नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले साइबर गैंग का पदार्फाश, एसटीएफ ने 6 को दबोचा

नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यही गिरोह आॅनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था।

school bom
नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Feb 2026 06:21 PM
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Noida News : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यही गिरोह आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था। एसटीएफ ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

कैसे खुला स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल का राज?

23 जनवरी 2026 को गौतमबुद्ध नगर के कई निजी और सरकारी स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ई-मेल प्राप्त हुए थे। इन ई-मेल्स के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाना सूरजपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी।

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। धमकी भरे ई-मेल एक रिकवरी ई-मेल आईडी से जुड़े पाए गए, जिसकी लोकेशन गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में ट्रेस हुई। इसी आधार पर एसटीएफ ने गुप्त निगरानी शुरू की और अंतत: छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।

आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए चल रही थी करोड़ों की ठगी

जांच में पता चला कि आरोपी एक अवैध आॅनलाइन बेटिंग ऐप का संचालन कर रहे थे। यह गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी प्रचार के माध्यम से लोगों को ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करता था। शुरुआत में छोटे-मोटे लाभ दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम जमा करवाकर उन्हें ठगा जाता था। गिरोह के सदस्य तकनीकी रूप से काफी दक्ष थे। उन्हें कॉल सेंटर और टेक सपोर्ट का अनुभव था, जिससे वे विदेशी नंबरों और फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क वर्ष 2023 से सक्रिय था और लगातार अपने तरीके बदलता रहता था।

नेपाल और बिहार समेत कई राज्यों से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनंत कुमार (आगरा), अमीष जंग कारकी (नेपाल), दिव्यांशु (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल), केदारनाथ (नेपाल) और साहिल कुमार (बिहार) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कुछ आरोपी विदेशों, विशेषकर आॅस्ट्रेलिया और नेपाल से बीबीए और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल कर चुके हैं। पुलिस का मानना है कि इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और तकनीकी जानकारी ने उन्हें साइबर अपराध को संगठित तरीके से अंजाम देने में मदद की।

भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्जी दस्तावेज बरामद

छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और किन-किन मामलों में भूमिका निभाई है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद डिजिटल डेटा से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। संभावना है कि यह गिरोह देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय रहा हो।

लंबे समय से चल रही थी निगरानी

सूत्रों के मुताबिक, यूपी एसटीएफ पिछले कई महीनों से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी विश्लेषण, सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने सटीक जानकारी जुटाई और सही समय पर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। Noida News



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प्यार में अंधा हो चुका था प्रेमिका को मारने वाला, प्रेम कहानी का दुखद अंत

नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक इस घटना में मरने वाले युवक तथा युवती करीब 15 साल से रिलेशनशिप में थे और हाल के दिनों में शादी को लेकर दोनों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। नोएडा पुलिस की जांच में स्पष्ट हो चूका है कि इस घटना में रमे वाला युवक प्यार में पूरी तरिके से अँधा हो चूका था।

नोएडा डबल डेथ केस
नोएडा डबल डेथ केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Feb 2026 05:00 PM
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Noida News : नोएडा में वैलेंटाइन के मौके पर हुए डबल डेथ मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। वैलेंटाइन डे के मौके पर नोएडा में हुए डबल डेथ मामले नोएडा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक इस घटना में मरने वाले युवक तथा युवती करीब 15 साल से रिलेशनशिप में थे और हाल के दिनों में शादी को लेकर दोनों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। नोएडा पुलिस की जांच में स्पष्ट हो चुका है कि इस घटना में मरने वाला युवक प्यार में पूरी तरिके से अँधा हो चुका था। नोएडा पुलिस इस पूरे मामले की बारी बारीक से गुत्थी की जांच कर रही है। 

