नोएडा में आज सेक्टर-51 से सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन तक 36.90 करोड़ रुपये की लागत से बने स्काईवॉक का लोकार्पण होगा। इससे एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के बीच इंटरचेंज आसान होगा।

नोएडा और दिल्ली के बीच मेट्रो से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन तक बनाए गए स्काईवॉक का रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा। करीब 36.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना से नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन के बीच इंटरचेंज पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। नोएडा प्राधिकरण ने भी 4 अक्टूबर को इसके लोकार्पण की पुष्टि की है। आज सुबह 11 बजे सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन के पास आयोजित होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम में गौतमबुद्धनगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और नोएडा विधायक पंकज सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
सेक्टर-51 स्टेशन नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का प्रमुख स्टेशन है, जहां से यात्री ग्रेटर नोएडा की ओर जाते हैं। वहीं सेक्टर-52 स्टेशन दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से जुड़ा है। अब इन दोनों स्टेशनों के बीच बेहतर पैदल कनेक्टिविटी मिलने से यात्री आसानी से एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो दिल्ली से नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा या ग्रेटर नोएडा से दिल्ली की ओर सफर करते हैं।
सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच इंटरचेंज करने वाले यात्रियों को पहले सड़क और पैदल मार्ग के जरिए स्टेशन बदलना पड़ता था। स्काईवॉक ने दोनों स्टेशनों के बीच सुरक्षित और सुविधाजनक कनेक्शन उपलब्ध कराया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट की तर्ज पर ट्रैवलेटर की सुविधा भी दी गई है। इससे बुजुर्ग यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और भारी सामान लेकर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी।
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल दो मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाला पैदल मार्ग नहीं है, बल्कि दिल्ली मेट्रो और नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो के बीच इंटरचेंज को मजबूत करने वाली अहम कड़ी है। दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से आने वाला यात्री सेक्टर-52 पर उतरकर स्काईवॉक के जरिए सेक्टर-51 पहुंचेगा और वहां से एक्वा लाइन की मेट्रो लेकर नोएडा के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। इसी तरह ग्रेटर नोएडा से आने वाले यात्री सेक्टर-51 से स्काईवॉक के जरिए सेक्टर-52 पहुंचकर दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पकड़ सकेंगे।
स्काईवॉक की सुविधा शुरू होने के बाद एक्वा लाइन पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर में एक्वा लाइन पर प्रतिदिन यात्रियों की संख्या करीब 85 हजार से अधिक बताई गई, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा लगभग 70 हजार प्रतिदिन के आसपास था। यानी सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच बेहतर कनेक्टिविटी का असर सीधे मेट्रो यात्रियों की संख्या पर दिखाई देने लगा है।
नोएडा तेजी से दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख आवागमन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली के बीच बढ़ते यातायात को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी को मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण है। 36.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्काईवॉक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज होने वाला लोकार्पण नोएडा की मेट्रो कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, आज का लोकार्पण नोएडा की मेट्रो कनेक्टिविटी को दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच और मजबूत करने वाला अहम अवसर है। स्काईवॉक के कारण यात्रियों को स्टेशन बदलने में सुविधा मिलेगी और नोएडा-ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन का सफर पहले से अधिक सुगम होगा।
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