नोएडा में आधार-पैन देना पड़ा भारी, घर पहुंच गया करोड़ों का नोटिस

नोएडा में नौकरी दिलाने का भरोसा एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। बेहतर रोजगार की उम्मीद में उसने अपने परिचित को आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंप दिए, लेकिन बाद में यही कागजात उसके खिलाफ मुसीबत की वजह बन गए।

नोएडा में नौकरी के बहाने बड़ा खेल
नोएडा में नौकरी के बहाने बड़ा खेल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Mar 2026 01:52 PM
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Noida News :  नोएडा में नौकरी दिलाने का भरोसा एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। बेहतर रोजगार की उम्मीद में उसने अपने परिचित को आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज सौंप दिए, लेकिन बाद में यही कागजात उसके खिलाफ मुसीबत की वजह बन गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर फर्जी फर्म खड़ी कर दी गई और करोड़ों रुपये का लेनदेन दिखाया गया। पूरा मामला तब सामने आया, जब युवक के घर इनकम टैक्स विभाग से भारी-भरकम देनदारी का नोटिस पहुंचा। अब अदालत के आदेश पर बादलपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा के बादलपुर क्षेत्र से जुड़ा है मामला

मामला नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित अंशुल शर्मा, जो ग्राम बिसलौनी का रहने वाला है, ने अदालत में दी गई शिकायत में कहा कि वह दादरी स्थित हीरो मोटर्स में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। वर्ष 2018 में गांव के ही शिवम उर्फ जैगुआर पुत्र विजेंद्र ने उसे बेहतर कंपनी में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने नौकरी की प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बायोडाटा और कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर ले लिए। उस समय उसे भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही अच्छी नौकरी मिल जाएगी, लेकिन बाद में यही भरोसा उसके लिए बड़ी परेशानी बन गया।

इनकम टैक्स नोटिस से खुली फर्जीवाड़े की परत

अंशुल शर्मा का कहना है कि 21 दिसंबर 2023 को उसे इनकम टैक्स विभाग से एक नोटिस मिला। इस नोटिस में उसके पैन नंबर से एक फर्म रजिस्टर्ड होने की जानकारी सामने आई। नोटिस देखकर वह हैरान रह गया, क्योंकि उसने अपने नाम से कभी कोई फर्म न तो बनाई थी और न ही किसी तरह का कारोबारी लेनदेन किया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने उसके नाम पर दो फर्जी फर्म तैयार कर करीब 61 करोड़ 11 लाख 69 हजार 175 रुपये का लेनदेन दिखाया। इसी आधार पर पीड़ित पर लगभग 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 735 रुपये की टैक्स देनदारी दर्शाई गई। इतने बड़े वित्तीय बोझ का नोटिस मिलने के बाद पीड़ित को समझ आया कि उसके दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया है।

अदालत के आदेश पर नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पीड़ित ने बताया कि उसने 29 दिसंबर 2023 को इनकम टैक्स विभाग को जवाब भेजकर साफ किया कि उसके नाम पर दर्ज फर्म और उससे जुड़े लेनदेन फर्जी हैं। उसने यह भी कहा कि उसने कोई व्यवसाय शुरू नहीं किया और उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह पूरा खेल रचा गया है। इसके बावजूद, अंशुल के अनुसार, उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। बाद में उसने जनवरी 2024 में थाना बादलपुर में भी शिकायत दी, लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। आखिरकार उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने थाना बादलपुर पुलिस को निर्देश दिया कि शिवम उर्फ जैगुआर और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। अदालत के आदेश के बाद नोएडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। Noida News

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नोएडा स्पोर्ट्स सिटी में बिना ओसी फ्लैट सौंपने पर प्राधिकरण सख्त, नोटिस जारी

नोएडा के सेक्टर-150 स्थित Sports City SC-2 प्रोजेक्ट से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां करीब 8 हजार फ्लैट खरीदारों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी होने से पहले ही पजेशन दे दिया गया।

