नोएडा में मोबाइल अपराध की डबल वारदात, केस दर्ज

नोएडा स्तिथ अगाहपुर गांव के पास कार सवार महिला से मोबाइल झपट लिया गया, जबकि सेक्टर-6 स्थित एक कंपनी में तैनात गार्ड का फोन चोरी हो गया। दोनों घटनाओं की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

नोएडा क्राइम अपडेट
नोएडा क्राइम अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Mar 2026 02:24 PM
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Noida News : नोएडा में मोबाइल झपटमारी और चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नोएडा शहर के अलग-अलग इलाकों से सामने आए ताजा दो मामलों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोएडा स्तिथ अगाहपुर गांव के पास कार सवार महिला से मोबाइल झपट लिया गया, जबकि सेक्टर-6 स्थित एक कंपनी में तैनात गार्ड का फोन चोरी हो गया। दोनों घटनाओं की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

अगाहपुर के पास महिला बनी झपटमारी की शिकार

पुलिस को दी गई शिकायत में नोएडा के सेक्टर-93 स्थित गेझा गांव निवासी दिव्या अवाना ने बताया कि 23 फरवरी की रात वह सेक्टर-39 से अपने घर लौट रही थीं। रास्ते में अगाहपुर गांव के पास पेट्रोल पंप के नजदीक उन्होंने अपनी कार यू-टर्न लेने के लिए धीमी की। इसी दौरान एक अज्ञात युवक अचानक उनकी कार के पास पहुंचा और हाथ में पकड़ा मोबाइल फोन झपटकर भाग निकला।

दिव्या ने शोर मचाकर आरोपी को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन झपटमार अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। इस घटना के बाद नोएडा के थाना सेक्टर-49 पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

सेक्टर-6 की कंपनी में गार्ड का फोन चोरी

उधर, नोएडा के थाना फेस-1 क्षेत्र में मोबाइल चोरी की एक दूसरी घटना सामने आई है। न्यू अशोक नगर दल्लूपुरा निवासी विवेक विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया कि वह नोएडा के सेक्टर-6 स्थित एक कंपनी में गार्ड के तौर पर कार्यरत हैं। 26 फरवरी की सुबह उन्होंने अपना मोबाइल गार्ड रूम में चार्जिंग पर लगाया था और खुद पार्किंग क्षेत्र में रस्सी बांधने चले गए। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे तो मोबाइल फोन वहां से गायब था। उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन फोन का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नोएडा पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Noida News

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नोएडा में सांसद एवं विधायक खेल स्पर्धा का हुआ भव्य आगाज

नोएडा में आयोजित इस खेल महोत्सव को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे युवा खिलाड़ियों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। नोएडा स्टेडियम पूरे दिन खेल भावना, ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा के माहौल से गुलजार रहा।

नोएडा में खेल महोत्सव का शुभारंभ
नोएडा में खेल महोत्सव का शुभारंभ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Mar 2026 12:32 PM
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Noida News : नोएडा में खेल प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में एक बड़ा आयोजन शुरू हो गया है। नोएडा स्टेडियम में शनिवार से दो दिवसीय सांसद खेल महोत्सव और विधायक खेल स्पर्धा का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। नोएडा में आयोजित इस खेल महोत्सव को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे युवा खिलाड़ियों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। नोएडा स्टेडियम पूरे दिन खेल भावना, ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा के माहौल से गुलजार रहा।

नोएडा के खिलाड़ियों को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका

इस खेल स्पर्धा के तहत विभिन्न आयु वर्गों में मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में कुल 8 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें एथलेटिक्स, कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, फुटबॉल, भारोत्तोलन, जूडो और बैडमिंटन जैसे खेल शामिल हैं। नोएडा के उभरते खिलाड़ियों के लिए यह आयोजन खुद को साबित करने का अहम मंच माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस तरह के आयोजन स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का भी काम करते हैं।

भाजपा पदाधिकारी और खेल विभाग के अधिकारी रहे मौजूद

नोएडा में आयोजित सांसद खेल महोत्सव और विधायक खेल स्पर्धा को केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से नोएडा की खेल प्रतिभाओं को पहचान मिलने में मदद मिलेगी और युवाओं में फिटनेस व अनुशासन के प्रति रुझान भी बढ़ेगा। नोएडा स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान भाजपा और खेल विभाग से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। इस मौके पर भाजपा नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान, डिम्पल आनंद, चंदगीराम यादव, मनीष शर्मा, अमित त्यागी, विनोद शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष रामनिवास यादव, महामंत्री विपुल शर्मा, भूपेश चौधरी, चमन अवाना और जिला क्रीड़ा अधिकारी डॉ. परवेज अली सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। Noida News

