नोएडा में आधार-पैन देना पड़ा भारी, घर पहुंच गया करोड़ों का नोटिस
नोएडा में नौकरी दिलाने का भरोसा एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। बेहतर रोजगार की उम्मीद में उसने अपने परिचित को आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंप दिए, लेकिन बाद में यही कागजात उसके खिलाफ मुसीबत की वजह बन गए।

Noida News : नोएडा में नौकरी दिलाने का भरोसा एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। बेहतर रोजगार की उम्मीद में उसने अपने परिचित को आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंप दिए, लेकिन बाद में यही कागजात उसके खिलाफ मुसीबत की वजह बन गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर फर्जी फर्म खड़ी कर दी गई और करोड़ों रुपये का लेनदेन दिखाया गया। पूरा मामला तब सामने आया, जब युवक के घर इनकम टैक्स विभाग से भारी-भरकम देनदारी का नोटिस पहुंचा। अब अदालत के आदेश पर बादलपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नोएडा के बादलपुर क्षेत्र से जुड़ा है मामला
मामला नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित अंशुल शर्मा, जो ग्राम बिसलौनी का रहने वाला है, ने अदालत में दी गई शिकायत में कहा कि वह दादरी स्थित हीरो मोटर्स में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वर्ष 2018 में गांव के ही शिवम उर्फ जैगुआर पुत्र विजेंद्र ने उसे बेहतर कंपनी में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बायोडाटा और कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर ले लिए। उस समय उसे भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही अच्छी नौकरी मिल जाएगी, लेकिन बाद में यही भरोसा उसके लिए बड़ी परेशानी बन गया।
इनकम टैक्स नोटिस से खुली फर्जीवाड़े की परत
अंशुल शर्मा का कहना है कि 21 दिसंबर 2023 को उसे इनकम टैक्स विभाग से एक नोटिस मिला। इस नोटिस में उसके पैन नंबर से एक फर्म रजिस्टर्ड होने की जानकारी सामने आई। नोटिस देखकर वह हैरान रह गया, क्योंकि उसने अपने नाम से कभी कोई फर्म न तो बनाई थी और न ही किसी तरह का कारोबारी लेनदेन किया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने उसके नाम पर दो फर्जी फर्म तैयार कर करीब 61 करोड़ 11 लाख 69 हजार 175 रुपये का लेनदेन दिखाया। इसी आधार पर पीड़ित पर लगभग 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 735 रुपये की टैक्स देनदारी दर्शाई गई। इतने बड़े वित्तीय बोझ का नोटिस मिलने के बाद पीड़ित को समझ आया कि उसके दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया है।
अदालत के आदेश पर नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पीड़ित ने बताया कि उसने 29 दिसंबर 2023 को इनकम टैक्स विभाग को जवाब भेजकर साफ किया कि उसके नाम पर दर्ज फर्म और उससे जुड़े लेनदेन फर्जी हैं। उसने यह भी कहा कि उसने कोई व्यवसाय शुरू नहीं किया और उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह पूरा खेल रचा गया है। इसके बावजूद, अंशुल के अनुसार, उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बाद में उसने जनवरी 2024 में थाना बादलपुर में भी शिकायत दी, लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। आखिरकार उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने थाना बादलपुर पुलिस को निर्देश दिया कि शिवम उर्फ जैगुआर और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। अदालत के आदेश के बाद नोएडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। Noida News
Noida News : नोएडा में नौकरी दिलाने का भरोसा एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। बेहतर रोजगार की उम्मीद में उसने अपने परिचित को आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंप दिए, लेकिन बाद में यही कागजात उसके खिलाफ मुसीबत की वजह बन गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर फर्जी फर्म खड़ी कर दी गई और करोड़ों रुपये का लेनदेन दिखाया गया। पूरा मामला तब सामने आया, जब युवक के घर इनकम टैक्स विभाग से भारी-भरकम देनदारी का नोटिस पहुंचा। अब अदालत के आदेश पर बादलपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नोएडा के बादलपुर क्षेत्र से जुड़ा है मामला
मामला नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित अंशुल शर्मा, जो ग्राम बिसलौनी का रहने वाला है, ने अदालत में दी गई शिकायत में कहा कि वह दादरी स्थित हीरो मोटर्स में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वर्ष 2018 में गांव के ही शिवम उर्फ जैगुआर पुत्र विजेंद्र ने उसे बेहतर कंपनी में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बायोडाटा और कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर ले लिए। उस समय उसे भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही अच्छी नौकरी मिल जाएगी, लेकिन बाद में यही भरोसा उसके लिए बड़ी परेशानी बन गया।
इनकम टैक्स नोटिस से खुली फर्जीवाड़े की परत
अंशुल शर्मा का कहना है कि 21 दिसंबर 2023 को उसे इनकम टैक्स विभाग से एक नोटिस मिला। इस नोटिस में उसके पैन नंबर से एक फर्म रजिस्टर्ड होने की जानकारी सामने आई। नोटिस देखकर वह हैरान रह गया, क्योंकि उसने अपने नाम से कभी कोई फर्म न तो बनाई थी और न ही किसी तरह का कारोबारी लेनदेन किया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने उसके नाम पर दो फर्जी फर्म तैयार कर करीब 61 करोड़ 11 लाख 69 हजार 175 रुपये का लेनदेन दिखाया। इसी आधार पर पीड़ित पर लगभग 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 735 रुपये की टैक्स देनदारी दर्शाई गई। इतने बड़े वित्तीय बोझ का नोटिस मिलने के बाद पीड़ित को समझ आया कि उसके दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया है।
अदालत के आदेश पर नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पीड़ित ने बताया कि उसने 29 दिसंबर 2023 को इनकम टैक्स विभाग को जवाब भेजकर साफ किया कि उसके नाम पर दर्ज फर्म और उससे जुड़े लेनदेन फर्जी हैं। उसने यह भी कहा कि उसने कोई व्यवसाय शुरू नहीं किया और उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह पूरा खेल रचा गया है। इसके बावजूद, अंशुल के अनुसार, उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बाद में उसने जनवरी 2024 में थाना बादलपुर में भी शिकायत दी, लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। आखिरकार उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने थाना बादलपुर पुलिस को निर्देश दिया कि शिवम उर्फ जैगुआर और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। अदालत के आदेश के बाद नोएडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। Noida News