नोएडा पजेशन विवाद
नोएडा पजेशन विवाद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Mar 2026 11:52 AM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 स्थित Sports City SC-2 प्रोजेक्ट से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां करीब 8 हजार फ्लैट खरीदारों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी होने से पहले ही पजेशन दे दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन फ्लैटों में बड़ी संख्या में लोग पिछले कई वर्षों से रह भी रहे हैं, जबकि संबंधित परियोजनाओं को आधिकारिक रूप से अभी तक रहने की अनुमति नहीं मिली थी। अब इस पूरे मामले पर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने संबंधित बिल्डरों को नोटिस जारी कर पूछा है कि आखिर बिना OC के फ्लैटों का पजेशन किस आधार पर दिया गया। नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है और साफ किया है कि जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

नोएडा में बिना OC पजेशन से बढ़े सवाल

नोएडा में किसी भी आवासीय परियोजना में फ्लैट खरीदारों को पजेशन देने से पहले ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है। यह प्रमाणपत्र इस बात की पुष्टि करता है कि प्रोजेक्ट निर्माण मानकों, सुरक्षा नियमों और बुनियादी सुविधाओं की आवश्यक शर्तों को पूरा करता है। यानी जब तक OC जारी नहीं होता, तब तक किसी परियोजना में लोगों को रहने की वैधानिक अनुमति नहीं मानी जाती। ऐसे में नोएडा स्पोर्ट्स सिटी में हजारों फ्लैटों का बिना OC पजेशन दिया जाना नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कई खरीदारों को यह तक जानकारी नहीं थी कि जिस प्रोजेक्ट में उन्हें घर दिया गया, वहां OC अभी लंबित है।

नोएडा प्राधिकरण ने आगे की पजेशन प्रक्रिया पर लगाई रोक

मामला सामने आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने केवल नोटिस जारी कर जवाब नहीं मांगा, बल्कि जिन तैयार फ्लैटों का पजेशन आगे दिया जाना था, उस प्रक्रिया पर भी फिलहाल रोक लगा दी है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बिल्डरों के जवाब, परियोजना की स्थिति और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। इस कदम से साफ है कि नोएडा प्राधिकरण अब इस प्रकरण को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। प्राधिकरण यह जानना चाहता है कि इतने बड़े स्तर पर पजेशन की प्रक्रिया कैसे पूरी कर दी गई, जबकि जरूरी वैधानिक मंजूरी उपलब्ध नहीं थी।

बिजली-पानी और सुरक्षा इंतजामों की होगी पड़ताल

नोएडा प्राधिकरण के ACEO सतीश पाल ने बताया कि संबंधित बिल्डरों को करीब 6 से 7 दिन पहले नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में साफ पूछा गया है कि बिना OC के फ्लैटों का कब्जा किन परिस्थितियों में सौंपा गया। इसके साथ ही प्राधिकरण ने परियोजना में फायर सेफ्टी, बिजली-पानी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का भी पूरा ब्योरा मांगा है। दरअसल, नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में किसी भी आवासीय प्रोजेक्ट में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं सबसे अहम मानी जाती हैं। ऐसे में यदि बिना OC लोगों को बसाया गया है, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि निवासियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी बन सकता है।

नोएडा के घर खरीदारों में बढ़ी चिंता

नोएडा स्पोर्ट्स सिटी का यह मामला उन हजारों घर खरीदारों के लिए चिंता का कारण बन गया है, जिन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ यहां अपना आशियाना खरीदा। अब उनके सामने यह सवाल खड़ा है कि अगर परियोजना को अब तक OC नहीं मिला था, तो उन्हें पजेशन कैसे दिया गया और इतने समय तक यह स्थिति अनदेखी कैसे रही। नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर में यह मामला एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और नियामक निगरानी को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजर बिल्डरों के जवाब और नोएडा प्राधिकरण की अगली कार्रवाई पर टिकी है। Noida News

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अचानक बिगड़ी शूटर दादी की सेहत, नोएडा में कराया गया भर्ती

