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नोएडा के एक निजी स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन दर्दनाक घटना सामने आई। खेल गतिविधि के दौरान 10वीं कक्षा का 15 वर्षीय छात्र अचानक मैदान में बेहोश होकर गिर पड़ा। स्कूल प्रबंधन उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Noida News : नोएडा के एक निजी स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन दर्दनाक घटना सामने आई। खेल गतिविधि के दौरान 10वीं कक्षा का 15 वर्षीय छात्र अचानक मैदान में बेहोश होकर गिर पड़ा। स्कूल प्रबंधन उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्कूल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। Noida News
जानकारी के अनुसार सेक्टर-137 निवासी 15 वर्षीय छात्र गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुले पहले दिन खेल गतिविधि में हिस्सा ले रहा था। इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह मैदान में ही बेहोश होकर गिर पड़ा। स्कूल प्रशासन ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक छात्र पहले से अस्थमा की बीमारी से पीड़ित था। हालांकि मौत के सही कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है और फिलहाल पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है। सेक्टर-126 थाना पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Noida News
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक अभिभावक की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें स्कूल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल पोस्ट में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। अभिभावकों के मुताबिक, उमस भरे मौसम में दोपहर के समय बच्चों को फुटबॉल खेलने के लिए मैदान में भेजा गया। आरोप है कि छात्र के बेहोश होने के बाद उसे सहपाठियों ने मेडिकल रूम तक पहुंचाया और प्राथमिक उपचार के तौर पर सीपीआर देने की कोशिश भी की गई, लेकिन मेडिकल स्टाफ की ओर से समय पर प्रभावी उपचार नहीं मिल सका। परिजनों का दावा है कि स्कूल के नजदीक अस्पताल होने के बावजूद छात्र को वहां पहुंचाने में करीब 20 मिनट का समय लग गया। इसके अलावा मेडिकल रूम में ऑक्सीजन सिलेंडर जैसी जरूरी आपातकालीन सुविधा उपलब्ध नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है। Noida News
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