Noida Sewer Death News: इसके बाद फेज-2 थाना पुलिस और फायर टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद सफाईकर्मी को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

नोएडा के गेझा गांव में सीवर सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सफाईकर्मी बिना सुरक्षा उपकरण और गैस जांच के सीवर लाइन में उतरे थे जिसके बाद वह अंदर ही बेहोश हो गए। काफी देर तक बाहर नहीं निकलने पर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उन्हें बाहर निकाला लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर शाम गेझा गांव में सीवर सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान सेक्टर-44 निवासी शिवा सीवर लाइन में उतरे थे। कुछ देर बाद वह अंदर ही बेहोश हो गए और काफी समय तक बाहर नहीं आए। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी। इसके बाद फेज-2 थाना पुलिस और फायर टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद सफाईकर्मी को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. संचिता शर्मा ने बताया कि, गेझा, सेक्टर-93 से शिवा नाम के व्यक्ति का शव रात करीब 8:55 बजे अस्पताल लाया गया था। शिवा सेक्टर-44 के रहने वाले थे। डॉक्टर के अनुसार, पुलिस और परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे। शुरुआती जांच में उनकी हालत बेहद गंभीर थी। जांच के दौरान उनकी वाइटल्स रिकॉर्ड नहीं हो पा रही थीं, ईसीजी में किसी तरह की गतिविधि नहीं दिखाई दी और आंखों की पुतलियों में भी कोई रिफ्लेक्स नहीं था। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय ही शिवा की स्थिति ऐसी थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। जानकारी के मुताबिक, सीवर लाइन में उतरने के बाद वह काफी देर तक अंदर ही फंसे रहे थे जिसके बाद रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला गया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीवर में उतरने से पहले गैस की जांच नहीं की गई थी और न ही कर्मचारी को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। सीवर के अंदर जहरीली गैसों का खतरा रहता है ऐसे में विशेषज्ञ हमेशा गैस जांच, ऑक्सीजन व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। बिना इन व्यवस्थाओं के सीवर में उतरना बेहद खतरनाक माना जाता है।
मृतक शिवा के भाई ऋतिक ने हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत सीवर में डूबने की वजह से हुई और इसके लिए प्राधिकरण की लापरवाही जिम्मेदार है। ऋतिक का आरोप है कि प्राधिकरण के पास सीवर सफाई के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें मौजूद हैं लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया जाता और वे सिर्फ खड़ी-खड़ी खराब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका भाई करीब चार घंटे तक सीवर के अंदर फंसा रहा लेकिन मौके पर कोई अधिकारी मदद के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद एक व्यक्ति भी वहां से चला गया। ऋतिक के मुताबिक, एक इंजन मौजूद था लेकिन शिवा के सीवर में गिरने के बाद उसे भी तुरंत हटा लिया गया। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई उचित मशीनरी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। ऋतिक ने बताया कि आखिर में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम की मदद से उनके भाई को बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि जब वह मौके पर पहुंचे तो वहां पुलिसकर्मी मौजूद थे और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच चुकी थी। पुलिस की मदद से ही रेस्क्यू कर शिवा को बाहर निकाला गया।
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए चार से पांच लोगों के सीवर में फंसे होने की चर्चा फैल गई थी। हालांकि पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि सीवर लाइन के अंदर केवल एक ही सफाईकर्मी गया था। मौके पर मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया था और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए थे। रेस्क्यू टीम ने स्थिति को संभालते हुए कर्मचारी को बाहर निकाला।
घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण की ओर से संबंधित ठेकेदार कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित ठेकेदार एम/एस शिवजी कंस्ट्रक्शंस कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा जूनियर इंजीनियर राकेश कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। संबंधित प्रबंधक के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्राधिकरण की ओर से मृतक के परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
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