उत्तर प्रदेश के साथ- साथ देशभर में ‘शूटर दादी’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ निशानेबाज प्रकाशी तोमर की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के जौहड़ी गांव की रहने वाली प्रकाशी तोमर को नाक से जुड़ी गंभीर समस्या के बाद नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रकाशी तोमर
प्रकाशी तोमर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Mar 2026 10:24 AM
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Noida News : उत्तर प्रदेश के साथ- साथ देशभर में ‘शूटर दादी’ के नाम से मशहूर वरिष्ठ निशानेबाज प्रकाशी तोमर की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के जौहड़ी गांव की रहने वाली प्रकाशी तोमर को नाक से जुड़ी गंभीर समस्या के बाद नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके अस्वस्थ होने की खबर सामने आते ही खेल प्रेमियों, प्रशंसकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह प्रकाशी तोमर अपने घर पर रोजमर्रा के कामकाज में लगी हुई थीं। इसी दौरान अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, उनकी नाक की नस फटने के कारण स्थिति गंभीर हो गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। घर में अफरातफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद परिवार ने बिना देर किए उन्हें पहले बड़ौत के अस्पताल पहुंचाया।

नोएडा के कैलाश अस्पताल में चल रहा इलाज

प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें नोएडा रेफर कर दिया। इसके बाद प्रकाशी तोमर को नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। परिवार की ओर से फिलहाल उनकी हालत पर करीबी नजर रखी जा रही है। प्रकाशी तोमर के नोएडा में भर्ती होने की खबर मिलते ही उनके चाहने वालों ने जल्द स्वस्थ होने की कामना शुरू कर दी है। निशानेबाजी से जुड़े खिलाड़ी, प्रशिक्षु शूटर और खेल जगत के लोग उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार जानकारी ले रहे हैं।

पहले भी नोएडा के अस्पताल में हो चुका है इलाज

यह पहली बार नहीं है जब प्रकाशी तोमर को गंभीर स्वास्थ्य समस्या के चलते नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा हो। इससे पहले भी सितंबर 2023 में सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें नोएडा के अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था। उस समय भी उनकी हालत को लेकर चिंता बढ़ गई थी, हालांकि इलाज के बाद वे स्वस्थ हो गई थीं। परिजनों के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में उन्हें बुखार, ब्लड प्रेशर गिरने और सांस संबंधी परेशानियों जैसी स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। बढ़ती उम्र के कारण डॉक्टर भी उनकी देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।

91 साल की उम्र में भी प्रेरणा हैं प्रकाशी तोमर

करीब 91 वर्ष की प्रकाशी तोमर सिर्फ बागपत या पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का नाम हैं। उन्होंने उस उम्र में निशानेबाजी की दुनिया में कदम रखा, जब अधिकांश लोग सक्रिय जीवन से दूरी बनाने लगते हैं। कहा जाता है कि उन्होंने लगभग 60 वर्ष की उम्र में पहली बार पिस्टल थामी और इसके बाद अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बनाई। उनकी सफलता ने यह साबित किया कि उम्र कभी भी सपनों के रास्ते की दीवार नहीं बन सकती। अपनी सटीक निशानेबाजी और जज्बे के दम पर उन्होंने कई सम्मान हासिल किए और देशभर में अलग पहचान बनाई।

‘सांड की आंख’ से घर-घर पहुंची पहचान

प्रकाशी तोमर के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके जीवन से प्रेरित होकर बनी फिल्म ‘सांड की आंख’ ने भी उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाया। इस फिल्म की शूटिंग उनके गांव जौहड़ी में हुई थी। फिल्म में अभिनेत्री तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने प्रकाशी तोमर और चंद्रो तोमर के किरदार निभाए थे। फिल्म के बाद से प्रकाशी तोमर का नाम खेल, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण प्रतिभा की मिसाल के रूप में और अधिक चर्चित हुआ। आज भी वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जाती हैं। Noida News

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