश और व्यावसायिक अवसरों में वृद्धि

स्टार्टअप के विकास में निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिछले कुछ वर्षों में नोएडा में निवेश की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई निजी निवेशक और वेंचर कैपिटल फर्म अब इस क्षेत्र में नए स्टार्टअप को समर्थन देने में रुचि दिखा रहे हैं। इसके अलावा, छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ टेक स्टार्टअप के लिए भी नोएडा में कई व्यावसायिक अवसर उपलब्ध हैं, जिससे यह शहर उद्यमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ रही संभावनाएं

दिल्ली से नजदीकी और बेहतर परिवहन व्यवस्था ने भी नोएडा को स्टार्टअप के लिए उपयुक्त शहर बनाया है। दिल्ली मेट्रो की कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों से सीधा संपर्क नोएडा को व्यवसाय के लिए सुविधाजनक स्थान बनाता है। आने वाले समय में जेवर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी नोएडा की वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, जिससे स्टार्टअप कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

युवा उद्यमियों के लिए उभरता अवसर

आज की युवा पीढ़ी पारंपरिक नौकरियों के बजाय उद्यमिता की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। ऐसे में नोएडा जैसे शहर नए विचारों और नवाचार के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान कर रहे हैं। डिजिटल स्टार्टअप, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, टेक कंपनियां और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कई नए उद्यम नोएडा में तेजी से उभर रहे हैं। इससे शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है।

भविष्य में और मजबूत होगा स्टार्टअप इकोसिस्टम

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में नोएडा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत होगा। नए आईटी पार्क, बढ़ते निवेश और तेजी से विकसित हो रहा शहरी ढांचा नोएडा को स्टार्टअप कंपनियों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगा। अगर यही गति जारी रही तो निकट भविष्य में नोएडा भारत के प्रमुख स्टार्टअप हब में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। Noida News

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