शादी को लेकर बढ़ा था विवाद

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृत युवती की पहचान रेखा के रूप में हुई है, जो थाना सेक्टर-58 क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है। वहीं मृत युवक की पहचान सुमित के रूप में हुई है, जो दिल्ली के त्रिलोकपुरी का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों लंबे समय से संपर्क में थे और एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, युवती की किसी अन्य जगह शादी तय होने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा था। इसी तनाव को घटना से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले दोनों अपने-अपने घरों से लापता हो गए थे। परिजनों की ओर से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद नोएडा में एक कार के अंदर दोनों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर युवक के हाथ में पिस्टल मिलने की बात भी कही जा रही है।

आखिरी मैसेज से खुला शादी वाला विवाद

पुलिस को जांच के दौरान युवक द्वारा भेजे गए एक मैसेज की जानकारी मिली है, जिसमें उसने रिश्ते की अवधि और विवाद का जिक्र किया था। युवक का दावा था कि दोनों 15 साल से साथ थे और शादी का वादा हुआ था, लेकिन युवती अब किसी और से विवाह करने जा रही थी। पुलिस इस संदेश को डिजिटल सबूत मानते हुए उसकी सत्यता, समय और परिस्थितियों की पुष्टि कर रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्य, कार की फोरेंसिक जांच, कॉल डिटेल, चैट, लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है और हर एंगल से जांच की जा रही है। Noida News

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बॉटनिकल मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-142 तक दौड़ेगी मेट्रो, केंद्र ने दी मंजूरी

इस फैसले के बाद नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी सेक्टरों और कॉरपोरेट हब को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि कॉरिडोर चालू होने पर नोएडा से दिल्ली की यात्रा ज्यादा सीधी, तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।

बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन
बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Feb 2026 03:06 PM
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Noida News : नोएडा–ग्रेटर नोएडा मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। नोएडा–ग्रेटर नोएडा मेट्रो से रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। नोएडा सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक प्रस्तावित मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को केंद्र सरकार की आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। इस फैसले के बाद नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी सेक्टरों और कॉरपोरेट हब को दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि कॉरिडोर चालू होने पर नोएडा से दिल्ली की यात्रा ज्यादा सीधी, तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। रोजाना ऑफिस, पढ़ाई और इलाज के लिए अप-डाउन करने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह प्रोजेक्ट समय की बचत के साथ-साथ ट्रैफिक पर दबाव घटाने वाला भी साबित हो सकता है

बॉटनिकल गार्डन बनेगा सुपर इंटरचेंज

परियोजना के तहत करीब 11.56 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिस पर 8 नए एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। फरवरी 2026 की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस विस्तार की अनुमानित लागत लगभग 2,254 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके लागू होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा का संचालित मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 61.62 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक्वा लाइन सीधे बॉटनिकल गार्डन से जुड़ेगी। बॉटनिकल गार्डन पहले से ही दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन का प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन है। ऐसे में नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले लोग बार-बार लाइन बदलने की परेशानी से बचते हुए सीधे साउथ और वेस्ट दिल्ली की तरफ आसानी से जा सकेंगे।

नोएडा की रफ्तार बढ़ाएगा नया कॉरिडोर

यह रूट नोएडा के उन हिस्सों को छूएगा जहां सार्वजनिक परिवहन की मांग लंबे समय से महसूस की जा रही है। कॉरिडोर शुरू होने के बाद नोएडा एक्सप्रेसवे पर मौजूद आईटी पार्क, कॉरपोरेट ऑफिस, कमर्शियल हब, शैक्षणिक संस्थान और हेल्थकेयर सेंटर बेहतर मेट्रो कनेक्शन के दायरे में आएंगे। इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और मरीजों सभी की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है। नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह प्रोजेक्ट अहम माना जा रहा है। मेट्रो विकल्प मजबूत होने से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे जाम कम, यात्रा समय में बचत और सड़क सुरक्षा में सुधार की संभावना है। साथ ही, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बढ़ते इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी मदद मिलेगी। मेट्रो स्टेशन बनने के बाद आमतौर पर आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट, रिटेल और स्थानीय व्यापार को रफ्तार मिलती है। इस विस्तार से भी नोएडा के नए स्टेशनों के आसपास निवेश और विकास गतिविधियां तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। Noida News

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