नोएडा में नवरत्न फाउंडेशन्स के 21वें वार्षिक संगीतमय आयोजन ‘शुक्रिया मुकेश-2026’ में महान पार्श्वगायक मुकेश के अमर गीतों को याद किया गया। दिवाकर शर्मा समेत दिल्ली-NCR के चर्चित गायकों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को पुरानी यादों में पहुंचा दिया।

नोएडा। महान पार्श्वगायक मुकेश की अमर आवाज और उनके सदाबहार गीतों को समर्पित नवरत्न फाउंडेशन्स का 21वां वार्षिक संगीतमय आयोजन ‘शुक्रिया मुकेश-2026’ रविवार को सेक्टर-6 स्थित NEA भवन सभागार में भावपूर्ण एवं संगीतमय वातावरण में आयोजित किया गया। मुकेश के गीतों से सजी इस शाम में प्रेम, विरह, संवेदना और पुरानी यादों का ऐसा संगम देखने को मिला कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी उनके गीतों की गूंज श्रोताओं के दिलों में बनी रही।
कार्यक्रम में दिल्ली-NCR के अनेक प्रतिष्ठित गायकों ने मुकेश के कालजयी गीत प्रस्तुत कर उन्हें भावपूर्ण संगीतमयी श्रद्धांजलि दी। जैसे ही मंच से ‘जाने कहां गए वो दिन’, ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’, ‘एक प्यार का नगमा है’, ‘मैं न भूलूंगा’, ‘मेरा जूता है जापानी’ और ‘फूल तुम्हें भेजा है खत में’ जैसे लोकप्रिय गीतों की स्वर लहरियां गूंजीं, सभागार तालियों से गूंज उठा। मुकेश के गीतों की खासियत रही है कि उनकी आवाज में बनावटीपन के बजाय एक सहज अपनापन और आम इंसान के भावों की गहराई महसूस होती थी। यही वजह रही कि दशकों बाद भी उनके गीत हर उम्र के श्रोताओं के बीच अपनी जगह बनाए हुए हैं। ‘शुक्रिया मुकेश-2026’ इसी अमर संगीत विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास नजर आया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ZEE TV के सा रे गा मा पा लिटिल चैम्प तथा ‘द राइजिंग स्टार’ से चर्चित गायक दिवाकर शर्मा की विशेष प्रस्तुति रही। उन्होंने मुकेश के लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज में प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दिवाकर शर्मा के साथ डॉ. अशोक श्रीवास्तव, संजय पांडेय, सोमेश्वर शर्मा, पंकज माथुर, कपिल तिवारी, विनय सेठिया सहित अनेक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
नवरत्न फाउंडेशन्स द्वारा आयोजित ‘शुक्रिया मुकेश’ अब नोएडा के सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। इस वर्ष इसका 21वां संस्करण आयोजित किया गया। दो दशक से अधिक समय से लगातार मुकेश की संगीत विरासत को समर्पित इस आयोजन ने यह साबित किया है कि अच्छे संगीत की उम्र नहीं होती और सच्चे कलाकार की आवाज समय के साथ पुरानी नहीं पड़ती। नवरत्न फाउंडेशन्स के अध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि मुकेश जी की आवाज में सादगी, संवेदना और अपनापन था, जो आज भी सीधे श्रोताओं के दिल तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि ‘शुक्रिया मुकेश’ उस अमर आवाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण श्रीमती अनिता भालवार का लंबे अंतराल के बाद साहित्यिक अंदाज में मंच संचालन करना रहा। उनके साथ डॉ. अशोक श्रीवास्तव तथा RJ कपिल तिवारी ने भी मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। मंच संचालन के दौरान गीतों और मुकेश के संगीत सफर से जुड़े संदर्भों ने कार्यक्रम की भावनात्मक गहराई को और बढ़ाया।
कार्यक्रम को शानदार संगीतात्मक आधार देने में गंधर्व बैंड और जीतू बजाज के साउंड का महत्वपूर्ण योगदान रहा। डिजिटल प्रस्तुति में संजय पांडेय, पंकज माथुर एवं अंशुमाली सिन्हा ने सहयोग किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों और बेहतर ध्वनि व्यवस्था के कारण सभागार में बैठे दर्शकों को संगीत का शानदार अनुभव मिला।
‘शुक्रिया मुकेश-2026’ में नोएडा और दिल्ली-NCR की अनेक प्रमुख हस्तियों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम का आनंद लिया। इस अवसर पर विशेष रूप से लायन मान सिंह चौहान, मुकुल वाजपेयी, बाबा कानपुरी, ज्योति सक्सेना, मृदुला सक्सेना, नवनीत सक्सेना, अनुभा उपाध्याय, विनोद पाण्डेय, अवनींद्र ठाकुर, मुकेश निगम, अरविन्द श्रीवास्तव, वर्षा श्रीवास्तव, आर.एन. श्रीवास्तव, रंजन तोमर, राजीव गर्ग, आर.सी. गुप्ता, रंजना चितकारा, प्रेम सागर प्रेम, कर्नल अमिताभ अमित, गीता तिवारी, कमांडर अलोक माथुर, डॉ. कल्पना भूषण और विजय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी कलाकारों और अतिथियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने नवरत्न फाउंडेशन्स के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि आज के तेज भागते दौर में ऐसी संगीतमय शामें पुरानी पीढ़ी की यादों को नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करती हैं।
‘शुक्रिया मुकेश-2026’ की शाम भले ही समाप्त हो गई, लेकिन मुकेश के गीतों की स्वर लहरियां लंबे समय तक श्रोताओं के मन में गूंजती रहीं। वास्तव में मुकेश केवल एक गायक नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के संगीत इतिहास की ऐसी आवाज हैं, जिनके गीत आज भी लोगों की भावनाओं का हिस्सा बने हुए हैं।
नवरत्न फाउंडेशन्स का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि कुछ आवाजें कभी खामोश नहीं होतीं—वे गीत बनकर, याद बनकर और भावनाओं के रूप में हमेशा हमारे साथ चलती रहती हैं। Noioa News
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