नोएडा सेक्टर-105 की समस्याओं को लेकर RWA की शिकायत पर नोएडा प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई की। महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा ने टीम के साथ निरीक्षण कर सफाई और जरूरी कार्यों के निर्देश दिए।

नोएडा शहर के महत्वपूर्ण आवासीय सेक्टर-105 में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं को लेकर सेक्टर की आरडब्ल्यूए द्वारा नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष उठाई गई आवाज का असर दिखाई देने लगा है। नागरिकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने मामले में त्वरित कार्रवाई की और शनिवार को प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी सेक्टर-105 पहुंचे। महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा ने अपनी टीम के साथ सेक्टर का करीब दो घंटे तक पैदल निरीक्षण किया और मौके पर दिखाई दीं समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए।
सेक्टर-105 के निवासियों की ओर से आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने सेक्टर में खाली पड़े भूखंडों, घनी झाड़ियों और लंबे समय से उपेक्षित जर्जर कंप्लीशन हाउसों से पैदा हो रही समस्याओं को नोएडा प्राधिकरण के सामने रखा था। आरडब्ल्यूए का कहना था कि ऐसी जगहें केवल सेक्टर की सुंदरता को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि आसपास रहने वाले परिवारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी चिंता का कारण बन रही हैं। नागरिकों की इस शिकायत पर प्राधिकरण ने जिस तेजी से संज्ञान लिया, वह सेक्टरवासियों के लिए राहत और भरोसे का विषय बना है। शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और समस्या को केवल कागजी शिकायत मानने के बजाय जमीन पर जाकर उसकी वास्तविक स्थिति देखी।

महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा के साथ वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह, अवर अभियंता विक्रम मोंगा सहित संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की टीम ने सेक्टर के विभिन्न हिस्सों का पैदल भ्रमण किया और नागरिकों से जुड़ी समस्याओं को मौके पर देखा। करीब दो घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान सेक्टर की विभिन्न कमियों को दर्ज किया गया। प्राधिकरण अधिकारियों ने आरडब्ल्यूए को भरोसा दिलाया कि सेक्टर के जरूरी बुनियादी कार्यों और सामने आई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान प्लॉट संख्या A-005, B-78 और D-236 सहित अन्य जर्जर कंप्लीशन हाउसों तथा खाली भूखंडों में उगी झाड़ियों की स्थिति भी देखी गई। इन स्थानों की स्थिति को लेकर प्राधिकरण ने गंभीर रुख अपनाया। महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन भूखंडों की सफाई आवश्यक है, उन्हें तत्काल साफ कराया जाए। साथ ही जिन भूखंड स्वामियों की लापरवाही के कारण आसपास के निवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर पड़ रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सेक्टर-105 की यह घटना इस मायने में महत्वपूर्ण है कि नागरिकों की संस्था आरडब्ल्यूए ने स्थानीय समस्याओं को जिम्मेदारी के साथ प्राधिकरण के सामने रखा और प्राधिकरण ने भी शिकायत पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने प्राधिकरण के सीईओ, महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा, वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह और अवर अभियंता विक्रम मोंगा समेत पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की इस तत्परता से सेक्टर के निवासियों के बीच अपने स्वास्थ्य, सुरक्षा और आसपास के वातावरण को लेकर विश्वास मजबूत हुआ है।

सेक्टर-105 के नागरिकों के लिए अधिकारियों का मौके पर पहुंचना निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है। अब सेक्टरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित समस्याओं पर जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। नागरिकों की अपेक्षा है कि खाली भूखंडों की सफाई, जर्जर ढांचों से जुड़े सुरक्षा जोखिम और अन्य बुनियादी समस्याओं का समाधान केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित समय में धरातल पर दिखाई भी दे। किसी भी विकसित शहर की पहचान केवल उसकी चौड़ी सड़कों और ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं से होती है। सेक्टर-105 के मामले में आरडब्ल्यूए और नोएडा प्राधिकरण के बीच हुई यह पहल इसी नागरिक सहभागिता की एक सकारात्मक मिसाल के रूप में देखी जा रही है।
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