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नोएडा की फिजा हुई और जहरीली, CREA रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की ताजा रिपोर्ट ने नोएडा की हवा को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 की सर्दियों में नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि ग्रेटर नोएडा चौथे स्थान पर दर्ज हुआ। इस सूची में गाजियाबाद पहले नंबर पर रहा।

नोएडा की हवा पर बड़ा खुलासा
नोएडा की हवा पर बड़ा खुलासा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Mar 2026 10:58 AM
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Noida News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा को अब तक तेज रफ्तार विकास, ऊंची इमारतों, एक्सप्रेसवे और कॉरपोरेट कल्चर वाले शहर के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब इसी नोएडा की पहचान पर प्रदूषण का गहरा साया पड़ता नजर आ रहा है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की ताजा रिपोर्ट ने नोएडा की हवा को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 की सर्दियों में नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि ग्रेटर नोएडा चौथे स्थान पर दर्ज हुआ। इस सूची में गाजियाबाद पहले नंबर पर रहा। यह रिपोर्ट केवल आंकड़े नहीं बताती, बल्कि यह भी संकेत देती है कि NCR के इस तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के दावे फिलहाल जमीन पर कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि अगर नोएडा और आसपास के इलाकों में अभी ठोस, सख्त और लगातार कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यहां की हवा और ज्यादा खतरनाक हो सकती है।

सर्दियों में नोएडा की हवा रही बेहद खराब

CREA की रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों के दौरान नोएडा में पीएम 2.5 का औसत स्तर 166 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। वहीं ग्रेटर नोएडा में यह स्तर 151 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। पड़ोसी गाजियाबाद में पीएम 2.5 का औसत 172 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो उसे देश में सबसे ऊपर ले गया। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे शीतकालीन सीजन में नोएडा केवल पांच दिन ही संतोषजनक वायु गुणवत्ता दर्ज कर सका। दूसरी ओर ग्रेटर नोएडा में सिर्फ सात दिन ऐसे रहे, जब हवा अपेक्षाकृत बेहतर श्रेणी में रही। यानी ज्यादातर दिनों में नोएडा के लोगों को खराब या बेहद खराब हवा में सांस लेनी पड़ी।

विकास की रफ्तार के साथ बढ़ा प्रदूषण का दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्य, सड़कों पर वाहनों का दबाव, औद्योगिक गतिविधियां और आसपास के इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण को लगातार बढ़ा रही हैं। नोएडा में बड़े पैमाने पर चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, नई आवासीय परियोजनाएं और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल भी हवा की गुणवत्ता को बिगाड़ने में बड़ी भूमिका निभा रही है। इसके अलावा सड़क किनारे जमा धूल, निर्माण सामग्री का खुले में पड़ा रहना और डस्ट कंट्रोल नियमों का कमजोर पालन भी स्थिति को और खराब कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित होते शहर में निर्माण गतिविधियों पर सख्त निगरानी के बिना प्रदूषण पर काबू पाना मुश्किल है।

नोएडा में प्रशासनिक सख्ती की कमी भी बनी वजह

रिपोर्ट के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण के मोर्चे पर प्रशासनिक सख्ती अपेक्षित स्तर पर नहीं दिखी। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने, सड़कों की नियमित मैकेनिकल सफाई कराने और धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय लागू करने में ढिलाई साफ नजर आती है। नोएडा में सार्वजनिक परिवहन की सीमित व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। शहर के विस्तार के मुकाबले मजबूत सिटी बस नेटवर्क और लास्ट माइल कनेक्टिविटी का अभाव लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर बना रहा है। यही वजह है कि ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के साथ प्रदूषण का ग्राफ भी ऊपर जा रहा है।

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक संकेत

विशेषज्ञों ने चेताया है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की खराब होती हवा केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि यह सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा संकट है। लंबे समय तक उच्च स्तर के पीएम 2.5 के संपर्क में रहने से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर गंभीर असर पड़ सकता है। सांस संबंधी दिक्कतें, एलर्जी, फेफड़ों की बीमारी और हृदय संबंधी समस्याएं ऐसे प्रदूषण से और बढ़ सकती हैं। यही कारण है कि CREA की यह रिपोर्ट नोएडा के लिए एक चेतावनी की तरह देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह संकट और गहरा सकता है। Noida News

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