इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि जहां वर्ष 2024 में आरडब्ल्यूए (RWA) चुनाव को लेकर अच्छी-खासी चुनावी सरगर्मी दिखाई दी थी, वहीं इस बार पूरा पैनल निर्विरोध चुन लिया गया। आरडब्ल्यूए (RWA)अध्यक्ष अनुज गुप्ता के नेतृत्व वाली टीम को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए जिम्मेदारी मिली है।

Noida News : नोएडा के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण आवासीय क्षेत्रों में शामिल सेक्टर-11 में वर्ष 2026-28 के लिए आरडब्ल्यूए (RWA) चुनाव बेहद शांत तरीके से संपन्न हो गया। इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि जहां वर्ष 2024 में आरडब्ल्यूए (RWA) चुनाव को लेकर अच्छी-खासी चुनावी सरगर्मी दिखाई दी थी, वहीं इस बार पूरा पैनल निर्विरोध चुन लिया गया। आरडब्ल्यूए (RWA)अध्यक्ष अनुज गुप्ता के नेतृत्व वाली टीम को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए जिम्मेदारी मिली है। सेक्टर-11 में हुए इस चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर एक अलग तरह की चर्चा भी है। चुनाव में न तो कोई खास प्रचार दिखाई दिया, न पोस्टर-बैनर और न ही पैनलों के बीच मुकाबले जैसी स्थिति बनी। चुनाव प्रक्रिया इतनी शांत रही कि बड़ी संख्या में सेक्टरवासियों को इसकी जानकारी तक नहीं हो सकी। चर्चा तो यहां तक है कि नये पैनल ने किसी को चुनावों की कानों कान खबर तक होने ही नहीं दी। Noida News
सेक्टर-11 आरडब्ल्यूए (RWA) के इतिहास में वर्ष 2023 का चुनाव इसके बिल्कुल विपरीत था। उस समय आरडब्ल्यूए (RWA) चुनाव में अनुज गुप्ता और दिनेश कृष्णन के पैनल को हार का सामना करना पड़ा। इस पैनल को प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता तथा पत्रकार श्रीमती अंजना भागी ने चुनाव हराया था। उस चुनाव में कुल 401 मतदाता थे, जिनमें से 263 लोगों ने मतदान किया था। उस चुनाव में अंजना भागी अध्यक्ष चुनी गई थी। चुनाव का परिणाम घोषित किया गया था यह अलग बात है कि गुप्ता एंड कंपनी ने अंजना भागी को (RWA) अध्यक्ष के तौर पर काम नहीं करने दिया। वह मुद्दा अभी तक भी अदालत में लंबित है। उस समय चुनाव में सुरक्षा, जाम, सीसीटीवी, पार्कों के सौंदर्यीकरण और सेक्टर के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया गया था। अब तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2026-28 के चुनाव में मुकाबले की स्थिति ही नहीं बनी और निवर्तमान टीम के सामने किसी दूसरे पैनल ने दावेदारी नहीं की। Noida News
सेक्टर-11 की आबादी करीब पांच हजार बताई जाती है। इसके बावजूद आरडब्ल्यूए (RWA) चुनाव की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी बेहद सीमित रहने का सवाल अब चर्चा में है। आरडब्ल्यूए (RWA) चुनाव के प्रति निवासियों की इस बेरुखी को दो नजरिए से देखा जा सकता है। एक पक्ष का मानना हो सकता है कि वर्तमान आरडब्ल्यूए (RWA) के काम से लोग संतुष्ट हैं, इसलिए किसी दूसरे पैनल को मैदान में उतारने की जरूरत महसूस नहीं हुई। दूसरा सवाल यह भी उठता है कि क्या सेक्टर के लोगों ने आरडब्ल्यूए (RWA) चुनाव जैसी स्थानीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में रुचि लेना ही कम कर दिया है? यानी निर्विरोध निर्वाचन को एक तरफ वर्तमान टीम के प्रति विश्वास और दूसरी तरफ चुनावी प्रक्रिया में कम भागीदारी सहित दोनों रूपों में देखा जा सकता है। Noida News
