नोएडा में लगने वाले जाम से निजात के लिए एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी

छिजारसी कट से एफएनजी मार्ग को जोड़ने के लिए लगभग 640 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड प्रस्तावित किया गया है, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

trafic jam (2)
ट्रैफिक जाम
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Feb 2026 02:52 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-63 और आसपास के इलाकों में रोज लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए एक नई एलिवेटेड सड़क परियोजना पर काम शुरू करने की तैयारी है। छिजारसी कट से एफएनजी मार्ग को जोड़ने के लिए लगभग 640 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड प्रस्तावित किया गया है, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

परियोजना की मुख्य बातें

* एलिवेटेड रोड छिजारसी कट से बहलोलपुर चौकी तक बनाया जाएगा।

* यह संरचना एसजीएम अस्पताल के पास नीचे उतरेगी और वहीं से ऊपर चढ़ेगी।

* इस सड़क के तैयार होने से एनएच-9 और एफएनजी की ओर जाने वाले वाहनों को सीधा मार्ग मिलेगा।

* सेक्टर-63 के औद्योगिक क्षेत्र में जाने वाले आंतरिक रास्तों को भी रोटरी सिस्टम के जरिए जोड़ा जा सकता है।

समस्या क्यों गंभीर है?

सेक्टर-63 से 68 तक फैले औद्योगिक क्षेत्र में हजारों कर्मचारी रोजाना आते-जाते हैं। अनुमान है कि करीब तीन लाख लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं। दफ्तर के समय में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। शाम के समय सड़क किनारे लगने वाले अस्थायी बाजार से भी ट्रैफिक पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

आगे की कार्यवाही

* विस्तृत सर्वेक्षण के लिए पांच कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

* सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नई डीपीआर तैयार होगी।

* पहले अनुमान में लागत लगभग 700 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन अब नए सिरे से आकलन किया जाएगा।

* अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों को भेजा गया है।

सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव

छिजारसी मोड़ से एफएनजी तक सड़क को करीब डेढ़ मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। यदि यह योजना लागू होती है तो एलिवेटेड रोड बनने से पहले ही कुछ हद तक जाम से राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, यह परियोजना न केवल सेक्टर-63 के औद्योगिक क्षेत्र बल्कि आसपास की रिहायशी कॉलोनियों के लिए भी राहत लेकर आ सकती है और रोजमर्रा की आवाजाही को सुगम बना सकती है।


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नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले साइबर गैंग का पदार्फाश, एसटीएफ ने 6 को दबोचा

नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यही गिरोह आॅनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था।

school bom
नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Feb 2026 06:21 PM
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Noida News : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नोएडा में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यही गिरोह आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था। एसटीएफ ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

कैसे खुला स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल का राज?

23 जनवरी 2026 को गौतमबुद्ध नगर के कई निजी और सरकारी स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ई-मेल प्राप्त हुए थे। इन ई-मेल्स के बाद स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाना सूरजपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी।

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। धमकी भरे ई-मेल एक रिकवरी ई-मेल आईडी से जुड़े पाए गए, जिसकी लोकेशन गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में ट्रेस हुई। इसी आधार पर एसटीएफ ने गुप्त निगरानी शुरू की और अंतत: छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।

आनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए चल रही थी करोड़ों की ठगी

जांच में पता चला कि आरोपी एक अवैध आॅनलाइन बेटिंग ऐप का संचालन कर रहे थे। यह गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी प्रचार के माध्यम से लोगों को ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करता था। शुरुआत में छोटे-मोटे लाभ दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम जमा करवाकर उन्हें ठगा जाता था। गिरोह के सदस्य तकनीकी रूप से काफी दक्ष थे। उन्हें कॉल सेंटर और टेक सपोर्ट का अनुभव था, जिससे वे विदेशी नंबरों और फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क वर्ष 2023 से सक्रिय था और लगातार अपने तरीके बदलता रहता था।

नेपाल और बिहार समेत कई राज्यों से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनंत कुमार (आगरा), अमीष जंग कारकी (नेपाल), दिव्यांशु (बिहार), लेखनाथ शर्मा (नेपाल), केदारनाथ (नेपाल) और साहिल कुमार (बिहार) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कुछ आरोपी विदेशों, विशेषकर आॅस्ट्रेलिया और नेपाल से बीबीए और एमबीए जैसी डिग्रियां हासिल कर चुके हैं। पुलिस का मानना है कि इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और तकनीकी जानकारी ने उन्हें साइबर अपराध को संगठित तरीके से अंजाम देने में मदद की।

भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्जी दस्तावेज बरामद

छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और किन-किन मामलों में भूमिका निभाई है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद डिजिटल डेटा से और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। संभावना है कि यह गिरोह देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय रहा हो।

लंबे समय से चल रही थी निगरानी

सूत्रों के मुताबिक, यूपी एसटीएफ पिछले कई महीनों से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी विश्लेषण, सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने सटीक जानकारी जुटाई और सही समय पर कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। Noida News



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प्यार में अंधा हो चुका था प्रेमिका को मारने वाला, प्रेम कहानी का दुखद अंत

नोएडा पुलिस की जांच में स्पष्ट हो चुका है कि इस घटना में मरने वाला युवक प्यार में पूरी तरिके से अँधा हो चुका था। नोएडा पुलिस इस पूरे मामले की बारी बारीक से गुत्थी की जांच कर रही है।

नोएडा डबल डेथ केस
नोएडा डबल डेथ केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Feb 2026 09:58 PM
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Noida News : नोएडा में वैलेंटाइन के मौके पर हुए डबल डेथ मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। वैलेंटाइन डे के मौके पर नोएडा में हुए डबल डेथ मामले नोएडा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नोएडा पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक इस घटना में मरने वाले युवक तथा युवती करीब 15 साल से रिलेशनशिप में थे और हाल के दिनों में शादी को लेकर दोनों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। नोएडा पुलिस की जांच में स्पष्ट हो चुका है कि इस घटना में मरने वाला युवक प्यार में पूरी तरिके से अँधा हो चुका था। नोएडा पुलिस इस पूरे मामले की बारी बारीक से गुत्थी की जांच कर रही है। 

शादी को लेकर बढ़ा था विवाद

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृत युवती की पहचान रेखा के रूप में हुई है, जो थाना सेक्टर-58 क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है। वहीं मृत युवक की पहचान सुमित के रूप में हुई है, जो दिल्ली के त्रिलोकपुरी का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों लंबे समय से संपर्क में थे और एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, युवती की किसी अन्य जगह शादी तय होने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा था। इसी तनाव को घटना से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले दोनों अपने-अपने घरों से लापता हो गए थे। परिजनों की ओर से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद नोएडा में एक कार के अंदर दोनों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर युवक के हाथ में पिस्टल मिलने की बात भी कही जा रही है।

आखिरी मैसेज से खुला शादी वाला विवाद

पुलिस को जांच के दौरान युवक द्वारा भेजे गए एक मैसेज की जानकारी मिली है, जिसमें उसने रिश्ते की अवधि और विवाद का जिक्र किया था। युवक का दावा था कि दोनों 15 साल से साथ थे और शादी का वादा हुआ था, लेकिन युवती अब किसी और से विवाह करने जा रही थी। पुलिस इस संदेश को डिजिटल सबूत मानते हुए उसकी सत्यता, समय और परिस्थितियों की पुष्टि कर रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्य, कार की फोरेंसिक जांच, कॉल डिटेल, चैट, लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है और हर एंगल से जांच की जा रही है। Noida News

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