नोएडा का टैक्स विभाग बना विवाद का अखाड़ा, शिकायत पर मिली सजा
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 03:41 PM
नोएडा में स्थापित उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग का कार्यालय विवाद का बड़ा अखाड़ा बना हुआ है। नोएडा (गौतमबुद्धनगर) जिले से प्रदेश को मिलने वाला टैक्स नोएडा के इसी कार्यालय के माध्यम से एकत्र किया जाता है। नोएडा का टैक्स वाला यह कार्यालय अधिकारियों के आपसी विवाद का कारण बना हुआ है। नोएडा के टैक्स विभाग में तैनात उन सात अधिकारियों को सजा दे दी गई जिन अधिकारियों ने यहां तैनात IAS अधिकारी संदीप भागिया के ऊपर बड़े ही गंभीर आरोप लगाए थे। Noida News
जिसकी शिकायत की उसका कुछ नहीं बिगड़ा शिकायतकर्ताओं को मिली सजा
नोएडा के कर विभाग के कार्यालय में मुखिया के तौर पर IAS अधिकारी संदीप भागिया तैनात हैं। संदीप भागिया उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग के नोएडा जोन के अपर आयुक्त का पद संभाल रहे हैं। उनके कार्यालय में तैनात महिला अधिकारियों ने उनके ऊपर शोषण, मानसिक उत्पीडऩ यहां तक कि अवैध संबंध बनाने का दबाव डालने तक के बहुत ही गंभीर आरोप लगाए थे। मजेदार बात यह है कि तमाम गंभीर आरोपों के बावजूद संदीप भागिया तो अपनी कुर्सी पर जमे हुए हैं किन्तु उनके विरूद्ध शिकायत करने वाले अधिकारियों की नोएडा जोन से छुट्टी करके उनको गैर जनपदों में बेहद कम महत्व वाले पदों पर भेज दिया गया है। इतना ही नहीं संदीप भागिया की शिकायत करने वाली महिला अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुशासनात्मक जांच अलीगढ़ की कमिश्नर श्रीमती संगीता सिंह को सौंप दी है। जिन अधिकारियों के विरूद्ध यह जांच होनी है उनमें राज्य कर विभाग के नोएडा जोन में तैनात रहे विवेक आर्य, आलोक कुमार, रोहित रावत, प्रियंका, वंदना सिंह, सुरेश पाल तथा शिखा सिंह के नाम शामिल हैं। प्रियंका, वंदना तथा शिखा ने अपने बॉस के ऊपर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। लोगों का कहना है कि यह कैसा न्याय है कि जिसकी शिकायत की गई उसका कुछ नहीं बिगड़ा, किन्तु शिकायत करने वालों की नौकरी खतरे में पड़ गई।
कौन है पॉवरफुल IAS अधिकारी संदीप भागिया?
आपको बता दें कि जिस IAS अधिकारी संदीप भागिया पर गंभीर आरोप लगे हैं वह बहुत ही पॉवरफुल IAS अधिकारी हैं। IAS अधिकारी संदीप भागिया मूलरूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है। संदीप भागिया के पिता दर्शनलाल शिव शांति आश्रम में सेवादार हैं। संदीप ने आशियाना स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद भागिया ने आगे आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की अपनी पढ़ाई पूरी की। उन्होंने सिंधी साहित्य लेकर सिविल सर्विसेज की तैयारी की और सफलता हासिल किया। वर्ष 2017 की सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे में राजधानी के मेधावी के रूप में संदीप भागिया ने अखिल भारतीय स्तर पर 30वां स्थान मिला था। उन्होंने अपने पांचवें और अन्तिम प्रयास में यह सफलता हासिल की है। जिस समय वह सिविल परीक्षा को ब्रेक कर पाए उस दौरान वह इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विसेज में कार्यरत थे। वह वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। आईएएस संदीप भागिया को हाल ही में गौतमबुद्ध नगर के अपर आयुक्त राज्य कर अधिकारी बना कर भेजा गया है। इससे पहले संदीप भागिया यूपी के मुजफ्फरनगर के सीडीओ थे और उससे पहले वह मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से की गई थी संदीप भागिया की शिकायत
आपको बता दें कि संदीप भागिया की शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गई थी। पीड़ित महिलाओं की तरफ से प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ को लिखे गये पत्र में कहा गया था कि, "हम सभी महिला अधिकारी नोएडा जोन में सचल दल एवं सेक्टर में कार्यरत हैं। पिछले करीब 4 माह से जब से संदीप भागिया नोएडा जोन में अपर आयुक्त बने हैं इनके द्वारा शोषण एवं अमानवीय व्यवहार के साथ-साथ हमारे साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। योगी को लिखे गये पत्र में आगे कहा गया था कि, "संदीप भागिया महिला अधिकारियों के साथ गलत भाषा और अपशब्दों का प्रयोग करते हैं, ये महिला अधिकारियों को 'पेल दूंगा', 'बर्बाद कर दूंगा' जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। ये कहते हैं कि यदि मेरी बात नहीं मानोगे तो तुम्हारी नौकरी खा जाऊंगा और तुम्हारे हाथ में कटौरा देकर नौकरी से निकलवा दूंगा। Noida News