आरडब्ल्यूए (RWA) अध्यक्ष अनुज गुप्ता पिछले दो वर्षों के दौरान सेक्टर की समस्याओं को लेकर पुलिस, प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने मुद्दे उठाते रहे हैं। विभिन्न रिपोर्टों में भी सेक्टर की सुरक्षा, पानी, बिजली और यातायात से जुड़े मामलों को लेकर आरडब्ल्यूए (RWA) की सक्रियता सामने आई है। मई 2025 में आरडब्ल्यूए (RWA) और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बैठक में सेक्टर की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। जून 2026 में सेक्टर में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के मामले में भी अनुज गुप्ता के नेतृत्व में निवासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उस दौरान करीब 18 घंटे तक बिजली संकट की बात सामने आई थी। Noida News
नोएडा का सेक्टर-11 केवल एक सामान्य आवासीय सेक्टर नहीं है। यह नोएडा के पुराने विकसित सेक्टरों में शामिल है और इसकी भौगोलिक स्थिति भी इसे खास बनाती है। सेक्टर का एक बड़ा हिस्सा आवासीय है, जबकि दूसरा हिस्सा औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली की सीमा के नजदीक होने के कारण यहां रहने वाले लोगों के साथ-साथ आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, बिजली, पानी, सड़क, सफाई और सार्वजनिक सुविधाएं इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इस सेक्टर की सबसे बड़ी समस्या मेट्रो अस्पताल की पार्किंग है। मेट्रो अस्पताल के वाहनों के आने के कारण अक्सर जाम लगा रहता है। बताया जाता है कि इस जाम का विरोध न करने की एवज में RWA के पदाधिकारियों को अस्पताल के प्रबंधकों की तरफ हर महीने ‘‘मोटी मलाई’’ चटाई जाती है। Noida News
सेक्टर-11 के प्रतिनिधियों ने समय-समय पर पुलिस अधिकारियों के सामने सुरक्षा और यातायात की समस्याएं उठाई हैं। सेक्टर के आसपास जाम, पुलिस गश्त, सीसीटीवी और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण जैसे मुद्दे बैठकों में उठते रहे हैं। यही वजह है कि यहां आरडब्ल्यूए की भूमिका केवल पार्क और सफाई तक सीमित नहीं रहती, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वर्ष 2026-28 के लिए अनुज गुप्ता और उनकी टीम को फिर से जिम्मेदारी मिली है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक नई कार्यकारिणी में दिनेश कृष्णन को महासचिव, विनय मोहन गुप्ता और संदीप अग्रवाल को संयुक्त सचिव, एससी अग्रवाल को कोषाध्यक्ष तथा संजय वर्मा को संयुक्त कोषाध्यक्ष बनाया गया है। विभिन्न ब्लॉकों से कार्यकारिणी सदस्य भी निर्विरोध चुने गए हैं। इस प्रकार अगले दो वर्षों के लिए सेक्टर-11 की आरडब्ल्यूए का नेतृत्व लगभग उसी टीम के हाथों में रहेगा जिसने पिछले कार्यकाल में सेक्टर की समस्याओं को प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने उठाया है। Noida News
आरडब्ल्यूए (RWA) का निर्विरोध चुना जाना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है। यदि किसी पद के लिए एक ही उम्मीदवार हो तो निर्विरोध निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का ही हिस्सा है। लेकिन सेक्टर-11 जैसे महत्वपूर्ण और बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में यह सवाल जरूर महत्वपूर्ण है कि चुनाव प्रक्रिया में आम निवासियों की भागीदारी कितनी रही है ? सवाल यह भी उठता है कि क्या सेक्टर के लोग वर्तमान व्यवस्था से संतुष्ट हैं ? सवाल यह भी बड़ा है कि क्या नागरिकों को वर्तमान टीम को ही काम करना बेहतर विकल्प लगा है ? या फिर आरडब्ल्यूए (RWA) जैसे स्थानीय संगठनों के चुनावों के प्रति लोगों की रुचि लगातार कम होती जा रही है ? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए चेतना मंच का घूमता आइना जल्दी ही सेक्टर-11 में बड़े सर्वे का आयोजन करेगा। Noida News
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