
Noida News : एमिटी विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ सांइस एंड टेक्नोलॉजी की डीन डा. सुनिता रतन और एमिटी फांउडेशन फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एलायंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह को महाराष्ट्र के राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में 3 से 7 जनवरी तक चल रहे प्रतिष्ठित 108वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस 2023 में पैनलिस्ट के रूप में आंमत्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त एमिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सुरेश चंद्रा भारतीय विज्ञान कांग्रेस के फिजिकल साइंस सेक्शन के अध्यक्ष रहेगें। विदित हो कि भारतीय विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया और इस वर्ष भारतीय विज्ञान कांग्रेस का विषय ‘महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ है।
इस भारतीय विज्ञान कांग्रेस में एमिटी ने स्टॉल के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार, पेेटेंट फाइलिंग और प्रौद्योगिकी हंस्तातरण में अपने हालिया विकास को प्रदर्शित किया जिसमें भारतभर से 4000 से अधिक आंगतुकों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों की उपस्थिति देखी गई और उन्होंने अनुसंधान पहलों और सहयोगों के संर्दभ में जानकारी हासिल की। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है जिसमें भारतीय विज्ञान कांग्रेस के फिजिकल सांइस सेक्शन में आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय के फिजिक्स विभाग में आयोजित संगोष्ठी में एमिटी विश्वविद्यालय की साइंस फैकल्टी की डीन डा सुनिता रतन ने ‘पॉलीमर नैनोकंपोजिट - सिंथेटिक रणनीतियों और गुणों पर उनका प्रभाव’ पर व्याख्यान देने के लिए आंमत्रित किया गया जिसमे डॉ. रतन ने कहा कि पॉलीमर नैनोकंपोजिट ने विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए अपने दिलचस्प यांत्रिक, थर्मल रसायनिक और विद्यतु गुणों के कारण अपनी लचीलेपन के कारण संवेदन सामग्री के रूप में बहुत अधिक ध्यान आकर्षित किया है। नैनोकंपोजिट का विकास और उसके गुणों को साकार करने में प्रमुख कारक मैट्रिक्स और फिलर के मध्य का इंटरफेस है। इस अवसर पर मानव सांस रोग निदान के लिए सेंसर के महत्व के साथ जैविक वाष्प के लिए भी रयायन प्रतिरोधी सेंसर के रूप में रणनितियों के माध्यम से तैयार नैनोकंपोजिट के अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई।
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एमिटी फांउडेशन फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एलायंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ‘बायोटेक्नोलॉजी टू बायोइकोनॉमी: भारत में अवसर एवं चुनौतियां’ नामक परिचर्चा सत्र में हिस्सा लेने और ‘सतत विकास के लिए वैश्विक चुनौतियों को पूरा करने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी की हालिया अवधारणा’ पर व्याख्यान देने के लिए आंमत्रित किया गया है।
प्रतिष्ठित 108 वी भारतीय विज्ञान कांग्रेस में एमिटी के प्रतिनिधित्व पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार चौहान ने कहा कि एमिटी के लिए यह बेहद गर्व की बात है जिसमे हमारे दो प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को पैनलिस्ट के रूप में आंमत्रित किया गया है। एमिटी ने अनुंसधान व नवाचार पर ध्यान केन्द्रीत करते हुए न केवल भारत में बल्कि संपूर्ण विश्व में शैक्षणिक आयाम स्थापित किया है। एमिटी देश का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को तैयार कर रहा है और इस तरह देश के आर्थिक एवं वैज्ञानिक विकास में योगदान दे रहा है।