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नोएडा में एक बार फिर लापरवाही ने एक छात्र की जान ले ली। सेक्टर-94 में पानी से भरे एक गड्ढे में डूबने से एक छात्र की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद तीन अन्य छात्रों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

Noida News : नोएडा में एक बार फिर लापरवाही ने एक छात्र की जान ले ली। सेक्टर-94 में पानी से भरे एक गड्ढे में डूबने से एक छात्र की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद तीन अन्य छात्रों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे ने कुछ समय पहले हुए चर्चित युवराज कांड की दर्दनाक यादों को फिर से ताज़ा कर दिया है और एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के दावों और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार शहर की एक नामचीन यूनिवर्सिटी के चार छात्र परीक्षा समाप्त होने के बाद जश्न मनाने के लिए सेक्टर-94 इलाके में पहुंचे थे। यहां एक खाली प्लॉट में काफी गहरा गड्ढा था, जिसमें लंबे समय से पानी भरा हुआ था। बताया जा रहा है कि गर्मी और उत्साह में चारों छात्र उस गड्ढे में नहाने के लिए कूद गए। लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई और एक छात्र गहरे पानी में फंसकर डूब गया। बाकी तीन छात्र भी संकट में आ गए, जिनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। काफी प्रयास के बाद तीन छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चौथे छात्र को बचाया नहीं जा सका। उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों के परिजनों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
नोएडा में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पानी से भरे गड्ढे में डूबने से इंजीनियर युवराज की मौत का मामला काफी चर्चा में रहा था। उस घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने शहर में मौजूद ऐसे खतरनाक स्थानों को चिन्हित करने और उन्हें सुरक्षित बनाने के बड़े-बड़े दावे किए थे। उस समय प्राधिकरण के नए सीईओ ने डेथ पॉइंट्स की पहचान करने, विभागों में बदलाव करने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे। कागजों पर कई फैसले हुए और अधिकारियों ने सख्त कदम उठाने की बात कही थी।
लेकिन सेक्टर-94 की यह ताज़ा घटना बताती है कि ज्यादातर कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित रह गई। शहर में कई जगह खाली प्लॉट और निर्माण स्थलों पर गहरे गड्ढों में पानी भरा रहता है, जो किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ऐसे गड्ढों को भरने या सुरक्षित करने की ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि जब युवराज कांड के बाद इतने बड़े स्तर पर आदेश जारी हुए थे, तो फिर ऐसे खतरनाक गड्ढे खुले क्यों पड़े हैं। यदि समय रहते इन स्थानों को सुरक्षित किया जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। शहर के लोगों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण को केवल आदेश जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर भी सख्ती से कार्रवाई करनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना के बाद नोएडा के लोगों में चिंता बढ़ गई है। नागरिकों का कहना है कि शहर में लगातार हो रहे ऐसे हादसे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हैं। यदि समय रहते खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक शहर के लोग प्रशासनिक लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे। Noida News